धनबाद: बस स्टैंड के पास गुरुवार की सुबह-सुबह जब लोग अपनी दिनचर्या शुरू कर रहे थे, तभी एक ऐसी खबर आई जिसने सबको सन्न कर दिया। अक्सर शांत रहने वाली सुबह में अचानक चीख-पुकार और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। माजरा क्या था? दरअसल, धनबाद के व्यस्त बस स्टैंड से कुछ ही कदम दूर सड़क किनारे एक शख्स का शव पड़ा मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही इस वीभत्स दृश्य ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह कौन है और कैसे उसकी मौत हुई। जैसे ही लोगों की नजर उस अचेत पड़े शरीर पर पड़ी, कुछ ही देर में वहां देखने वालों का मजमा लग गया।
हर कोई अपने मोबाइल से फोटो खींचने या वीडियो बनाने में नहीं, बल्कि ये जानने की कोशिश में था कि आखिर ये शख्स कौन है। तुरंत ही किसी ने धनबाद पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मामला और गरमा गया।
खबर मिलते ही धनबाद थाने की पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले भीड़ को काबू किया और शव को अपने कब्जे में लिया।
प्रारंभिक जांच और आस-पास के लोगों से पूछताछ के बाद शव को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसका पोस्टमार्टम होना है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, इस अज्ञात शख्स की पहचान करना और उसकी मौत की असली वजह तक पहुंचना।
शंभू सिंह की जुबानी: कौन था वो शख्स?
पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो आस-पास के लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान शंभू सिंह नाम के एक स्थानीय निवासी सामने आए, जिनकी बातों से इस मामले में एक नई कड़ी जुड़ती दिख रही है।
शंभू सिंह ने बताया कि जिस शख्स का शव मिला है, उसे वो कई दिनों से बस स्टैंड के इर्द-गिर्द घूमते-फिरते देखते थे। वो शख्स अक्सर यहां कचरा चुनने का काम करता था।
कबाड़ और प्लास्टिक बीनकर जो भी थोड़े-बहुत पैसे मिलते थे, उनसे वो अपनी रोजी-रोटी चलाता था।
शंभू सिंह के मुताबिक, मृतक अक्सर उन पैसों से शराब का सेवन भी करता था। यह उसकी रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका था।
गुरुवार की सुबह जब शंभू सिंह अपने काम से निकले, तो उनकी नजर सड़क किनारे पड़े एक शख्स पर पड़ी। पहले तो उन्हें लगा कि शायद वो यूं ही सो रहा होगा, लेकिन जब पास जाकर देखा, तो वो अचेत अवस्था में पड़ा था।
उन्हें तुरंत ही एहसास हो गया कि कुछ गड़बड़ है।
शंभू सिंह ने बताया, "मैंने तुरंत पहचान लिया कि यह वही शख्स है जिसे मैं हर दिन कचरा चुनते हुए देखता था। वो अक्सर यहीं कहीं सड़क किनारे या दुकानों के बाहर पड़ा रहता था।
लेकिन आज वो हिल-डुल नहीं रहा था।" उन्होंने फौरन आस-पास के लोगों को इसकी जानकारी दी, और फिर उन्हीं में से किसी ने पुलिस को खबर की।
शंभू सिंह की यह जानकारी पुलिस के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है, क्योंकि यह मृतक की पहचान की दिशा में पहला ठोस सुराग है, भले ही उसका नाम अभी भी अज्ञात हो।
पहचान और मौत का राज़
धनबाद पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शुरुआती जांच में पाया कि मृतक की पहचान करना आसान नहीं होगा, क्योंकि उसके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त हो सके।
पुलिस अधिकारियों ने आस-पास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से भी मृतक के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन किसी को भी उसका नाम या पूरा पता मालूम नहीं था। एक कचरा चुनने वाले की गुमनाम ज़िंदगी का यह पहलू पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
धनबाद थाना पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "हमने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, मृतक अज्ञात है और हम उसकी पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
आस-पास के इलाकों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की भी जांच की जा रही है।" पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो पाएगा।
क्या यह स्वाभाविक मौत थी? क्या किसी बीमारी ने उसकी जान ली? या फिर इसके पीछे कोई और राज छिपा है? ये सारे सवाल फिलहाल अनसुलझे हैं।
अधिकारी ने आगे कहा, "प्रारंभिक तौर पर किसी तरह की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, जिससे यह कहा जा सके कि मौत किसी अपराध का नतीजा है। लेकिन हम किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
" पुलिस की टीमें अब बस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं, जो इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठा सकती है। जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, तब तक धनबाद के बस स्टैंड के पास मिली यह लाश सिर्फ एक और अनसुलझी कहानी बनकर रह जाएगी, एक ऐसे इंसान की कहानी जिसकी ज़िंदगी का अंत भी उसकी ज़िंदगी की तरह ही गुमनाम रहा।


