दिल्ली: देश के कई हिस्सों में इस समय झमाझम बारिश हो रही है, कहीं राहत तो कहीं आफत बनी हुई है. मुंबई से दिल्ली तक पानी बरस रहा है, और इन सबके बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मॉनसून की चाल को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है. ये अपडेट उन लोगों के लिए खास है जो अब तक मॉनसून के आने का इंतज़ार कर रहे थे, या उसकी धीमी चाल से परेशान थे. IMD का कहना है कि मॉनसून ने अब अपनी स्पीड बढ़ा ली है, और बहुत जल्द ये पूरे देश को भिगो देगा.
दरअसल, जून के महीने में मॉनसून की चाल थोड़ी सुस्त थी, और ये असमान तरीके से आगे बढ़ रहा था. लेकिन अब तस्वीर बदल गई है.
IMD के ताज़ा आंकड़ों की मानें तो साउथ-वेस्ट मॉनसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर इसके पूरे देश को कवर करने की संभावना है. ये अपने आप में एक अच्छी खबर है, खासकर उन कृषि प्रधान इलाकों के लिए जहां पानी का इंतज़ार हो रहा है.
7 जुलाई को मॉनसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में भी आगे बढ़ गया है. अब उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी बचे हिस्सों सहित पूरे देश में इसके आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल बनी हुई हैं.
कुल मिलाकर, देश भर में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री की तैयारी है.
क्या मॉनसून तय समय से पहले आएगा?
IMD के मुताबिक, आमतौर पर मॉनसून 15 जुलाई के आस-पास पूरे भारत को कवर कर लेता है. लेकिन इस बार की रफ्तार को देखते हुए, अगर अगले दो से तीन दिनों में ये पूरे देश में फैल जाता है, तो ये अपनी सामान्य तारीख से पहले ही पूरे देश में दस्तक दे देगा.
यानी, इस साल हमें तय समय से पहले ही पूरे देश में मॉनसून की बारिश देखने को मिल सकती है. ये एक ऐसा फैक्टर है जो खेती-किसानी से लेकर आम जनजीवन तक, हर जगह असर डालेगा.
इस साल मॉनसून ने अपनी सामान्य तारीख 1 जून के मुकाबले तीन दिन की देरी से 4 जून को केरल में दस्तक दी थी. फिर करीब दो हफ्ते की देरी से 23 जून को मुंबई पहुंचा था.
पश्चिमी कृषि क्षेत्रों में करीब दो हफ्तों तक तो इसकी रफ्तार बिल्कुल थमी हुई थी, लेकिन अब इसकी स्पीड तेज हुई है. ये देरी और फिर अचानक रफ्तार पकड़ना, मॉनसून के मिजाज को बताता है.
ये भी जान लीजिए कि इस साल भारत ने 1901 के बाद अपना पांचवां सबसे सूखा जून का महीना देखा है. यानी जून में औसत से 39.8% कम बारिश हुई थी.
इस आंकड़े से आप समझ सकते हैं कि मॉनसून की रफ्तार पकड़ना कितना जरूरी था, ताकि बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सके.
दिल्ली-NCR में कब तक रहेगी राहत?
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट बताती है कि देश की राजधानी दिल्ली में हुई बारिश ने निवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है. दिल्ली वाले जो अब तक पसीने और उमस से बेहाल थे, उनके लिए ये बारिश किसी वरदान से कम नहीं थी.
मौसम विभाग यानी IMD ने दिल्ली-NCR में अगले पांच दिनों तक और बारिश होने के साथ-साथ आंधी-तूफान आने का अनुमान जताया है.
दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इस दौरान तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत है.
उमस भले बनी रहे, लेकिन चिलचिलाती धूप से बचाव तो मिलेगा ही.
अर्बन मेट्रोलॉजिकल सर्विसेज द्वारा जारी जिलावार पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR के सभी 15 जिलों (उत्तरी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, केंद्रीय दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, शाहदरा) और NCR के जिलों (फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद) में मौसम एक जैसा रहने वाला है. यानी, पूरे रीजन में बारिश का माहौल बना रहेगा.
IMD ने 7, 8 और 9 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि इन दिनों मौसम थोड़ा खराब रह सकता है, इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और कहीं-कहीं भारी बारिश की भी आशंका है. तो अगर आप इन इलाकों में रहते हैं, तो घर से निकलने से पहले मौसम का हाल ज़रूर जान लें.







































