शायन (Cheyenne): कल्पना कीजिए कि शहर का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट अचानक बंद हो जाए और वजह निकले एक ऐसा बैक्टीरिया जिसे खत्म करना नामुमकिन सा हो। कुछ ऐसा ही हुआ अमेरिका के शायन शहर में, जहाँ फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा (Meta) के डेटा सेंटर की वजह से शहर के पानी की सफाई प्रणाली में भारी गड़बड़ी पैदा हो गई। मामला इतना गंभीर था कि शहर के दो वॉटर रिक्लेमेशन प्लांट को पूरी तरह बंद करना पड़ा और अब महीनों तक उनकी सफाई और मरम्मत का काम चलेगा।
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह प्रदूषण किसी लापरवाही से नहीं, बल्कि डेटा सेंटर के कूलिंग सिस्टम को तैयार करने की एक सामान्य प्रक्रिया के दौरान हुआ। मेटा के डेटा सेंटर के लिए काम कर रही कंपनी 'गोट सिस्टम्स LLC' (Goat Systems LLC) ने जब पाइपलाइनों की सफाई के लिए पानी छोड़ा, तो उसी के साथ एक दुर्लभ बैक्टीरिया शहर के सीवर सिस्टम में घुल गया।
जब जांच हुई, तो पता चला कि यह 'क्यूप्रियाविडस गिलार्डी' (Cupriavidus gilardii) नाम का बैक्टीरिया है, जो काफी जिद्दी है और आसानी से खत्म नहीं होता।
शहर के अधिकारियों के लिए यह किसी 'बुरे सरप्राइज' से कम नहीं था। जब इस बैक्टीरिया का पता चला, तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए क्योंकि यह संक्रमण पूरे वॉटर रिक्लेमेशन सिस्टम में फैल चुका था।
नतीजतन, शायन बोर्ड ऑफ पब्लिक यूटिलिटीज ने एक कड़ा फैसला लेते हुए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से आने वाले रीक्लेम्ड वॉटर के ट्रीटमेंट को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया है।
कैसे हुआ यह प्रदूषण
पूरी घटना की शुरुआत डेटा सेंटर के 'क्लोज्ड-लूप कूलिंग सिस्टम' की सफाई से हुई। दरअसल, डेटा सेंटर्स में भारी मात्रा में हीट पैदा होती है, जिसे ठंडा रखने के लिए पाइपों का एक जाल बिछाया जाता है।
इन पाइपों को इस्तेमाल में लाने से पहले 'फिल-एंड-फ्लश' (fill-and-flush) प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें पानी को तेजी से पाइपों से गुजारा जाता है ताकि अंदर मौजूद कचरा और गंदगी साफ हो जाए, और फिर उसमें कूलिंग लिक्विड भरा जाता है।
गोट सिस्टम्स ने इसी फ्लशिंग के दौरान गंदा पानी शहर के सैनिटरी सीवर में छोड़ दिया। विडंबना यह है कि जिस पानी का इस्तेमाल सफाई के लिए किया गया था, वह खुद उसी बोर्ड से खरीदा गया था।
बोर्ड के इंजीनियरिंग और वॉटर रिसोर्स डिवीजन मैनेजर फ्रैंक स्ट्रॉन्ग का कहना है कि हालांकि पानी बोर्ड से लिया गया था, लेकिन यह बैक्टीरिया आखिर से कहाँ आया, इसका सटीक स्रोत अभी तक स्पष्ट नहीं है।
प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य की चिंताएं
इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मार्च के अंत में ही गोट सिस्टम्स के पानी छोड़ने के अधिकार छीन लिए गए थे, लेकिन बाद में इस बैन को सभी डेटा सेंटर्स पर लागू कर दिया गया।
अब शहर ने साफ कर दिया है कि वह डेटा सेंटर्स के क्लोज्ड-लूप कूलिंग सिस्टम से निकलने वाले औद्योगिक अपशिष्ट जल (Industrial Wastewater) को अब स्वीकार नहीं करेगा।
इस हादसे ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि क्या शहर के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट इतने सक्षम हैं कि वे डेटा सेंटर जैसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से निकलने वाले केमिकल और कचरे को संभाल सकें। अक्सर इन कूलिंग सिस्टम्स में 'प्रोपिलीन ग्लाइकोल' जैसे एंटीफ्रीज केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो पर्यावरण और पानी की शुद्धता के लिए खतरा बन सकते हैं।
फिलहाल, दो प्लांट बंद हैं और शहर की टीम इस जिद्दी बैक्टीरिया को साफ करने की मशक्कत में जुटी है, जिसमें कई महीने लगने की उम्मीद है।








































