गुरुग्राम: भैया, जीवन में कब कौन सी घड़ी आ जाए, कोई नहीं जानता। और जब मेडिकल इमरजेंसी आन पड़े, तो भैया, सबसे पहले भागना होता है अस्पताल की ओर। ऐसे में अगर एम्बुलेंस समय पर मिल जाए और उसके लिए मोटी रकम भी न चुकानी पड़े, तो समझिए किसी भगवान से कम नहीं। ऐसी ही एक कहानी आजकल सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है, जिसने हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ये किस्सा है गुरुग्राम का, जहां एक बुजुर्ग महिला को अचानक हार्ट अटैक आ गया और उनकी जान पर बन आई।
परिवार वाले बेचारे घबराए हुए, फौरन एम्बुलेंस ढूंढने में लग गए। लेकिन फिर जो हुआ, वो सुनकर आप भी सोचेंगे कि वाकई हमारा सिस्टम कहां खड़ा है।
जहां एक तरफ जिंदगी और मौत के बीच की जंग चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ एम्बुलेंस वाले अपनी फीस गिना रहे थे। पर तभी, एक अनपेक्षित हीरो की एंट्री हुई, जिसने इस मुश्किल घड़ी को थोड़ा आसान बना दिया।
और ये हीरो कोई और नहीं, बल्कि ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनी Blinkit थी।
अब आप कहेंगे, भैया Blinkit का एम्बुलेंस से क्या लेना-देना? बिल्कुल सही सोच रहे हैं आप, पर इस कहानी में ट्विस्ट यही है। आइए, जानते हैं कि आखिर हुआ क्या था और कैसे एक फूड डिलीवरी ऐप ने मेडिकल इमरजेंसी में लोगों का दिल जीत लिया।
क्या था पूरा मामला, और कैसे आई ये नौबत?
गुरुग्राम में एक परिवार पर उस वक्त मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके घर की बुजुर्ग महिला को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। सोचिए, उस पल में परिवार पर क्या बीती होगी! हर कोई चाहता है कि ऐसे में बस किसी भी तरह मरीज को जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचा दिया जाए ताकि इलाज शुरू हो सके।
महिला की हालत नाजुक थी और एक-एक पल कीमती था। बिना देरी किए, परिवार वालों ने तुरंत अलग-अलग एम्बुलेंस सेवाओं से संपर्क साधना शुरू किया।
पर यहां उन्हें एक और झटका लगा। जो एम्बुलेंस सेवा देने वाले थे, उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए मुंह मांगे दाम बताने शुरू कर दिए।
कोई 10 हजार मांग रहा था, तो कोई सीधे 15 हजार रुपये की डिमांड रख रहा था। अब आप ही बताइए, ऐसी इमरजेंसी में कोई व्यक्ति पैसों का इंतजाम करे या मरीज की जान बचाने के लिए भागे? ये कोई छोटी-मोटी रकम नहीं थी, खासकर ऐसे वक्त में जब हर तरफ तनाव और परेशानी हो।
परिवार के लिए ये एक बड़ी टेंशन बन गई थी। एक तरफ मरीज की जान खतरे में, दूसरी तरफ एम्बुलेंस के लिए हजारों का बिल।
इस असमंजस के बीच, उन्हें लग रहा था कि शायद उनकी सारी उम्मीदें खत्म हो रही हैं।
संकट के इस दौर में फरिश्ता बनकर कौन आया?
इसी बीच, किसी ने परिवार को एक अजब-गजब सुझाव दिया। कहा कि भैया, एक बार Blinkit ऐप पर ट्राई करो।
वहां शायद एम्बुलेंस का विकल्प मिल जाए। पहले तो शायद परिवार को लगा होगा कि ये मजाक है, Blinkit तो किराने का सामान और खाने की चीजें पहुंचाता है, वो एम्बुलेंस कैसे देगा? पर जब बात जान बचाने की हो, तो इंसान कुछ भी करने को तैयार हो जाता है।
उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे, तुरंत Blinkit ऐप खोला और एम्बुलेंस बुक करने की कोशिश की।
और फिर जो हुआ, वो किसी चमत्कार से कम नहीं था! कुछ ही मिनटों में, Blinkit की एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। जी हां, आपने सही सुना, मिनटों में! कंटेंट क्रिएटर कोमल खंडेलवाल ने खुद इस पूरे अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर किया है और बताया कि कैसे Blinkit ने उनकी मदद की।
उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस सिर्फ समय पर ही नहीं आई, बल्कि उसके लिए एक रुपया भी नहीं मांगा गया। बिल्कुल मुफ्त सेवा!
"फाइव स्टार" एम्बुलेंस में क्या-क्या था?
कोमल ने अपने वीडियो में इस एम्बुलेंस की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बताया कि ये कोई ऐसी-वैसी एम्बुलेंस नहीं थी।
सुविधाओं के मामले में ये किसी फाइव स्टार एम्बुलेंस से कम नहीं थी, ऐसा कोमल ने खुद मजाकिया अंदाज़ में कहा है। अंदर मरीज को आराम से ले जाने के लिए स्ट्रेचर का इंतजाम था, साथ में व्हीलचेयर भी मौजूद थी।
ताकि मरीज को उतारने-चढ़ाने में या अस्पताल के अंदर ले जाने में कोई दिक्कत न हो।
और सिर्फ इतना ही नहीं, एम्बुलेंस में मरीज के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण भी मौजूद थे। यानी ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट एड किट और दूसरी इमरजेंसी में काम आने वाली दवाइयां भी वहां थीं।
सबसे बड़ी बात, एम्बुलेंस में एक प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ भी था, जो मरीज की देखभाल और प्राथमिक उपचार दे सकता था। कुल मिलाकर, परिवार के लिए ये मदद सिर्फ मुफ्त ही नहीं, बल्कि पूरी तरह प्रोफेशनल और भरोसेमंद थी।
Blinkit से क्या खास अपील की गई?
कोमल खंडेलवाल ने Blinkit की इस पहल के लिए दिल से धन्यवाद दिया है। उन्होंने अपने वीडियो में कंपनी से एक खास अपील भी की।
उनका कहना था कि Blinkit को अपनी यह एम्बुलेंस सेवा हमेशा मुफ्त ही रखनी चाहिए। आखिर क्यों, पूछिए?
कोमल ने इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि भैया, हर किसी के पास अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी में दस-पंद्रह हजार रुपये तुरंत निकालने की क्षमता नहीं होती।
सोचिए, अगर किसी व्यक्ति के पास उस वक्त पैसे न हों, तो क्या सिर्फ इसी वजह से उसकी जान खतरे में पड़ जानी चाहिए या उसकी जान चली जानी चाहिए? बिल्कुल नहीं!
ऐसी सेवाओं से न सिर्फ लोगों की जान बच सकती है, बल्कि मुश्किल घड़ी में उन्हें एक बड़ी राहत भी मिलती है। कोमल की ये बात बिल्कुल वाजिब है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवा कोई लग्जरी नहीं, बल्कि हर इंसान का बुनियादी हक है।
सोशल मीडिया पर पब्लिक का क्या रिएक्शन है?
कोमल का ये वीडियो सोशल मीडिया पर भैया, देखते ही देखते वायरल हो गया। हजारों लोगों ने इसे देखा, शेयर किया और अपनी राय रखी।
पब्लिक ने Blinkit की इस पहल की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने तो अपने खुद के अनुभव भी साझा किए, जहां उन्हें या उनके किसी जानने वाले को ऐसी मुफ्त या समय पर मिली मदद ने बड़ी राहत दी थी।
एक यूजर ने तो सीधे-सीधे लिख दिया, “Blinkit की यह पहल शानदार है और वाकई जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है।” दूसरे यूजर ने कहा, “ऐसी सेवाएं ही समाज में उम्मीद जगाती हैं और मुश्किल वक्त में सहारा बनती हैं।
” इस घटना ने एक बार फिर इमरजेंसी सेवाओं की अहमियत और उनकी हर आम आदमी तक पहुंच पर एक नई बहस छेड़ दी है। कुल मिलाकर, Blinkit ने एक डिलीवरी कंपनी से बढ़कर एक जीवन रक्षक की भूमिका निभाई है और लोगों का खूब सारा प्यार बटोर रही है।






































