मुंबई: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर में आज जबरदस्त हलचल देखने को मिली। कंपनी आज अपनी अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है और ठीक उससे पहले शेयर बाजार में इसका शेयर 2 प्रतिशत तक लुढ़क गया। दिन के कारोबार में शेयर का भाव गिरकर 2,016.05 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर 7.38 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है।
बाजार के जानकार और निवेशक बेसब्री से TCS के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, सिर्फ तिमाही के आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि उनकी नजर कुछ और अहम बातों पर भी है।
इन्वेस्टर्स जानना चाहते हैं कि आईटी सेक्टर में डिमांड की स्थिति कैसी है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कैसे बढ़ रहा है, और कंपनी आने वाले समय में अपने खर्चों को लेकर क्या आउटलुक दे रही है। यह सब कुछ TCS के आने वाले समय की दिशा तय करेगा।
निवेशकों की निगाहें और किन बातों पर टिकी हैं?
आपको बता दें कि निवेशक सिर्फ कंपनी की कमाई पर ही नहीं देख रहे, बल्कि वे डिमांड में सुधार, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल के तरीके और कंपनी के खर्च के आउटलुक पर भी जानकारी चाहते हैं। आईटी सेक्टर में AI का बढ़ता क्रेज और उसका कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर पड़ने वाला असर काफी महत्वपूर्ण हो गया है।
साथ ही, कंपनी का खर्च करने का तरीका भी उसके मुनाफे पर सीधा असर डालेगा।
CNBC-TV18 के एनालिस्ट्स ने इस तिमाही के नतीजों को लेकर एक पोल किया है। उनके अनुमान के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 2.1 प्रतिशत घट सकता है।
अगर ऐसा होता है तो कंपनी का मुनाफा 13,461 करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। यह एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है, जिस पर सबकी नजर होगी।
EBIT मार्जिन और रेवेन्यू में क्या उम्मीदें हैं?
मुनाफे के अलावा, एक और अहम आंकड़ा होता है EBIT मार्जिन। यह कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है।
एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सालाना वेतन वृद्धि (annual salary hike) की वजह से EBIT मार्जिन में करीब 120 बेसिस पॉइंट्स की कमी आ सकती है, और यह 24.15 प्रतिशत तक रह सकता है। आसान भाषा में कहें तो कर्मचारियों को दी गई बढ़ी हुई सैलरी का असर कंपनी के ऑपरेशनल मुनाफे पर दिख सकता है।
अब बात करते हैं रेवेन्यू की। डॉलर में रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले मामूली रूप से 0.1 प्रतिशत घट सकता है, जो 7.61 अरब डॉलर के आसपास रहने का अनुमान है।
वहीं, रुपये में रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 71,847 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ, जो कि करेंसी के उतार-चढ़ाव को हटाकर असली ग्रोथ दिखाती है, वो 0.15 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
क्या कंपनी इस बार भी डिविडेंड देगी?
हाँ, बिलकुल। कंपनी के बोर्ड की बैठक में वित्त वर्ष 2027 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड पर भी मुहर लग सकती है।
इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट पहले से ही तय कर दी गई है, जो 15 जुलाई 2026 है। इसका मतलब है कि जो निवेशक 15 जुलाई 2026 से एक दिन पहले तक (यानी 14 जुलाई की मार्केट क्लोजिंग तक) TCS के शेयरों के लाभार्थी मालिक के तौर पर रजिस्टर्ड होंगे, सिर्फ वही इस डिविडेंड के हकदार होंगे।
अगर पिछले वित्त वर्ष की बात करें तो, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स को खूब मालामाल किया था। उस साल TCS ने 3 बार में कुल 33 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दिया था।
इसके अलावा, एक बार 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड और फिर 31 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी बांटा गया था। कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 110 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था।
यह आंकड़ा निवेशकों के लिए काफी उत्साहजनक रहा था और दिखाता है कि TCS अपने शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड देने में कितनी आगे रहती है।
पिछली तिमाही के नतीजे कैसे रहे थे?
अगर हम पिछली तिमाही, यानी जनवरी-मार्च 2026 के नतीजों पर नजर डालें, तो वहां तस्वीर काफी अच्छी थी। उस तिमाही में TCS का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये रहा था।
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा भी सालाना आधार पर 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 13,718 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए भी कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 267,021 करोड़ रुपये रहा था और शुद्ध मुनाफा 49,210 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि TCS एक मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनी है, लेकिन वर्तमान तिमाही के अनुमानों से पता चलता है कि बाजार कुछ चुनौतियों का सामना कर रहा है।
शेयर बाजार में TCS का लॉन्ग-टर्म प्रदर्शन कैसा रहा है?
यह एक अहम सवाल है, क्योंकि पिछले कुछ समय से TCS के शेयर का प्रदर्शन निवेशकों को थोड़ा निराश कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, TCS का शेयर पिछले एक साल में करीब 40 प्रतिशत तक नीचे आ चुका है।
वहीं, अगर पिछले 6 महीनों के प्रदर्शन को देखें तो शेयर में 36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट आईटी सेक्टर में चल रही व्यापक चुनौतियों और ग्लोबल इकोनॉमी में सुस्ती का संकेत भी देती है।
आज सिर्फ TCS ही नहीं, बल्कि देश की एक और बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर इंफोसिस का शेयर 1.4 प्रतिशत तक लुढ़क गया।
यह बताता है कि यह सिर्फ किसी एक कंपनी की बात नहीं, बल्कि पूरे सेक्टर पर दबाव बना हुआ है, और निवेशक आने वाले नतीजों से सेक्टर के भविष्य को लेकर कुछ स्पष्टता चाहते हैं। कुल मिलाकर, TCS के Q1 नतीजे सिर्फ कंपनी के लिए नहीं, बल्कि पूरे आईटी सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत साबित होंगे।


































