रांची: भैया, झारखंड में मौसम का मिजाज ऐसा बदला है कि पूछो मत! पिछले कुछ दिनों से जो हल्की-फुल्की गर्मी और उमस चल रही थी, उस पर अब बादल भैया अपना पानी फेरने को तैयार हैं। मौसम विभाग की मानें तो रांची और पूरे झारखंड में आने वाले कुछ दिन खूब पानी बरसने वाला है। सिर्फ हल्की-फुल्की फुहारें नहीं, कई जिलों में तो इतनी झमाझम बारिश होने वाली है कि आपको अपना छाता और रेनकोट पहले से ही तैयार रखना पड़ेगा। बात सीधी है, 8 जुलाई तक के लिए मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में 'यलो अलर्ट' जारी कर दिया है, जिसका मतलब है कि आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।
ये जो मौसम का नया खेल शुरू हुआ है, वो सिर्फ रांची तक सीमित नहीं है। पूरे राज्य में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
कई इलाकों में तो दिन में दो से तीन बार बारिश का जोरदार दौर देखने को मिल सकता है। इतना ही नहीं, इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात यानी बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
तो अगर आप बाहर निकलने का प्लान कर रहे हैं, तो जरा संभलकर निकलिएगा, क्योंकि मौसम कभी भी यू-टर्न ले सकता है।
बंगाल की खाड़ी का कनेक्शन और झारखंड पर असर
आप सोच रहे होंगे कि अचानक मौसम इतना क्यों बदल गया? तो जनाब, इसके पीछे बंगाल की खाड़ी का हाथ है। दरअसल, खाड़ी के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है और उसी के साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है।
वैसे तो इसका व्यापक असर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में ज्यादा देखने को मिलेगा, लेकिन अपना झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। हमारे यहां भी कई जिलों पर इसका साफ-साफ प्रभाव दिखना शुरू हो गया है।
इसी के चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही रंगीन बना रहेगा।
मौसम विभाग ने 5 से 8 जुलाई तक के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए पीला अलर्ट जारी किया है। चलिए आपको बताते हैं कि किस दिन, कौन से जिले में ज्यादा बारिश होने की संभावना है, ताकि आप अपनी तैयारी पहले से कर सकें:
- आज, यानी 5 जुलाई को: खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में रहने वाले लोग खास सावधानी बरतें।
- कल, 6 जुलाई को: गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में तेज बारिश के आसार जताए गए हैं। यहां के निवासियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- 7 जुलाई को: रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी जैसे जिलों में भी जमकर बादल बरस सकते हैं। यानी राजधानी को भी एक बार फिर से भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है।
तो ये थी अगले कुछ दिनों की बारिश की पूरी लिस्ट। अपने-अपने जिले के हिसाब से आप अपनी योजना बना सकते हैं।
मॉनसून का 'गुमशुदा' सफर: जितनी चाहिए थी, उतनी बारिश नहीं
अब तक जो बात हुई, वो तो आने वाली बारिश की कहानी है, जो गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है। लेकिन अगर हम इस साल के मॉनसून की ओवरऑल परफॉर्मेंस देखें, तो थोड़ी निराशा हाथ लगती है।
झारखंड में मॉनसून को आए हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक इसने वो दमखम नहीं दिखाया है जिसकी उम्मीद थी। राज्य में जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उससे काफी कम हुई है, और ये आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।
मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 1 जून से 4 जुलाई तक झारखंड में औसतन 226.3 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन इस साल, जनाब, सिर्फ 125.6 मिलीमीटर ही बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मतलब साफ है, ये सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम बारिश है। ये कमी किसानों के लिए तो बुरी खबर है ही, भूजल स्तर और पानी की उपलब्धता के लिए भी अच्छी नहीं है।
राजधानी रांची में भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है। यहां अब तक 201.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 235 मिलीमीटर का है।
यानी रांची में भी लगभग 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उम्मीद है कि अब ये बारिश की झड़ी इस कमी को थोड़ा-बहुत पूरा कर पाएगी।
पिछले 24 घंटे का हाल और तापमान का मिजाज
चलिए, एक नजर पिछले 24 घंटों की बारिश पर भी डाल लेते हैं। सिमडेगा में 51.6 मिलीमीटर, पूर्वी सिंहभूम में 37.4 मिलीमीटर, रामगढ़ में 28.8 मिलीमीटर, रांची में 28.3 मिलीमीटर और हजारीबाग में 26.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि छिटपुट बारिश तो हो रही है, लेकिन उसकी तीव्रता और फैलाव अभी भी उस स्तर का नहीं है जैसा मॉनसून के दौरान आमतौर पर देखने को मिलता है।
अच्छी बात ये है कि रुक-रुक कर हो रही इस बारिश ने राज्य के तापमान को काफी हद तक सामान्य बनाए रखा है। पिछले शनिवार को रांची का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे ज्यादा था। बीते दिन बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा 23 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि चाईबासा में 21 मिलीमीटर और जमशेदपुर में 8 मिलीमीटर बारिश हुई।
कुल मिलाकर, बारिश की वजह से पारा तो नीचे है, लेकिन उम्मीद से कम पानी बरसा है।
आगे क्या? मौसम विभाग का फाइनल टेक
मौसम वैज्ञानिकों का अंतिम अनुमान यही है कि अगले चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। यानी, अब मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन साथ ही सावधानी भी जरूरी है।
खासकर वज्रपात और तेज हवाओं से बचने की पूरी कोशिश करें। तो दोस्तों, ये थी झारखंड के मौसम की पूरी रिपोर्ट।
मॉनसून का खेल अभी जारी है, देखते हैं आगे क्या रंग दिखाता है।








































