गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों की डोर और भरोसे के धागे दोनों को तार-तार कर दिया है। सोचिए, एक घर में शादी की शहनाई बजे अभी तीन महीने ही हुए हों, दुल्हन के हाथों से मेहंदी का रंग शायद पूरी तरह उतरा भी न हो और तभी पति ही उसकी जान का दुश्मन बन जाए। जी हां, यहां एक पति ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर अपनी ही नई-नवेली पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात सिर्फ कत्ल नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी, जिसकी जड़ें तीन साल पुराने प्रेम संबंध में छिपी थीं। पुलिस के मुताबिक, यह सब इसलिए हुआ क्योंकि दोनों हत्यारे अपने रिश्ते के बीच किसी रुकावट को नहीं चाहते थे।
यह दिल दहला देने वाली घटना दिल्ली-NCR के लोगों को चौंका गई है। मानेसर में रहने वाले 25 साल के अंकित पर आरोप है कि उसने अपनी 38 साल की प्रेमिका रजनी देवी के साथ मिलकर अपनी 22 साल की पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।
यह सिर्फ एक कत्ल नहीं था, बल्कि एक शातिर दिमाग का खेल था, जिसे बड़ी बारीकी से अंजाम देने की कोशिश की गई थी। लेकिन कहते हैं न, अपराध कितना भी शातिराना क्यों न हो, एक न एक दिन सामने आ ही जाता है।
शादी के तीन महीने बाद ही रिश्तों का कत्ल
इस पूरी वारदात का खुलासा तब हुआ जब बीते 22 मई को मृतका की मां ने मानेसर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी 22 साल की बेटी की शादी इसी साल फरवरी के महीने में अंकित नाम के लड़के से हुई थी।
अभी शादी को गिने-चुने महीने ही हुए थे, जब 21 मई को उनकी बेटी अचानक लापता हो गई। बेटी के लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया।
मां ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को हर जगह ढूंढा, यहां तक कि बेटी के ससुराल वालों से भी कई बार जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
बेटी के गायब होने और ससुराल पक्ष के टालमटोल भरे जवाबों से मां का शक गहरा गया। उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने दामाद अंकित और उसके परिवार के खिलाफ मानेसर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस की जांच और साजिश का खुलासा
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत अपनी टीमें सक्रिय कर दीं। जांच के शुरुआती दौर में ही पुलिस को मानेसर के एक कमरे से लापता महिला का शव बरामद हुआ।
यह एक बड़ा झटका था, क्योंकि अब तक सिर्फ गुमशुदगी की शिकायत थी, लेकिन शव मिलने से मामला हत्या में बदल गया। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि महिला की गोली मारकर हत्या की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और अपनी जांच को और तेज कर दिया, मामले में संबंधित धाराओं को भी जोड़ा गया।
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, परतें खुलनी शुरू हो गईं। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी अंकित और उसकी प्रेमिका रजनी देवी को धर दबोचा।
पूछताछ में जो बातें सामने आईं, वो बेहद चौंकाने वाली थीं। पता चला कि अंकित मानेसर में एक तंबाकू की दुकान चलाता था और रजनी देवी उसी इलाके के एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी।
दोनों पिछले तीन साल से प्रेम संबंध में थे।
प्रेमिका के कमरे में बनी खूनी साजिश
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरी हत्या की साजिश रजनी के किराए के कमरे में रची गई थी। पुलिस पूछताछ में अंकित और रजनी ने बताया कि उन्हें अपने रिश्ते के बीच अंकित की पत्नी एक बड़ी रुकावट लग रही थी।
इसीलिए उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि वारदात वाले दिन, यानी 21 मई को, अंकित अपनी पत्नी को बहला-फुसलाकर रजनी के किराए के कमरे में ले गया।
वहां पहुंचते ही, अंकित ने रजनी के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी एक बड़ी पहेली था। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल वारदात से करीब दो महीने पहले उत्तर प्रदेश से खरीदी गई थी।
पुलिस को शक है कि इस हथियार को पहले से ही हत्या की पूरी योजना के तहत खरीदा गया था, जो यह बताता है कि यह एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश थी, न कि गुस्से में उठाया गया कदम।
हत्या के बाद हरिद्वार और नेपाल की फरारी, फिर गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद अंकित और रजनी देवी वहां से फरार हो गए। पुलिस से बचने के लिए दोनों पहले हरिद्वार भागे।
हरिद्वार में कुछ दिन बिताने के बाद, उन्होंने सोचा कि वे भारत से बाहर निकलकर सुरक्षित रहेंगे, इसलिए वे वहां से नेपाल चले गए। उन्हें लगा कि नेपाल में उन्हें कोई ढूंढ नहीं पाएगा, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम भी पीछे लगी हुई थी।
पुलिस लगातार उनके ठिकानों की तलाश कर रही थी और उन पर नजर बनाए हुए थी।
आखिरकार, उनकी फरारी ज्यादा दिन नहीं चली। 30 जून को जब दोनों भारत लौटे, तो क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें मानेसर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद, दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल हथियार को बरामद किया जा सके और मामले से जुड़े अन्य सभी पहलुओं को भी खंगाला जा सके।
यह देखना बाकी है कि इस पूछताछ में और कौन से नए खुलासे होते हैं और इस जघन्य अपराध के पीछे की पूरी सच्चाई कब सामने आती है।




































