मुंबई: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जिसे शॉर्ट में AI कहते हैं, इसने हमारी दुनिया में हलचल मचा रखी है. कहीं ये लोगों को अचरज में डाल रहा है, तो कहीं रोजगार को लेकर चिंता पैदा कर रहा है. खासकर आईटी सेक्टर में, जहां हर नई टेक्नोलॉजी का असर सबसे पहले दिखता है, वहां ये बहस कुछ ज़्यादा ही गर्म है कि क्या AI इंसानों की नौकरियां खा जाएगा?
अब इसी बड़े सवाल का जवाब आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन ने दिया है.
उनका बयान उन लाखों युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो अपने करियर को लेकर सोच में पड़े थे.
कृतिवासन ने साफ-साफ कहा है कि AI की वजह से TCS में कर्मचारियों की संख्या कम नहीं होगी, यानी नौकरियां नहीं जाएंगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी आगे भी भर्ती जारी रखेगी.
लेकिन साथ ही उन्होंने एक अहम बात भी कही - कर्मचारियों को नई AI स्किल्स सीखनी होंगी. उनका इशारा साफ है, काम का तरीका बदलेगा, तो खुद को भी बदलना होगा.
क्या AI वाकई में नौकरी नहीं छीनेगा, सिर्फ बदलेगा?
के. कृतिवासन के मुताबिक, AI के आने से कर्मचारियों का काम करने का तरीका ज़रूर बदलेगा, उनके रोल बदलेंगे, लेकिन नौकरियां खत्म नहीं होंगी.
ज़रा सोचिए, कुछ साल पहले तक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग ही मुख्य काम होते थे. अब AI ने कई नए रास्ते खोल दिए हैं.
उन्होंने बताया कि अब प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, AI मॉडल की ट्रेनिंग, मॉडल टेस्टिंग और उस मॉडल के पूरे लाइफ-साइकिल मैनेजमेंट जैसे नए रोल तेज़ी से बढ़ेंगे. इन नए क्षेत्रों में हुनरमंद लोगों की भारी डिमांड होगी.
इसका सीधा मतलब ये है कि मार्केट में नई-नई स्किल्स की ज़रूरत पड़ेगी और जो लोग इन स्किल्स को सीखेंगे, उनके लिए तरक्की के नए दरवाज़े खुलेंगे.
कंपनी अपनी ज़रूरत के हिसाब से टैलेंट को लगातार हायर करती रहेगी. कृतिवासन का मानना है कि AI से व्हाइट-कॉलर नौकरियों में बड़े पैमाने पर कटौती नहीं होगी, बल्कि काम के स्वरूप में बदलाव आएगा.
जब AI का शोर है, तो क्या TCS सच में भर्ती कर रही है?
कृतिवासन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब TCS ने हाल ही में ज़बरदस्त हायरिंग करके सबको चौंका दिया है. कंपनी ने जून तिमाही में पिछले चार साल की सबसे बड़ी भर्ती की है.
ये कोई छोटी-मोटी संख्या नहीं है.
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान TCS ने कुल 9,279 नए कर्मचारियों को अपने परिवार में शामिल किया है. इस नई भर्ती के बाद कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई है.
ये आंकड़े अपने आप में बहुत कुछ कहते हैं. इससे पता चलता है कि AI के नाम पर सिर्फ बातें नहीं हो रही हैं, बल्कि कंपनी हकीकत में टैलेंट को मौका दे रही है.
इतना ही नहीं, TCS ने इस तिमाही में देश के नामी-गिरामी संस्थानों से 14,000 फ्रेशर्स को भी अपनी टीम का हिस्सा बनाया है. यह उन इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है, जो अपना करियर शुरू करने वाले हैं और जिनके मन में AI को लेकर कई सवाल थे.
तो फिर TCS चेयरमैन ने पहले क्या कहा था?
कुछ वक़्त पहले TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक बयान दिया था, जिसने आईटी जगत में थोड़ी हलचल मचाई थी.
उन्होंने संकेत दिया था कि कंपनी भर्ती को लेकर पहले से ज़्यादा सलेक्टिव होगी. इस बयान को कुछ लोगों ने नौकरी में कमी आने के तौर पर देखा था.
लेकिन अब के. कृतिवासन के स्पष्टीकरण से तस्वीर साफ़ हो गई है.
सलेक्टिव होने का मतलब ये नहीं है कि भर्ती बंद हो जाएगी या नौकरियां कम होंगी. इसका मतलब ये है कि कंपनी को अब उन लोगों की तलाश है, जिनके पास नए दौर की, खास तौर पर AI से जुड़ी स्किल्स हों.
यानी, पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि नई टेक्नोलॉजियों के साथ खुद को अपडेट रखने वालों को मौका मिलेगा.
कंपनी के लेटेस्ट तिमाही नतीजे क्या बताते हैं?
चलिए, अब कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों पर भी एक नज़र डाल लेते हैं, क्योंकि किसी भी कंपनी की असल सेहत उसके फाइनेंशियल्स से ही पता चलती है. TCS का पहली तिमाही (Q1 FY27) में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.7% गिरकर 13,349 करोड़ रुपये रहा.
यह आंकड़ा बाज़ार के अनुमानों से थोड़ा कम था, जिससे शायद कुछ निवेशकों को झटका लगा हो. कंपनी ने इस गिरावट की वजह भी बताई है.
दरअसल, एक कानूनी मामले के निपटारे में TCS को 668 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च उठाना पड़ा, जिसका सीधा असर मुनाफ़े पर पड़ा.
हालांकि, अगर हम इस एकमुश्त खर्च को हटा दें, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये रहा होता. वहीं, रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है.
TCS का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा, जो बाज़ार के अनुमानों से ऊपर था. कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13.9% और तिमाही आधार पर 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
ये आंकड़े बताते हैं कि चुनौतियां होने के बावजूद, कंपनी की कमाई का पहिया घूम रहा है.
कुल मिलाकर, TCS का ये संदेश साफ है कि AI से घबराने की नहीं, बल्कि उसे सीखने और अपनाने की ज़रूरत है. जो लोग AI स्किल्स के साथ ख़ुद को अपडेट रखेंगे, उनके लिए नौकरियों के मौक़े कम नहीं होंगे, बल्कि नए रास्ते खुलेंगे और करियर में नई ऊंचाइयां छूने का मौक़ा मिलेगा.
आईटी सेक्टर में करियर बनाने की सोच रहे युवाओं और मौजूदा प्रोफेशनल्स के लिए यह एक अहम सबक है कि बदलते वक़्त के साथ ख़ुद को बदलना ही समझदारी है.



































