कोरबा: ट्रेन का सफर और उसमें भी बिना लंबी लाइनों में लगे फट से मोबाइल से टिकट बुक करके निकल जाना, कितना बढ़िया लगता है ना? लेकिन जनाब, अब रेलवे ने इस 'आसानी' को लेकर कुछ ऐसे पेंच कसे हैं कि अगर ध्यान नहीं दिया तो फायदे की जगह बड़ा वाला चूना लग सकता है। भारतीय रेलवे ने डिजिटल अनरिजर्व्ड (सामान्य/अनारक्षित) टिकटों के इस्तेमाल पर बिल्कुल नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं, जिसके बाद अगर आपने लापरवाही की तो जुर्माना भरना तय है।
हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने रेलवे को ये सख्त एडवाइजरी जारी करने पर मजबूर कर दिया। असल में, रेलवे ने साफ-साफ कह दिया है कि अगर आप चेकिंग के दौरान टीटीई को अपने डिजिटल टिकट का स्क्रीनशॉट, वॉट्सऐप कॉपी या कोई पीडीएफ दिखाते हैं, तो भैया वो अमान्य (Invalid) माना जाएगा।
जी हां, सीधा-सीधा जुर्माना!
तो आखिर ये नियम कड़े करने की नौबत क्यों आई?
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा से चलकर विशाखापट्टनम जाने वाली लिंक एक्सप्रेस (Korba-Visakhapatnam Link Express) में घटी एक घटना के बाद सुर्खियों में आया है। हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रेन में कोरबा से रायपुर तक यात्रा कर रही एक महिला यात्री को अपने डिजिटल टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाना इतना भारी पड़ गया कि उन पर फौरन जुर्माना ठोक दिया गया। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें गलत क्या था, स्क्रीनशॉट ही तो था!
चलिए, पूरा माजरा बताते हैं। जब टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) ने महिला से टिकट मांगा, तो उन्होंने अपने मोबाइल में आया वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट दिखा दिया।
महिला ने बताया कि उनके भाई ने अपने 'रेल वन' (Rail One) ऐप से ये टिकट बुक किया था और फिर वॉट्सऐप पर उन्हें फॉरवर्ड कर दिया था। सुनने में तो सब ठीक लग रहा है ना? लेकिन, असली ट्विस्ट यहीं आया।
जब रेलवे अधिकारियों ने इस टिकट की जांच की, तो पता चला कि यह टिकट शाम 4:45 बजे जनरेट किया गया था। अब दिक्कत ये थी कि कोरबा स्टेशन से ट्रेन तो दोपहर 4:10 बजे ही निकल चुकी थी! मतलब साफ था, ट्रेन छूटने के बाद टिकट बुक किया गया था। इसके अलावा, ये टिकट यात्रा कर रही महिला के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी नहीं था। बस, इन दो बड़ी खामियों के चलते टीटीई ने उस वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट को तुरंत अमान्य घोषित कर दिया और रेलवे नियमों के तहत महिला पर पेनल्टी वसूल कर ली। ये तो एक जीता-जागता उदाहरण था कि कैसे लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे।
डिजिटल टिकट के कौन से हैं वो 2 सबसे जरूरी नियम, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है?
डिजital टिकटों के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि यात्री सही तरीके से ही यात्रा कर रहे हैं, रेलवे ने कुछ बेहद खास और जरूरी नियम दोहराए हैं। अगर आप भी मोबाइल से टिकट बुक करके चलते हैं, तो इन्हें गांठ बांध लीजिए:
- ओरिजिनल टिकट ऐप के अंदर ही दिखाएं: सबसे पहला और सबसे अहम नियम ये है कि जब भी चेकिंग हो, तो आपको अपने 'रेल वन' ऐप को खोलकर उसके भीतर मौजूद ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही दिखाना होगा। स्क्रीनशॉट, तस्वीरें, पीडीएफ कॉपियां या वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फॉरवर्ड किए गए टिकट बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ये ठीक वैसे ही है जैसे आप किसी को नोट की फोटोकॉपी नहीं, बल्कि असली नोट दिखाते हैं।
- उसी फोन और नंबर पर होना चाहिए टिकट: दूसरा नियम कहता है कि जिस मोबाइल फोन पर 'रेल वन' ऐप है और जिस नंबर से टिकट बुक किया गया है, टिकट उसी फोन में और उसी रजिस्टर्ड नंबर पर मौजूद होना चाहिए। ऐसा नहीं चलेगा कि किसी दोस्त ने अपने फोन से टिकट बुक करके आपको वॉट्सऐप कर दिया और आप उसी पर सफर कर रहे हैं। जिस यात्री का टिकट है, उसके ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर वह ऐप और टिकट दिखना चाहिए।
आपको बता दें कि तीसरा और बेहद महत्वपूर्ण बिंदु, जो ऊपर की घटना से साफ होता है, वह है टिकट बुक करने का समय। रेलवे यह भी चेक करता है कि आपका डिजिटल टिकट ट्रेन के स्टेशन से निकलने से पहले बुक हुआ था या बाद में।
अगर आप ट्रेन छूटने के बाद टिकट बुक करते पकड़े जाते हैं, तो उसे अमान्य माना जाएगा। ये इसलिए ताकि लोग 'चेकिंग आने पर ही टिकट ले लेंगे' जैसी चालबाजी न कर सकें।
यह एक तरह से खुद को बचाने का एक अहम चेकपॉइंट है।
इन नियमों का सीधा सा मकसद यही है कि डिजिटल टिकटों का गलत इस्तेमाल रोका जा सके। कई लोग ऐसे जुगाड़ लगाते थे कि बिना टिकट यात्रा कर रहे होते थे और टीटीई के आने पर फटाफट स्क्रीनशॉट या किसी और के फोन से आए टिकट को दिखा देते थे।
अब ये सब नहीं चलेगा। रेलवे चाहता है कि यात्रा बिल्कुल पारदर्शी और नियम-कानून के दायरे में हो।
तो अगली बार जब भी आप ट्रेन में अनरिजर्व्ड टिकट लेकर यात्रा करें, तो इन बातों का खास ध्यान रखें। अपने मोबाइल में 'रेल वन' ऐप इंस्टॉल करके रखें, टिकट उसी ऐप से बुक करें और सुनिश्चित करें कि चेकिंग के समय आप ओरिजिनल टिकट ही दिखाएं।
वरना, जुर्माने की तलवार आपके सिर पर लटक सकती है और आपकी सस्ती यात्रा महंगी पड़ सकती है। यात्रा से पहले ये नियम जानना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा!






































