पटना: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी दिन जो रौनक देखने को मिली, उसने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ही प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिसने मार्केट में एक जबरदस्त उछाल का संकेत दिया। यह कोई मामूली दिन नहीं था, बल्कि सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन था, जब अमूमन बाजार में थोड़ी उठा-पटक रहती है, लेकिन इस बार मामला कुछ और ही था।
पिछले कारोबारी दिन बाजार में ऐसी जान आई कि निवेशकों की दौलत में एक ही दिन में पांच लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हो गया। सोचिए, एक दिन में इतना पैसा! यह साफ दर्शाता है कि बाजार में इस वक्त कितना दम है और लोग कितनी उम्मीदों के साथ निवेश कर रहे हैं।
इस तेजी के पीछे कुछ खास सेक्टरों का हाथ था, जिन्होंने पूरे मार्केट को सहारा दिया और ऊपर खींच लिया।
अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर कौन से वो हीरो सेक्टर थे, जिन्होंने बाजार को इतनी ऊंचाई दी, तो जवाब है पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) बैंक और रियल्टी सेक्टर। इन दोनों ने मिलकर बाजार को गजब का सपोर्ट दिया।
अब सवाल यह उठता है कि क्या यह तेजी अगले दिन, यानी 10 जुलाई को भी बरकरार रहेगी या बाजार अपनी पुरानी चाल पर लौट आएगा?
क्या है वीकली एक्सपायरी और क्यों थी इतनी अहम?
सबसे पहले, जरा वीकली एक्सपायरी को समझ लेते हैं। यह हर हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन होता है जब ऑप्शन्स और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की मियाद खत्म होती है।
इस दिन अक्सर बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलता है क्योंकि ट्रेडर्स अपने कॉन्ट्रैक्ट्स को सेटेल करते हैं। कभी-कभी तो बाजार इस दिन बेतहाशा गिर भी जाता है या अचानक ऊपर चढ़ जाता है।
लेकिन इस बार का एक्सपायरी डे कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहा था। बाजार ने न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि एक शानदार रैली भी दिखाई।
सेंसेक्स और निफ्टी का हरे निशान में बंद होना अपने आप में एक बड़ी बात है। इसका मतलब है कि बाजार में खरीदारी का मूड बना हुआ था।
निवेशक भरोसे में थे और उन्होंने जमकर पैसा लगाया। यह सिर्फ कुछ शेयरों तक सीमित नहीं था, बल्कि एक ब्रॉड-बेस्ड रैली थी, जहां कई सेक्टरों में उछाल देखने को मिला।
लेकिन जैसा कि हमने बताया, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर इस तेजी के असली चैम्पियन बनकर उभरे।
पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर ने क्यों दिखाया दम?
अब बात करते हैं कि इन सेक्टरों में इतना दम क्यों दिखा। पीएसयू बैंक यानी सरकारी बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है।
सरकार की तरफ से भी उन्हें सपोर्ट मिल रहा है और इकोनॉमी में रिकवरी के संकेत मिलने से लोन ग्रोथ की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जब बैंकों की सेहत सुधरती है, तो उनकी शेयर कीमतें भी ऊपर चढ़ती हैं, और इसका असर पूरे मार्केट पर पड़ता है।
वहीं, रियल्टी सेक्टर की बात करें, तो हाउसिंग डिमांड में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। लोग घर खरीद रहे हैं, कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी तेज हो रही है, और प्रॉपर्टी की कीमतें भी धीरे-धीरे बढ़ रही हैं।
सरकार की नीतियां भी इस सेक्टर को बढ़ावा दे रही हैं, जैसे सस्ते होम लोन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस। इन सब फैक्टर्स की वजह से रियल्टी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
इन दोनों सेक्टरों का एक साथ चमकना बाजार के लिए एक पॉजिटिव साइन माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि इकोनॉमी के अहम पिलर्स अब मजबूती पकड़ रहे हैं।
जब ये सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उसका सीधा असर जीडीपी ग्रोथ पर भी पड़ता है, जिससे निवेशकों का भरोसा और भी बढ़ जाता है।
क्या 10 जुलाई को भी जारी रहेगी ये तेजी?
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर: 10 जुलाई को बाजार की चाल कैसी रह सकती है? पिछले दिन की शानदार क्लोजिंग ने बेशक एक मजबूत आधार तैयार किया है, लेकिन शेयर बाजार की अपनी अलग ही फितरत होती है। यहां एक दिन की तेजी अगले दिन कायम रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।
निवेशक और एक्सपर्ट्स अब अगले दिन के ग्लोबल क्यूज पर नजर रखेंगे। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों का प्रदर्शन, कच्चे तेल की कीमतें, और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी या बिकवाली, ये सभी चीजें भारतीय बाजार को प्रभावित करती हैं।
अगर ग्लोबल मार्केट में कोई नकारात्मक खबर आती है, तो उसका असर हमारे बाजार पर भी देखने को मिल सकता है, भले ही हमने पिछले दिन कितनी भी अच्छी रैली क्यों न देखी हो।
घरेलू मोर्चे पर, कंपनियों के आने वाले नतीजे, किसी खास सेक्टर से जुड़ी खबरें, और सरकार की तरफ से आने वाली कोई नीतिगत घोषणा भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। ट्रेडर्स अब सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स को ध्यान में रखकर ट्रेडिंग कर सकते हैं।
आमतौर पर, ऐसी शानदार तेजी के बाद, कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिल सकती है, जहां निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए शेयर बेचते हैं।
कुल मिलाकर, पिछले दिन की तेजी ने बाजार में एक उम्मीद जगाई है, लेकिन 10 जुलाई को बाजार की सही चाल कैसी रहेगी, यह ग्लोबल और घरेलू दोनों तरह के फैक्टर्स पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सावधानी बरतने और मार्केट की हर खबर पर पैनी नजर रखने की सलाह दी जाती है।
बाजार की इस रौनक को बनाए रखने के लिए अब आने वाले दिनों में और भी अच्छे संकेत मिलने जरूरी होंगे।




































