सिलिकॉन वैली: क्या आपके फोन पर भी ऐसे मैसेज आते हैं जिनमें लिखा होता है कि आपकी लॉटरी लग गई है या फिर आपके बैंक अकाउंट में कोई दिक्कत है? हम सबने कभी न कभी ऐसे मैसेज देखे हैं और कई बार अनजाने में किसी लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिसके बाद शुरू होता है असली टेंशन। लेकिन अब एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एक बड़ी राहत आई है।
पॉपुलर सर्विस NordVPN ने अपना नया 'मैसेज प्रोटेक्शन' फीचर अब दुनिया भर के सभी एंड्रॉइड यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया है। यह फीचर आपके फोन पर आने वाले एसएमएस (SMS) को स्कैन करता है और अगर कोई मैसेज संदिग्ध या फ्रॉड लगता है, तो आपको तुरंत अलर्ट कर देता है।
यानी अब आप किसी खतरनाक लिंक पर क्लिक करने से पहले ही सावधान हो जाएंगे।
बता दें कि यह सुविधा पहले जून की शुरुआत में आईफोन यूजर्स को मिल चुकी थी। अब एंड्रॉइड यूजर्स के लिए भी यह उपलब्ध है।
खास बात यह है कि कंपनी ने कॉल प्रोटेक्शन और मैसेज प्रोटेक्शन दोनों को एक ही स्क्रीन पर कर दिया है, ताकि आप एक ही जगह से अपने फोन की सिक्योरिटी मैनेज कर सकें।
यह सिस्टम काम कैसे करता है?
अब आप सोच रहे होंगे कि यह ऐप को कैसे पता चलेगा कि कौन सा मैसेज स्कैम है और कौन सा असली? दरअसल, यह सिस्टम बहुत स्मार्ट तरीके से काम करता है। जब भी किसी अनजान नंबर से कोई मैसेज आता है, तो यह फीचर उसे स्क्रीन करता है।
यह टूल फोन के रिप्यूटेशन डेटा, यूआरएल (URL) एनालिसिस और मैसेज के कंटेंट की कैटेगरी को चेक करता है। अगर इसे कुछ भी गड़बड़ लगती है, तो यह आपको नोटिफिकेशन भेज देता है।
इसके बाद वह मैसेज एक 'सेफ व्यू' में खुलता है, जिससे गलती से भी किसी लिंक पर क्लिक होने का खतरा खत्म हो जाता है।
प्राइवेसी को लेकर टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कंपनी का दावा है कि वह आपके मैसेज के कंटेंट को कहीं भी स्टोर नहीं करती है।
आखिर टेक्स्ट स्कैम इतने ज्यादा क्यों बढ़ रहे हैं?
मोटा-मोटी बात यह है कि स्कैमर्स के लिए मैसेज भेजना सबसे आसान तरीका है क्योंकि इसके जरिए वे एक साथ लाखों लोगों तक पहुंच सकते हैं। GASA की 'ग्लोबल स्टेट ऑफ स्कैम्स 2025' रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रॉड करने वालों के लिए एसएमएस दूसरा सबसे पसंदीदा जरिया है।
इस रिसर्च में 42 देशों के 46 हजार वयस्कों का सर्वे किया गया, जिसमें पता चला कि 57% लोग पिछले एक साल में किसी न किसी स्कैम का शिकार हुए हैं। ग्लोबल लेवल पर इसका नुकसान करीब 442 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि एक बहुत बड़ी रकम है।
अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन के हवाले से NordVPN ने बताया कि साल 2025 में सिर्फ टेक्स्ट स्कैम की वजह से लोगों को 639 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। यह पिछले साल के मुकाबले 36% की बढ़ोतरी है।
किन तरीकों से फंसाते हैं स्कैमर्स?
स्कैमर्स अक्सर कुछ खास तरीकों का इस्तेमाल करते हैं ताकि आप घबराकर या लालच में आकर लिंक पर क्लिक कर दें। इनमें सबसे कॉमन हैं:
- नकली पैकेज डिलीवरी के मैसेज (कि आपका पार्सल अटक गया है)।
- बैंक के फर्जी अलर्ट (कि आपका अकाउंट ब्लॉक होने वाला है)।
- अनपेड टोल टैक्स के नोटिस।
NordVPN के प्रोडक्ट डायरेक्टर डोमिनिकास विरबिकस का कहना है कि मैसेज प्रोटेक्शन का मकसद स्कैमर्स की इस चेन को शुरू होने से पहले ही तोड़ना है।
कुल मिलाकर देखें तो NordVPN अब सिर्फ एक VPN सर्विस नहीं रह गया है जो आपके ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता था, बल्कि यह एक ऑल-इन-वन प्राइवेसी और सिक्योरिटी ऐप बनने की तरफ बढ़ रहा है। हाल ही में कंपनी ने क्रोम के लिए एआई वॉयस चेकर भी लॉन्च किया है ताकि लोगों को ऑडियो डीपफेक से बचाया जा सके।




































