राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली: चांदी, जो हमेशा से अपनी चमक और निवेश के लिए खास रही है, आजकल निवेशकों और आम आदमी, दोनों की धड़कनें बढ़ा रही है। पिछले कुछ दिनों से इसकी कीमतों में जो तूफान आया है, उसने बाज़ार में हलचल मचा दी है। सोचिए, एक ऐसी धातु, जिसे खरीदने के लिए लोग हमेशा सोचते हैं, वो अचानक सस्ती होने लगे तो क्या माहौल बनेगा? यही हो रहा है इस वक्त चांदी के साथ।
हाल ही में, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर सिर्फ तेल और गैस पर ही नहीं दिख रहा, बल्कि इसने चांदी के बाज़ार में भी अपनी छाप छोड़ी है। बाज़ार विशेषज्ञों की मानें तो ये भू-राजनीतिक उथल-पुथल भी कीमतों को ऊपर-नीचे करने में अहम भूमिका निभा रही है।
और इसी बीच, जो खबर आई है, वो चांदी खरीदने वालों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, जबकि बेचने वालों के लिए थोड़ी चिंता की बात है।
गुरुवार, 9 जुलाई को जब बाज़ार खुला, तो चांदी के दामों में फिर एक बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव एक ही झटके में 1,071 रुपये टूट गया।
अब आप खुद सोचिए, एक किलो पर इतना बड़ा अंतर कितना मायने रखता है!
तो आखिर आज क्या हुआ इस चमकती धातु के साथ?
MCX पर चांदी का वायदा भाव 0.48% की गिरावट के साथ 2,22,366 रुपये प्रति किलो पर आ गया। इससे ठीक पहले वाले कारोबारी सत्र यानी बुधवार को चांदी 2,23,437 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी।
यानी, गुरुवार को तो चांदी वाकई में सस्ती हुई है, और ये उन लोगों के लिए एक मौका लेकर आया है जो लंबे समय से चांदी में निवेश करने का मन बना रहे थे।
अगर हम बुलियन मार्केट यानी सराफा बाज़ार की बात करें, तो वहां भी चांदी के दाम 2,22,640 रुपये प्रति किलो दर्ज किए गए। वहीं, गुडरिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, चांदी का भाव घटकर 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है।
ये आंकड़े साफ़ बता रहे हैं कि चांदी इस वक्त अपने सस्ते दिनों से गुजर रही है और मार्केट में इसकी चाल को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं।
ये तीन दिन की गिरावट का पूरा माजरा क्या है?
आज की गिरावट सिर्फ एक दिन का खेल नहीं है, बल्कि ये पिछले कुछ दिनों से चल रहे ट्रेंड का ही हिस्सा है। गुरुवार को चांदी की कीमत में कुल 1,396 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई।
लेकिन इससे पहले के दो दिनों का हाल भी सुन लीजिए!
बुधवार को चांदी 7,104 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई थी, और उससे एक दिन पहले, मंगलवार को, ये आंकड़ा 5,306 रुपये प्रति किलो का था। अब जरा तीनों दिनों की गिरावट को जोड़िए—1,396 रुपये + 7,104 रुपये + 5,306 रुपये।
कुल मिलाकर, पिछले तीन कारोबारी दिनों में चांदी की कीमतों में करीब 13,806 रुपये प्रति किलो की जबरदस्त गिरावट आ चुकी है। जी हां, लगभग 13,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा का झटका!
ये गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। वो लोग जिन्होंने चांदी को रिकॉर्ड हाई स्तर पर खरीदा था, उनके लिए ये चिंता का सबब है।
आपको बता दें कि चांदी अपने रिकॉर्ड हाई स्तर से अब तक लगभग 1.87 लाख रुपये प्रति किलो तक गिर चुकी है। ये आंकड़ा अपने आप में चौंकाने वाला है, क्योंकि इतनी बड़ी गिरावट के बाद कई लोग अब इसे खरीदने का सही वक्त मान रहे हैं।
लेकिन सवाल ये है, आखिर क्यों हो रही है चांदी सस्ती?
बाज़ार में किसी भी चीज़ की कीमत ऐसे ही नहीं गिरती। इसके पीछे कुछ ठोस वजहें होती हैं।
चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में आई कमजोरी को माना जा रहा है। जब वैश्विक स्तर पर चांदी की डिमांड कम होती है या सप्लाई बढ़ जाती है, तो कीमतें अपने आप गिरने लगती हैं।
इसके साथ ही, वैश्विक आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद भी एक बड़ा फैक्टर है। जब दुनिया भर की इकोनॉमी बेहतर होने लगती है, तो निवेशक सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ से हटकर ज्यादा रिटर्न देने वाले इक्विटी या दूसरे विकल्पों की तरफ जाते हैं।
यानी, अब उन्हें डर कम लग रहा है, तो वो रिस्क लेने को तैयार हैं!
इसके अलावा, दुनिया भर में तनाव कम होने की उम्मीद भी एक वजह है। जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी खरीदते हैं।
लेकिन जब तनाव कम होता दिखता है, तो यही निवेशक अपनी होल्डिंग बेचकर मुनाफावसूली करते हैं। डॉलर की मजबूती भी चांदी की कीमतों पर दबाव बनाती है।
जब डॉलर मजबूत होता है, तो बाकी देशों के लिए चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे उसकी डिमांड घट जाती है।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बदलती परिस्थितियां, डॉलर की चाल और मुनाफावसूली, ये सब मिलकर चांदी की कीमतों को नीचे खींच रहे हैं। हालांकि, बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
यानी, अभी कहानी खत्म नहीं हुई है, इसमें और भी ट्विस्ट आने बाकी हैं!
आपके शहर में क्या है चांदी का ताजा रेट?
अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर में चल रहे ताजा रेट जरूर चेक कर लें। बता दें कि गुडरिटर्न्स के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में 9 जुलाई, 2026 को चांदी का रेट कुछ इस तरह रहा:
- दिल्ली: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- मुंबई: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- कोलकाता: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- चेन्नई: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2500, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹25000, 1 किलो चांदी का भाव ₹250000
- पटना: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- अयोध्या: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- लखनऊ: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- कानपुर: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- मेरठ: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- गाजियाबाद: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- नोएडा: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- गुरुग्राम: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- चंडीगढ़: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- जयपुर: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- लुधियाना: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- गुवाहाटी: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
- इंदौर: 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2450, 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24500, 1 किलो चांदी का भाव ₹245000
कुल मिलाकर, चांदी का बाज़ार इस वक्त काफी दिलचस्प दौर से गुजर रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वो कोई भी फैसला लेने से पहले बाज़ार के ट्रेंड्स और एक्सपर्ट्स की राय पर गौर करें, क्योंकि आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


































