देशभर में: पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में जो उठापटक चल रही थी, उससे निवेशक बेचैन थे. लेकिन अब बाजार में फिर से जान लौटती दिख रही है. कल की भारी गिरावट के बाद आज इंडियन मार्केट ने शानदार वापसी की. निफ्टी भैया 150 पॉइंट से ज्यादा उछलकर 24050 के ऊपर पहुंच गए, तो वहीं बैंक निफ्टी में भी 550 पॉइंट से ज्यादा की जबरदस्त तेजी देखने को मिली. छोटे और मझोले शेयरों में भी खूब खरीदारी हुई, जिसकी वजह से मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब डेढ़ परसेंट की उछाल के साथ आज आउटपरफॉर्म करते दिखे. यह सब मिलाकर, माहौल कुछ ऐसा बना कि निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई.
इसी रौनक के बीच एक सेक्टर है, जिसने अपनी अलग ही चमक बिखेरी है—ज्वेलरी सेक्टर. जी हां, बात हो रही है सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ी कंपनियों की.
इन कंपनियों के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली. वजह? दुनिया की बड़ी ब्रोकरेज फर्मों में से एक जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस सेक्टर पर 'बुलिश' यानी बहुत ही पॉजिटिव राय दी है.
इस रिपोर्ट के आने के बाद कल्याण ज्वेलर्स के शेयर तो वायदा बाजार के टॉप गेनर बन गए, 15 परसेंट की तेजी के साथ! सेनको गोल्ड भी 7 परसेंट से ज्यादा भागा. अब सवाल उठता है कि आखिर जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में ऐसी क्या खास बात कह दी, जिससे ज्वेलरी स्टॉक्स में इतनी जान आ गई?
सोने की बढ़ती कीमतों और बदले ट्रेंड का ज्वेलर्स को कैसे मिल रहा है फायदा?
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट का मोटा-मोटी सार ये है कि गोल्ड रीसाइकलिंग का जो ट्रेंड चल रहा है, उससे ज्वेलरी स्टॉक्स को तगड़ा सपोर्ट मिल रहा है. आप पूछेंगे कि ये गोल्ड रीसाइकलिंग क्या बला है? दरअसल, आजकल ग्राहक पुराने सोने का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं जब वे नई ज्वेलरी खरीदते हैं.
यानी, पुराने गहने दिए और बदले में नए ले लिए. इससे हो क्या रहा है? कंपनियों को नया सोना खरीदने के लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ रहा और ग्राहकों को भी नई ज्वेलरी कम दाम में मिल रही है, क्योंकि उनके पुराने सोने की वैल्यू एडजस्ट हो जाती है.
रिपोर्ट बताती है कि ग्राहकों की डिमांड के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है. लोग अब हल्के और कम कैरेट (जैसे 18K या 14K) वाली ज्वेलरी ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
शायद इसकी एक बड़ी वजह सोने की आसमान छूती कीमतें हैं. पहले जहां लोग भारी-भरकम गहने पसंद करते थे, वहीं अब ट्रेंड थोड़ा बदल गया है.
हल्के गहने स्टाइलिश भी होते हैं और जेब पर भी भारी नहीं पड़ते.
एक और बात जो सामने आई है, वो ये कि गोल्ड एक्सचेंज स्कीम को ग्राहकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. रिटेलर्स जो एक्सचेंज और एनकैशमेंट स्कीम्स चला रहे हैं, उनसे दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ यानी 'फुटफॉल' भी बढ़ा है.
ऊंची गोल्ड कीमतों ने ग्राहकों के खरीदारी के तरीके को बदल दिया है, जिससे ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलर्स को मार्केट शेयर बढ़ाने का बेहतरीन मौका मिला है.
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में क्या रही ज्वेलरी सेक्टर की परफॉर्मेंस?
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ज्वेलरी सेक्टर में डिमांड काफी मजबूत रही है. यह सिर्फ कहने की बात नहीं, बल्कि आंकड़ों से भी साफ दिख रहा है.
जब डिमांड मजबूत होती है, तो कंपनियों का कारोबार बढ़ता है और उनके प्रॉफिट पर भी सीधा असर दिखता है. इस मजबूत डिमांड का सबसे ज्यादा फायदा उन बड़े और ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलर्स को मिल रहा है, जिनका मार्केट में एक नाम और भरोसा है.
रिपोर्ट साफ तौर पर कहती है कि टाइटन (Titan), कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) और सेनको गोल्ड (Senco Gold) जैसी कंपनियों को इस ट्रेंड से बड़ा फायदा होगा. ये वो कंपनियां हैं जो ग्राहकों की बदलती पसंद और रीसाइकलिंग ट्रेंड को अच्छे से भुना रही हैं.
उनका बिजनेस मॉडल और ग्राहक सेवा उन्हें बाकी छोटे-मोटे अनऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स से आगे निकलकर मार्केट लीडर बनने में मदद कर रहा है.
टाइटन के लिए जेपी मॉर्गन ने क्या 'टारगेट' दिया है और क्यों?
अब बात करते हैं टाइटन की, जो इस सेक्टर की एक बड़ी मछली है. जेपी मॉर्गन ने टाइटन पर अपनी 'ओवरवेट' (Overweight) की रेटिंग को बरकरार रखा है.
इसका मतलब है कि ब्रोकरेज को लगता है कि टाइटन के शेयर आगे भी अच्छा परफॉर्म करेंगे और निवेशकों को उन्हें अपने पोर्टफोलियो में रखना चाहिए. उन्होंने टाइटन के लिए 5,182 रुपये का एक तगड़ा टारगेट प्राइस भी दिया है.
जेपी मॉर्गन के मुताबिक, बुलियन यानी कच्चा सोना छोड़कर, टाइटन के पॉपुलर ब्रांड्स जैसे तनिष्क, मिया, ज़ोया और बियॉन की रेवेन्यू में सालाना आधार पर 39 परसेंट की शानदार बढ़ोतरी हुई है. यह आंकड़ा उनके अपने अनुमान से भी कहीं बेहतर है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि खरीदारों की संख्या में 'लो डबल डिजिट' यानी लगभग 10-12 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है, और हर खरीद का टिकट साइज़ भी मजबूत बना रहा है.
इतना ही नहीं, आगे आने वाले त्योहारों की मांग और सोने की कीमतों में स्थिरता भी टाइटन की ग्रोथ को बनाए रखने में मदद करेगी. प्लेन गोल्ड, स्टडेड ज्वेलरी और सोने के सिक्कों की अच्छी मांग से कंपनी को अपनी रफ्तार बनाए रखने में मदद मिलेगी.
कुल मिलाकर, जेपी मॉर्गन को लगता है कि टाइटन के लिए आगे का रास्ता काफी सुनहरा है, और यही वजह है कि आज बाजार में इसके शेयरों में भी चमक देखने को मिली.
यह रिपोर्ट सिर्फ टाइटन, कल्याण या सेनको के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ज्वेलरी सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव संकेत है. यह दिखाता है कि ग्राहक अब न सिर्फ सोने की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि अपनी पुरानी ज्वेलरी को बदलकर या रीसाइकल करके भी स्मार्ट तरीके से निवेश कर रहे हैं.
यह बदलते बाजार का नया चेहरा है, और ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलर्स इसे बखूबी भुनाने में लगे हैं.




































