जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में एक ऐसी खौफनाक वारदात हुई है जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। बिष्टुपुर के पॉश इलाके में बने 'डबल डाउन' बार के बाहर करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह को पुलिस वैन से खींचकर सरेआम मौत के घाट उतार दिया गया। सोचिए, पुलिस की मौजूदगी में, पुलिस वैन से निकालकर... ये सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आखिर क्या हुआ, कैसे हुआ, और क्यों हुआ? पूरी कहानी समझेंगे, जो किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है।
ये मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि इसके बाद प्रशासन और मृतक के परिवार के बीच चले लंबे गतिरोध का भी है। हिमांशु की हत्या बुधवार तड़के हुई थी।
पुलिस ने सुबह करीब साढ़े तीन बजे ही गुपचुप तरीके से पोस्टमॉर्टम करवा दिया। परिवार वाले इस बात पर बुरी तरह भड़क गए।
उनकी नाराजगी इतनी थी कि उन्होंने शव लेने से ही इनकार कर दिया और पोस्टमॉर्टम हाउस पर हंगामा शुरू कर दिया।
गुस्साए परिजन और शुभचिंतक पोस्टमॉर्टम हाउस पर जमा हो गए। माहौल तनावपूर्ण था।
प्रशासन के अधिकारी समझाने आए तो परिजन उनसे ही उलझ पड़े। ये गतिरोध करीब दो घंटे तक चला।
फिर सरायकेला के उपायुक्त नीतीश कुमार और कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मोर्चा संभाला। लंबी बातचीत के बाद, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने परिवार को लिखित में आश्वासन दिया।
तब जाकर परिवार वाले शव लेने को राजी हुए और तनाव थोड़ा कम हुआ।
अंतिम संस्कार और परिवार की मांगें
उपायुक्त राजीव रंजन के लिखित आश्वासन के बाद, देर शाम हिमांशु सिंह की शवयात्रा उनके घर से निकली। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
ये शवयात्रा बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट तक गई, जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने प्रशासन को तीन सूत्री मांगपत्र सौंपा था।
इसमें साफ-साफ कहा गया कि घटना वाली जगह पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी मिले। ये मांगें इसलिए भी अहम हैं क्योंकि कथित तौर पर ये घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई है।
पुलिस की जांच: बार संचालक पर गहरा शक
अब आते हैं उस पहलू पर, जहाँ पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और कई परतें खुल रही हैं। हत्याकांड में पुलिस को 'डबल डाउन' बार के संचालक नीरज सिंह पर गहरा शक है।
बताया जा रहा है कि 'डबल डाउन' बार में हिमांशु और उसके साथियों का किसी बात को लेकर नीरज सिंह से झगड़ा हुआ था। पुलिस का शुरुआती अनुमान है कि इसी झगड़े का 'सबक सिखाने' के लिए नीरज सिंह ने दो बदमाशों – कदमा के राहुल दुबे और गम्हरिया के विश्वनाथ मंडल – को बुलाया था।
यानी, ये हत्या अचानक नहीं, बल्कि किसी पुरानी रंजिश या झगड़े का नतीजा हो सकती है।
पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए बुधवार शाम को नीरज सिंह के मानगो स्थित घर पर छापेमारी की। पुलिस जब पहुंची तो नीरज वहां नहीं मिले, जिससे शक और गहरा गया।
लेकिन पुलिस ने उनके घर से उनकी दो महंगी गाड़ियां – एक डिफेंडर और एक किया कार – जब्त कर लीं। इन गाड़ियों को थाने ले आया गया है और पुलिस नीरज सिंह की तलाश में जुट गई है।
पुलिस अब नीरज सिंह और उन संदिग्ध बदमाशों के कॉल डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। ये पता लगाया जा रहा है कि नीरज ने उन बदमाशों को कब और क्यों बुलाया, और हत्या की पूरी साजिश कैसे रची गई।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।
शहर में तनाव और सुरक्षा का घेरा
इस हत्या के बाद पूरे जमशेदपुर में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए शहर भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने शहर के छह संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा यानी धारा 144 लागू कर दी है, जिसका मतलब है कि इन इलाकों में भीड़ इकट्ठा नहीं हो सकती। हर चौक-चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
हिमांशु के घर पर दिनभर नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का तांता लगा रहा। सभी ने परिजनों को सांत्वना दी और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
टीएमएच गोलचक्कर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पुलिस का कड़ा पहरा है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सियासी सरगर्मी और बंद का आह्वान
इस पूरे मामले ने सियासी हलकों में भी गर्मी बढ़ा दी है। सुबह-सुबह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास हिमांशु के घर पहुंचे।
उन्होंने इस घटना को लेकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और बढ़ते अपराध के खिलाफ 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का ऐलान कर दिया। उनके अलावा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, उनकी पत्नी और मेयर सुधा गुप्ता समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी परिजनों से मिलने पहुंचे।
सबकी यही मांग है कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें सख्त सजा मिले। शहर अभी भी इस घटना के सदमे में है, और पुलिस नीरज सिंह व अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
उम्मीद है कि जल्द ही इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।


