मुंबई: अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं और तगड़े रिटर्न की तलाश में रहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। क्योंकि आज हम आपको एक ऐसे शेयर की कहानी बताने वाले हैं, जिसने पिछले 5 सालों में अपने इन्वेस्टर्स को मालामाल कर दिया है। जी हां, सिर्फ 5 साल में इसने 1200 प्रतिशत से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है, और अब ये कंपनी अपने शेयरों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने वाली है। इसे टेक्नीकल भाषा में स्टॉक स्प्लिट कहते हैं।
ये खबर उन लोगों के लिए भी ज़रूरी है जो ऐसे स्टॉक्स में दिलचस्पी रखते हैं, जो ग्रोथ के साथ-साथ इन्वेस्टर-फ्रेंडली कदम भी उठाते हैं। तो तैयार हो जाइए, क्योंकि हम आपको सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड के इस बड़े ऐलान और उसके पीछे की पूरी कुंडली बताने जा रहे हैं।
क्या है ये स्टॉक स्प्लिट का पूरा माजरा?
बता दें कि सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने ऐलान किया है कि उसका स्टॉक स्प्लिट होने जा रहा है।
इसका सीधा मतलब ये है कि अगर आपके पास इस कंपनी का एक शेयर है, जिसकी फेस वैल्यू 10 रुपये है, तो वो अब 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बदल जाएगा। यानी आपके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, लेकिन कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू में कोई बदलाव नहीं आएगा।
ये कंपनी के शेयर को छोटे निवेशकों के लिए और भी अफोर्डेबल बनाने का एक तरीका होता है।
कंपनी ने इस कॉर्पोरेट एक्शन की घोषणा मई के महीने में ही कर दी थी, और अब इसकी रिकॉर्ड डेट भी तय हो गई है। जी हां, 20 जुलाई वो तारीख है, जिस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में जिन लोगों के नाम बतौर शेयरहोल्डर दर्ज होंगे, सिर्फ उन्हीं को इस स्टॉक स्प्लिट का फायदा मिलेगा।
तो अगर आप इसमें हिस्सेदारी चाहते हैं, तो 19 जुलाई को मार्केट क्लोज होने तक आपके डीमैट अकाउंट में सिंप्लेक्स कास्टिंग्स के शेयर होने चाहिए।
आखिर सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड है कौन सी कंपनी?
अब बात आती है कि ये सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड है क्या बला? कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत साल 1970 में हुई थी। यानी करीब 50 साल से भी पुरानी ये कंपनी कास्टिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक दिग्गज भारतीय प्लेयर है।
सिर्फ देश में ही नहीं, इसकी ग्लोबल प्रेजेंस भी अच्छी-खासी है। कंपनी के पास 800 से भी ज्यादा एंप्लॉयीज का एक मजबूत वर्कफोर्स है।
ये कंपनी इंजीनियरिंग से जुड़ी ज़रूरतों के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन प्रोवाइडर है। चाहे वो कास्टिंग हो, फोर्जिंग हो, फैब्रिकेशन हो, मशीनिंग हो, असेंबली हो या फिर इक्विपमेंट बनाना हो, सिंप्लेक्स कास्टिंग्स इन सभी कामों में महारत रखती है।
कुल मिलाकर, ये एक ऐसी कंपनी है जो हेवी इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में अहम रोल निभाती है।
कैसा रहा है इस शेयर का परफॉरमेंस?
अब आते हैं सबसे दिलचस्प हिस्से पर – शेयर के परफॉरमेंस पर। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का शेयर 9 जुलाई को बीएसई पर 518.75 रुपये पर बंद हुआ था।
कंपनी का मार्केट कैप भी 425 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जो इसकी मार्केट में मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
लेकिन असल कहानी इसके रिटर्न में है। पिछले एक साल में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 33 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
दो साल की बात करें तो ये उछाल 146 प्रतिशत का रहा है। वहीं, अगर आप 3 साल पहले इसमें पैसा लगाते, तो आज आपका पैसा 980 प्रतिशत बढ़ चुका होता।
और जिन्होंने 5 साल पहले इस शेयर पर दांव खेला था, उनका पैसा करीब 1200 प्रतिशत की शानदार तेजी देख चुका है। ये आंकड़े अपने आप में बताते हैं कि कैसे इस शेयर ने अपने निवेशकों की किस्मत चमकाई है।
कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी भी काफी मजबूत है। मार्च 2026 के आखिर तक, प्रमोटर्स के पास कंपनी की 50.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो मैनेजमेंट के कॉन्फिडेंस को दर्शाता है।
शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 623.50 रुपये रहा है, जबकि एडजस्टेड लो 356.60 रुपये था। यानी एक साल में ही शेयर ने अच्छा उतार-चढ़ाव देखा है, लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड ऊपर की ओर ही रहा है।
कंपनी की वित्तीय सेहत कैसी है?
सिर्फ शेयर के भाव ही नहीं, कंपनी की वित्तीय सेहत भी जाननी ज़रूरी है। जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 54.76 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6.18 करोड़ रुपये रहा।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 202.90 करोड़ रुपये रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 21.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और मुनाफे में भी ग्रोथ बनाए हुए है, जो निवेशकों के लिए एक पॉज़िटिव संकेत है।
क्या सिर्फ सिंप्लेक्स ही है, या और भी कंपनियां स्टॉक स्प्लिट कर रही हैं?
जी नहीं, सिंप्लेक्स कास्टिंग्स अकेली नहीं है जो अपने शेयरों को छोटे टुकड़ों में बांट रही है। शेयर बाजार में ऐसी और भी कंपनियां हैं, जिन्होंने हाल-फिलहाल में स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया है।
इनमें से दो प्रमुख नाम हैं: मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड और इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स।
मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड: ये स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी है और गुजरात की रहने वाली है। मंगलम वर्ल्डवाइड का भी स्टॉक स्प्लिट होने जा रहा है, और इनका रेश्यो थोड़ा अलग है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। यानी ये 1:10 का स्प्लिट है। इसकी रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई तय की गई है। कंपनी स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक का काम करती है। इसके अलावा, मंगलम वर्ल्डवाइड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने शेयरधारकों को 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी देने वाली है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।
इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स: केमिकल सेक्टर की ये कंपनी भी अपने शेयरों को स्प्लिट कर रही है। इनका रेश्यो सिंप्लेक्स कास्टिंग्स जैसा ही है। इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूटेगा।
कुल मिलाकर, शेयर बाजार में आजकल कई कंपनियां अपने शेयरों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर निवेशकों के लिए उन्हें और ज़्यादा सुलभ बना रही हैं। ये उन कंपनियों की ग्रोथ और निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा होता है।





































