लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सोचिए, किसी की शादी को अभी ठीक से पाँच महीने भी न बीते हों और अचानक घर में फांसी के फंदे पर लटकी एक नौजवान बीवी की लाश मिल जाए। ये कहानी है सोनाली (24) की, जिसकी ज़िंदगी ने शादी के कुछ ही महीनों बाद ऐसा भयानक मोड़ लिया कि हर कोई सन्न रह गया। शनिवार देर रात इंदिरानगर इलाके के शिवाजीपुरम में उनके किराए के मकान से एक ऐसी खबर आई, जिसने मायके वालों के पैरों तले ज़मीन खिसका दी।
मिली जानकारी के मुताबिक, सोनाली का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से झूलता मिला। घरवालों ने आनन-फानन में उन्हें फंदे से उतारा और तुरंत अस्पताल ले भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने सोनाली को देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस घटना की खबर जब पुलिस तक पहुंची, तो हड़कंप मच गया।
रविवार को जब सोनाली के मायके वाले बिहार से लखनऊ पहुंचे, तो उन्होंने जो आरोप लगाए, वो बेहद संगीन थे। उनका कहना है कि ये महज़ आत्महत्या नहीं, बल्कि दहेज हत्या का मामला है।
पुलिस ने मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सोनाली के पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। देर रात करीब 9:30 बजे सोनाली के शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट का अब सबको बेसब्री से इंतज़ार है।
इस मामले ने एक बार फिर दहेज जैसी कुप्रथा के स्याह चेहरे को सामने ला दिया है, जो कई परिवारों की खुशियों को निगल जाती है।
पांच महीने पहले हुई थी शादी; एक प्राइवेट बैंक में काम करता है पति
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक सोनाली मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के भोजपुर की रहने वाली थीं। इसी साल फरवरी के महीने में उनकी शादी कमलाकांत मिश्रा नाम के शख्स से हुई थी।
कमलाकांत लखनऊ के इंदिरानगर इलाके के शिवाजीपुरम में किराए के मकान में रहकर एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करते हैं। शादी के बाद सोनाली भी उनके साथ यहीं रहने लगी थीं।
किसी को क्या पता था कि पांच महीने बाद ही उनकी ज़िंदगी का ऐसा दुखद अंत हो जाएगा।
शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे कमलाकांत ने ही सोनाली के भाई अभिषेक को फोन करके बताया कि सोनाली ने आत्महत्या कर ली है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। अभिषेक जब तक लखनऊ पहुंचते, तब तक उनकी बहन की मौत हो चुकी थी।
अस्पताल से पुलिस को सूचना मिलते ही, इंदिरानगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इसके साथ ही मायके पक्ष को भी घटना की पूरी जानकारी दी गई।
भाई का आरोप: कार और पैसों के लिए लगातार करते थे परेशान
रविवार को बिहार से लखनऊ पहुंचे मृतक सोनाली के भाई अभिषेक ने अपनी बहन की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही सोनाली के पति कमलाकांत मिश्रा और ससुराल पक्ष के अन्य लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे।
अभिषेक के मुताबिक, ये लोग सोनाली से कार और मोटी नकदी की मांग कर रहे थे। जब ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सोनाली को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
अभिषेक ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पति कमलाकांत मिश्रा के अलावा सोनाली के जेठ, जेठानी, सास और ससुर भी उन्हें लगातार परेशान करते थे। उनके मुताबिक, ये सब मिलकर सोनाली पर मायके से दहेज लाने का दबाव बनाते थे।
ये आरोप इतने संगीन हैं कि अगर ये सच साबित होते हैं, तो कई लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। परिवार का कहना है कि सोनाली ऐसी लड़की नहीं थी जो आसानी से हार मान ले, उनकी मौत के पीछे ज़रूर कोई गहरी साज़िश है।
दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज; पति हिरासत में
सोनाली के भाई अभिषेक की तहरीर के आधार पर इंदिरानगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पति कमलाकांत मिश्रा समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, विशेषकर दहेज हत्या (धारा 304बी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और पति कमलाकांत मिश्रा को हिरासत में ले लिया।
उनसे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की परतें खोली जा सकें।
पुलिस अधिकारियों का इस मामले पर कहना है कि अभी जांच शुरुआती दौर में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है, जो मौत की असली वजह का खुलासा करेगी।
इसके अलावा, पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिवार के बयानों और अन्य उपलब्ध जानकारियों को खंगाल रही है। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस घटना ने समाज में एक बार फिर दहेज के खिलाफ आवाज़ उठाने की ज़रूरत को महसूस कराया है, क्योंकि अभी भी न जाने कितनी सोनालियां इस कुप्रथा का शिकार हो रही हैं।




































