जालंधर: गर्मी का टॉर्चर झेल रहे पंजाब को आखिरकार थोड़ी साँस मिली है! पिछले कई दिनों से आसमान से बरस रही आग और चिपचिपी उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, लेकिन कल हुई झमाझम बारिश ने मौसम का पूरा मिजाज ही बदल दिया। आलम ये रहा कि दिन भर की चुभती धूप और पसीने से तरबतर करने वाली गर्मी के बाद जैसे ही बदरा बरसे, लोगों के चेहरे खिल उठे। शहर की सड़कें भले ही कुछ देर के लिए दरिया बन गईं हों, लेकिन उस ठंडी फुहार ने जो सुकून दिया, वो अनमोल था।
दरअसल, पिछले कई दिनों से जालंधर समेत पंजाब के कई जिलों में पारा लगातार चढ़ रहा था। एक जुलाई को ही तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडरा रहा था, जिसने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया था।
बाजार फीके पड़े थे और दिन में घरों से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई बस बादलों के आने की दुआ कर रहा था।
और फिर, आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। बुधवार शाम को शुरू हुई बारिश ने न सिर्फ तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई, बल्कि हवा में घुली उमस को भी धो डाला।
बारिश के बाद की हवा में एक अलग ही ताज़गी महसूस हो रही थी। जो सड़कें दोपहर तक धधक रही थीं, वो अब भीगी हुई थीं और उनसे ठंडी भाप उठ रही थी।
हालांकि, बारिश इतनी तेज़ थी कि फगवाड़ा गेट समेत शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन इस परेशानी के बावजूद, लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दे रही थी।
पंजाब में अगले 6 दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी
ये तो बस शुरुआत है, मौसम विभाग का कहना है कि राहत का ये सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक आज, यानी 2 जुलाई से लेकर अगले 6 दिनों तक पूरे पंजाब में भारी बारिश की संभावना है।
यानी, अभी तो और भीगेगा पंजाब!
मौसम विभाग ने इस दौरान पूरे राज्य के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस अलर्ट का मतलब है कि आने वाले दिनों में कई जगहों पर सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे सुरक्षित जगहों पर रहें और बेवजह बाहर निकलने से बचें।
खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत है। तेज हवाओं के चलते पेड़ों के गिरने या बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है।
गर्मी से मिली बड़ी राहत; तापमान में आई गिरावट
इस बारिश से सबसे बड़ी राहत तो तापमान को लेकर मिली है। पिछले 24 घंटों में पंजाब के अधिकतम तापमान में औसतन 3.
3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। सोचिए, एक दिन पहले जहाँ पारा आग बरसा रहा था, वहाँ अब थोड़ी ठंडक महसूस हो रही है।
यह गिरावट इतनी मायने रखती है कि झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को फौरी तौर पर निजात मिल गई है।
हालांकि, एक बात गौर करने वाली है कि इस गिरावट के बावजूद भी राज्य का औसत तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
यानी, अभी भी गर्मी पूरी तरह से विदा नहीं हुई है, लेकिन जो तेज़ चुभन थी, वो कम ज़रूर हुई है।
अगर पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो पूरे पंजाब में सबसे ज़्यादा गर्म जगह बठिंडा रही। यहाँ का अधिकतम तापमान 41.
5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि बारिश ने बाकी इलाकों में थोड़ी राहत दी है, बठिंडा में अभी भी गर्मी का प्रकोप जारी है।
शहर के लोगों का कहना है कि इस बारिश से न केवल मौसम सुहाना हुआ है, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत सुकून मिला है। घरों में एसी और कूलर की लगातार चलती आवाज़ों से राहत मिली है और अब लोग हल्की-फुल्की चादर ओढ़कर सोने का लुत्फ़ उठा रहे हैं।
कई जगह तो बच्चों को बारिश में भीगते हुए भी देखा गया, जो गर्मी की छुट्टियों में बारिश का पूरा फायदा उठाना चाहते थे।
किसान भी इस बारिश से उम्मीद लगाए बैठे हैं। खासकर जिन फसलों को पानी की ज़रूरत थी, उनके लिए यह बारिश अमृत समान है।
हालांकि, लगातार भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है, जिससे शहरी जनजीवन थोड़ा अस्त-व्यस्त हो सकता है। प्रशासन ने भी स्थिति पर नज़र बनाए रखी है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है।
आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की उम्मीद है, इसलिए पंजाब के लोगों को छाता और रेनकोट तैयार रखने की सलाह दी जा रही है।


