होशियारपुर: पंजाब की जेलों में नशे का कारोबार कोई नई बात नहीं, लेकिन जब इसकी कमान जेल के आला अधिकारी ही थाम लें, तो सवाल उठता है कि आखिर कैदियों का क्या होगा? ऐसा ही एक मामला सामने आया है होशियारपुर सेंट्रल जेल से, जहां डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह को नशे की तस्करी करवाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ऐसे ही नहीं हुई, बल्कि एक कैदी के दिल दहला देने वाले वीडियो ने सारे राज खोल दिए। यह वीडियो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है।
कहानी शुरू होती है मनप्रीत सिंह मन्ना नाम के एक कैदी से। मन्ना ने जेल की दीवारों के भीतर से एक वीडियो बनाकर बाहर भेजा।
इस वीडियो में उसने आरोप लगाया कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह उसे जेल में नशा तस्करी के लिए मजबूर करते थे। मनप्रीत ने दावा किया कि जब उसने इस गंदे काम से इनकार किया, तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया गया।
यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया और फिर जो हुआ, वो अब सबके सामने है।
वीडियो वायरल होते ही जेल के बड़े अधिकारियों के कान खड़े हो गए। यह मामला इतना गंभीर था कि इसे टाला नहीं जा सकता था।
आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और बिना देरी किए, उस वक्त के जेल सुपरिटेंडेंट का तुरंत तबादला कर दिया गया। इसके साथ ही, कैदी मनप्रीत मन्ना द्वारा लगाए गए आरोपों की गहन जांच भी शुरू कर दी गई।
प्रशासन की तरफ से यह एक तेज और अहम कदम था, जिससे यह संदेश गया कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
वायरल वीडियो से हुआ बड़ा खुलासा
कैदी मनप्रीत सिंह मन्ना का वो वीडियो दरअसल एक बम की तरह फूटा, जिसने जेल प्रशासन की नींद उड़ा दी। मन्ना ने अपनी शिकायत में साफ-साफ कहा कि जेल में हरभजन सिंह की शह पर नशा बेखौफ बिकता था।
उसने बताया कि कैसे उसे धमका कर, डरा-धमका कर नशे के इस काले कारोबार का हिस्सा बनने पर मजबूर किया जाता था। मना करने पर उसे कई तरह से परेशान किया जाता, जिससे उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब हो रही थी।
मन्ना ने अपने वीडियो में जेल के अंदर के काले सच को बेपर्दा कर दिया था, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। उसका आरोप था कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह अपने पद का दुरुपयोग करके कैदियों को नशा तस्करी के जाल में फंसा रहे थे।
यह कोई मामूली आरोप नहीं थे। एक जेल अधिकारी पर सीधा आरोप था कि वह कैदियों को सुधारने के बजाय उन्हें और गहरे दलदल में धकेल रहा था।
मन्ना ने अपनी जान का खतरा बताते हुए भी हिम्मत दिखाई और इस सच को सामने लाने का फैसला किया। उसका यह कदम रंग लाया और पूरे महकमे में हलचल मच गई।
जांच में आरोप साबित, पुलिस ने की कार्रवाई
वायरल वीडियो और मन्ना के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, जेल विभाग ने एक आंतरिक जांच कमेटी बिठाई। इस कमेटी ने मामले की तह तक जाने की कोशिश की।
कई कैदियों और जेल कर्मचारियों से पूछताछ की गई। सबूत खंगाले गए और मनप्रीत सिंह मन्ना के हर दावे की बारीकी से पड़ताल की गई।
लंबी और विस्तृत जांच के बाद, चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पाया गया कि कैदी मनप्रीत मन्ना द्वारा लगाए गए आरोप शत-प्रतिशत सही थे।
डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह वाकई नशे की तस्करी में शामिल थे और कैदियों को इसमें धकेलने का काम कर रहे थे।
जांच पूरी होते ही, पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। देर रात सिटी थाना में डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
इसमें नशा तस्करी से जुड़ी धाराएं और पद के दुरुपयोग के आरोप भी शामिल थे। एफआईआर दर्ज होते ही, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हरभजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने जेल में चल रहे काले धंधे पर लगाम लगाने की उम्मीद जगाई।
होशियारपुर सेंट्रल जेल का पुराना दागदार इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब होशियारपुर सेंट्रल जेल इस तरह के विवादों में घिरी है। इस जेल का इतिहास कुछ ऐसा रहा है कि यह अक्सर नशे की तस्करी और जेल स्टाफ की मिलीभगत के मामलों को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है।
अतीत में भी, इस जेल के कई कर्मचारियों को नशे के काले कारोबार में लिप्त होने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। ये घटनाएं बताती हैं कि जेल प्रशासन के भीतर कुछ गहरी खामियां हैं, जिन्हें दूर करने की सख्त जरूरत है।
पहले भी कई छोटे-बड़े कर्मचारी, जिनमें वार्डन और अन्य सहायक स्टाफ शामिल थे, ड्रग्स के साथ पकड़े गए थे। इन घटनाओं ने हमेशा जेल की सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं।
हर बार ऐसे मामले सामने आने पर कार्रवाई तो होती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर ऐसी खबरें आने लगती हैं। ऐसे में, हरभजन सिंह की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि पंजाब की जेलों में सुधार की बड़ी आवश्यकता है और इस तरह के भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए और कड़े कदम उठाने होंगे।
इस मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और उम्मीद है कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।




































