मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में ऐसा जोरदार कमबैक हुआ कि पिछले दिन की सारी मायूसी एक झटके में गायब हो गई! जो ‘बुल्स’ एक दिन पहले शायद कहीं छुप गए थे, वो आज मैदान में पूरे जोश के साथ लौटे और बाजार को ऐसे संभाला कि देखने वाले दंग रह गए। पूरे ट्रेडिंग सेशन में कहीं कोई बड़ी गिरावट दिखी ही नहीं, बस हरे निशान में बाजार ऊपर ही ऊपर चढ़ता चला गया।
बाजार के दिग्गज कहते हैं कि आज की रिकवरी वाकई में खास थी। पिछले दिनों की टेंशन के बाद निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान वापस लौटी।
निफ्टी ने करीब 140 अंकों की छलांग लगाई और 24,025 के आंकड़े के करीब जाकर टिका। सबसे बड़ी बात ये कि सिर्फ एक दिन के अंदर ही निफ्टी ने अपना 20 DEMA (डेली एक्सपोनेशियल मूविंग एवरेज) और 100 DMA (डेली मूविंग एवरेज) वापस पा लिया, जो बाजार की मजबूती का एक बड़ा संकेत है।
सिर्फ निफ्टी ही नहीं, बैंक निफ्टी में भी 600 से ज्यादा पॉइंट्स की तगड़ी तेजी देखने को मिली। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स तो जैसे आउटपरफॉर्म करने की होड़ में लगे थे।
दोपहर 2:35 बजे के करीब, सेंसेक्स 632.03 अंक यानी 0.83% चढ़कर 77,135.63 पर पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 186.40 अंक या 0.78% की बढ़त के साथ 24,068.45 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार की यह चाल देखकर लग रहा था कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर लौट आया है।
तो आखिर बाजार में ऐसा हुआ क्या था?
इस शानदार वापसी पर सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने अपनी राय रखते हुए बताया कि आज का दिन रिकवरी के लिहाज से बहुत बढ़िया रहा। उन्होंने गौर किया कि पूरे दिन में इंट्रा-डे में कोई बड़ी गिरावट नहीं दिखी, जो अपने आप में एक पॉजिटिव बात है।
हालांकि, निफ्टी 24,050-24,100 के जोन में आकर थोड़ा अटक गया, लेकिन दिन की क्लोजिंग काफी अहम बताई जा रही थी। मिडकैप्स में तो एक शानदार रिवर्सल देखने को मिला, जिससे कई निवेशकों को राहत मिली।
सिंघल के मुताबिक, आज एडवांस्ड/डिक्लाइन रेशियो (यानी चढ़ने वाले शेयरों और गिरने वाले शेयरों का अनुपात) 4:1 से भी बेहतर रहा, जो इस बात का सीधा सबूत है कि बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। किसी एक सेक्टर ने नहीं, बल्कि लगभग सभी सेक्टर्स में रौनक लौटी।
इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो की पैरेंट कंपनी) और श्रीराम फाइनेंस जैसे शेयरों ने बाजार को लीड किया। इसके साथ ही, EMS और ज्वेलरी शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली, जिसकी वजह थोड़ी खास थी।
ज्वेलरी स्टॉक्स में क्यों आई जान?
अगर आप सोच रहे हैं कि ज्वेलरी स्टॉक्स में अचानक इतनी तेजी क्यों आई, तो इसकी वजह जेपी मॉर्गन (JP Morgan) की एक बुलिश रिपोर्ट थी। इस रिपोर्ट के आने के बाद टाइटन और सेनको गोल्ड जैसे बड़े ज्वेलरी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
बाजार में हर तरफ से पॉजिटिव खबरें आ रही थीं, जो निवेशकों का मूड बेहतर कर रही थीं। कुल मिलाकर, बाजार ने आज दिखा दिया कि उसमें अभी भी काफी दम बाकी है और वो छोटी-मोटी गिरावट से घबराने वाला नहीं है।
आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
अब सवाल उठता है कि आगे क्या? इस पर अनुज सिंघल ने कुछ अहम लेवल्स और रणनीतियां बताईं। उन्होंने कहा कि निफ्टी के लिए 24,050 के ऊपर की क्लोजिंग बहुत जरूरी है।
अगर यह 24,150 के ऊपर क्लोज होता, तो यह सबसे बढ़िया स्थिति होती। उनका यह भी कहना था कि निफ्टी को अब 23,950 के नीचे नहीं फिसलना चाहिए।
अगर ऐसा होता है, तो थोड़ी दिक्कतें फिर से आ सकती हैं। निवेशकों को इन लेवल्स पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
बैंक निफ्टी ने आज जिस तरह की लीडरशिप दिखाई है, वह भी काफी पॉजिटिव संकेत है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी बाजार के लिए एक प्लस पॉइंट रही।
कच्चा तेल फिसलकर $77 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे महंगाई की चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं। रुपये में भी मजबूती देखने को मिली, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है।
ये सारे मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे दोबारा लड़ाई नहीं चाहते। इस बयान से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (geo-political tension) में कमी आने की उम्मीद जगी, जिसका असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिला।
कुल मिलाकर, ऐसा लग रहा है कि कल की गिरावट सिर्फ एक दिन की ‘भूल’ थी, और बाजार ने उसे पीछे छोड़कर फिर से आगे बढ़ना शुरू कर दिया है।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए क्या है रणनीति?
अनुज सिंघल ने निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों के लिए साफ-साफ रणनीति बताई। निफ्टी के लिए उन्होंने 24,150-24,250 को एक रेजिस्टेंस जोन बताया, जबकि 23,950-24,050 को सपोर्ट जोन के रूप में चिह्नित किया।
यानी अगर निफ्टी 23,950 से नीचे जाता है, तो और गिरावट आ सकती है, और 24,150 के ऊपर जाने पर इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर एक मजबूत सपोर्ट है, जबकि 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है। निवेशकों को इन लेवल्स को ध्यान में रखकर ही अपनी ट्रेडिंग पोजीशन बनानी चाहिए।
सिंघल ने साफ कहा कि बाजार में अभी भी ‘भरोसा’ पूरी तरह से लौटा नहीं है। भले ही आज बाजार में शानदार रिकवरी दिखी, लेकिन क्लोजिंग दिन के हाई से काफी नीचे हुई है, जो इस बात का संकेत है कि अभी भी थोड़ा डर बना हुआ है।
कुछ दिनों के लिए क्या है खास सलाह?
मौजूदा हालात को देखते हुए सिंघल की सलाह है कि अगले कुछ दिनों तक इंट्रा-डे ट्रेडिंग पर ही फोकस करना बेहतर रहेगा। यानी एक ही दिन में शेयर खरीदकर बेच देना।
जब तक बाजार में पूरी तरह से स्थिरता और विश्वास नहीं लौट जाता, तब तक लंबी पोजीशन लेने से बचना चाहिए। यह एक समझदारी भरी रणनीति है, खासकर ऐसे समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी रहती है।
कुल मिलाकर, बाजार ने आज दमदार वापसी की है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहकर चलना होगा और एक्सपर्ट्स की सलाह को ध्यान में रखना होगा।






































