दिल्ली: सोचिए, एक लड़की जिसकी कुछ महीनों पहले ही शादी हुई हो, वो अपनी जिंदगी से इतनी परेशान हो जाए कि गूगल पर 'आसानी से कैसे मरें' जैसे सवाल सर्च करने लगे? ये बात सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी, लेकिन दिल्ली से आई एक खबर में ठीक ऐसा ही हुआ है. 28 साल की आकृति सुतार की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिसकी शादी के दो महीने बाद ही संदिग्ध हालात में मौत हो गई. पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने न सिर्फ पुलिस को बल्कि सुनने वालों को भी हैरान कर दिया है.
ये मामला सिर्फ एक दुखद मौत का नहीं, बल्कि दहेज के नाम पर एक जिंदगी को तिल-तिल खत्म करने की एक दर्दनाक दास्तान भी बयां कर रहा है. आकृति की गूगल सर्च हिस्ट्री में जो मिला है, वो चीख-चीखकर बता रहा है कि मरने से पहले वो कितनी अकेली और कितनी लाचार महसूस कर रही थी.
इस पूरे मामले में पुलिस ने फिलहाल आकृति के पति अरास्तु सिक्का को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और दहेज से जुड़ी मौत का आरोप लगा है.
लेकिन सवाल ये है कि आखिर आकृति जैसी एक पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर लड़की को ऐसी नौबत क्यों आई?
आकृति की जिंदगी का सफर और वो आखिरी दिन क्या था?
आकृति सुतार, जिनकी उम्र 28 साल थी, उन्होंने अपने प्रेमी अरास्तु सिक्का के साथ करीब दो साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद 24 अप्रैल को शादी की थी. एक नई जिंदगी शुरू करने की उम्मीदें और सपने आंखों में लिए आकृति ने अपने घर बसाने की सोची थी.
शादी के बाद कुछ दिनों की छुट्टी लेकर वो अपने काम पर लौटीं. 1 जुलाई को उन्होंने छतरपुर में मौजूद एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर फिर से नौकरी शुरू की.
सब कुछ ठीक लग रहा था, एक नई नवेली दुल्हन, नई शुरुआत. लेकिन किसे पता था कि ये वापसी उनके जीवन का अंत बनने वाली है? नौकरी पर लौटने के ठीक चार दिन बाद, 4 जुलाई को, दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी के आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से गिरने से उनकी मौत हो गई.
ये घटना जिसने पूरे परिवार और पुलिस को हिलाकर रख दिया है.
पुलिस की जांच में क्या कुछ सामने आया है?
आकृति की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया. जांच में जुटी टीम को आकृति के मोबाइल फोन से जो जानकारी मिली, वो बेहद चौंकाने वाली थी.
उनकी सर्च हिस्ट्री में "आसानी से कैसे मरें" जैसे शब्द लिखे हुए मिले. अब आप खुद सोचिए, एक युवा महिला जिसकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी, उसे ऐसी चीजें क्यों सर्च करनी पड़ रही होंगी? ये दिखाता है कि वो अंदर से कितनी टूट चुकी थी.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मौत की असली वजह जानने के लिए हर पहलू से जांच कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन का सारा डेटा और दूसरे डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है.
सिर्फ पति ही नहीं, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि कोई भी जानकारी छूटने न पाए.
दहेज की आग में क्या आकृति जल रही थी?
आकृति के छोटे भाई अमाय सुतार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में दिल दहला देने वाली बातें बताई हैं. उन्होंने बताया कि आकृति को लगता था कि अगर वो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहेगी, तो ससुराल वालों की प्रताड़ना का सामना बेहतर तरीके से कर पाएगी और अपने मायके वालों पर बोझ भी नहीं बनेगी.
ये मानसिकता ही दिखाता है कि आकृति किस मानसिक दबाव से गुजर रही थी.
अमाय ने बताया कि शादी के बाद से ही आकृति को घर का जरूरी सामान न लाने को लेकर बार-बार ताने मारे जाते थे. ससुराल वाले लगातार इस बात को लेकर शिकायत करते थे कि आकृति अपने साथ बिस्तर, सोफा, अलमारी, फ्रिज और एसी जैसे जरूरी सामान नहीं लाई है.
ये ताने इतने तीखे थे कि आकृति को हमेशा यही लगता रहता था कि उसे इन चीजों का इंतजाम खुद ही करना पड़ेगा.
क्या आपको नहीं लगता कि ये बातें सिर्फ सामान न लाने के बहाने थीं? असल में तो ये सीधे-सीधे दहेज की डिमांड थी. अमाय सुतार के मुताबिक, इन सब बातों के जरिए ससुराल वाले अप्रत्यक्ष रूप से 10 से 20 लाख रुपये की मांग का दबाव बना रहे थे.
ये सब कुछ इतना चालाकी से किया जा रहा था कि सीधा-सीधा कोई शिकायत भी नहीं की जा सकती थी.
आकृति अपने परिवार को क्यों नहीं परेशान करना चाहती थी?
अमाय ने अपनी बहन के दिल की बात बताते हुए कहा कि आकृति अपने मायके से पैसे नहीं मांगना चाहती थी. वो नहीं चाहती थी कि उसका परिवार उसकी वजह से किसी भी तरह की परेशानी उठाए.
उसने अपने भाई से कहा था, "तुम अभी-अभी आर्थिक रूप से मजबूत हुए हो. अपने ऊपर बोझ मत लो.
"
ये शब्द सुनकर किसी भी भाई का दिल टूट जाएगा. आकृति अपनी मेहनत की कमाई से धीरे-धीरे ये सभी चीजें खरीदकर इस विवाद को खत्म करना चाहती थी.
वो अपनी नौकरी इसलिए कर रही थी ताकि वो इन सभी दबावों से खुद को और अपने परिवार को बचा सके. लेकिन शायद हालात इतने बिगड़ गए थे कि उसे कोई रास्ता नहीं दिख रहा था.
आज आकृति नहीं है, और उसकी गूगल सर्च हिस्ट्री एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई बयां कर रही है, जो समाज में दहेज प्रथा के जहर को फिर से उजागर करती है. पुलिस अपनी जांच में जुटी है, लेकिन क्या हम सब इस बात पर गौर नहीं करेंगे कि हमारे आसपास कितनी और 'आकृतियां' ऐसी ही घुटन भरी जिंदगी जी रही होंगी?
फिलहाल पुलिस ने आकृति के पति अरास्तु सिक्का को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है. उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही इंसाफ होगा और आकृति को न्याय मिलेगा.







































