मधुबनी: सुबह के सात बजे का वक्त, मधुबनी के भौआरा स्थित कोतवाली चौक पर मेयर साहब के घर के बाहर लोगों की आवाजाही तेज़ हो गई थी। हर कोई अपनी फरियाद लेकर पहुंचा था, उम्मीद थी कि शहर का मुखिया उनकी सुनेगा और कुछ हल निकलेगा। गुरुवार का दिन था, और मधुबनी नगर निगम के मेयर अरुण राय ने जनता के लिए अपना दरवाजा खोल रखा था। ये कोई साधारण मुलाकात नहीं थी, बल्कि जनता दरबार था, जहां नगर निगम क्षेत्र के कोने-कोने से आए लोग अपनी समस्याओं का पिटारा लेकर बैठे थे। सुबह सात बजे से शुरू हुआ ये सिलसिला दस बजे तक चला और इस दौरान 70 से ज़्यादा फरियादी मेयर साहब के सामने अपनी बात रखने पहुंचे।
अमूमन ऐसा नजारा किसी बड़े सरकारी दफ्तर में देखने को मिलता है, लेकिन यहां शहर के मेयर खुद अपने आवास पर जनता की सुनवाई कर रहे थे। एक के बाद एक लोग आते गए और अपनी परेशानी बताते गए।
किसी को पीने के पानी की किल्लत थी, तो कोई टूटी सड़क की शिकायत कर रहा था। कहीं मोहल्ले में स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब पड़ी थीं, तो कहीं बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही थी, जिससे गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई थी।
साफ-सफाई और अधूरे नाला निर्माण की शिकायतें भी खूब आईं। ये सभी वो बुनियादी सुविधाएं हैं, जिनकी उम्मीद हर नागरिक अपने नगर निगम से करता है, और जब ये नहीं मिलतीं, तो लोगों का गुस्सा और निराशा जायज है।
जनता की सुनवाई; मौके पर समाधान और आगे की राह
जनता दरबार में आए हर फरियादी की बात मेयर अरुण राय ने गौर से सुनी। उन्होंने सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान भी करने की कोशिश की।
जो मामले तुरंत निपटाए जा सकते थे, उनके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से फोन पर बात की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। जैसे, अगर कहीं पानी की आपूर्ति में तत्काल सुधार की जरूरत थी या कोई छोटी-मोटी सफाई की समस्या थी, तो उस पर तुरंत एक्शन लेने को कहा गया।
मेयर साहब के इस त्वरित एक्शन से लोगों को थोड़ी राहत मिली और उन्हें लगा कि उनकी बात सुनी जा रही है।
लेकिन, सभी समस्याएं इतनी आसान नहीं होतीं कि मौके पर ही हल हो जाएं। कई शिकायतें ऐसी थीं, जिनके लिए विस्तृत जांच और लंबी प्रक्रिया की जरूरत थी।
ऐसे मामलों के लिए मेयर ने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए।
उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र के हर नागरिक की समस्या का समय पर समाधान उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कर दिया कि किसी भी शिकायत को अनदेखा नहीं किया जाएगा और हर मामले की गंभीरता से पड़ताल की जाएगी।
वार्ड पार्षदों को कड़े निर्देश: जनता की समस्याओं पर रखें पैनी नज़र
इस जनता दरबार में सिर्फ मेयर ही नहीं, बल्कि कई वार्ड पार्षद भी मौजूद थे। मेयर अरुण राय ने इन पार्षदों को भी अपनी जिम्मेदारियां याद दिलाईं और कुछ कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वार्ड पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं पर लगातार नजर रखें। मेयर ने जोर देकर कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का समाधान बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने पार्षदों को बताया कि नगर निगम क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना हम जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं होगी। उनका मानना था कि जनप्रतिनिधि जनता के सेवक हैं और उन्हें हमेशा उनकी सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
मेयर के इस बयान से साफ था कि वह सिर्फ खुद ही सक्रिय नहीं रहना चाहते, बल्कि पूरी टीम को सक्रिय रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी वार्ड में कोई समस्या लंबे समय से लंबित है और पार्षद उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर उनकी जिम्मेदारी में कमी मानी जाएगी।
मेयर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अधिकारी और कर्मचारी भी जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाएं। उन्होंने जनता दरबार को एक ऐसा मंच बताया, जहां जनता सीधे अपनी बात रख सकती है और प्रशासन से जवाबदेही की उम्मीद कर सकती है।
नियमित जनता दरबार; विकास और सुविधा पर फोकस
जनता दरबार खत्म होने के बाद मेयर अरुण राय ने पत्रकारों से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि इस जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका तुरंत समाधान करना है।
उन्होंने जोर दिया कि नगर निगम प्रशासन केवल विकास कार्यों को गति देने में ही नहीं लगा है, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी लगातार प्रयासरत है। मेयर ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में भी ऐसे जनता दरबार नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से लोगों की समस्याओं का प्रभावी और शीघ्रता से निराकरण हो सकेगा, जिससे नगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों का जीवन और बेहतर बन पाएगा।
इस जनता दरबार का आयोजन दर्शाता है कि मेयर और नगर निगम प्रशासन जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो प्रशासन और आम जनता के बीच की खाई को पाटने में मदद कर सकता है।
उम्मीद है कि इन दरबारों से न सिर्फ समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में नई समस्याओं को पैदा होने से रोकने में भी मदद मिलेगी, जिससे मधुबनी के नागरिकों को बेहतर जीवन मिल सके।


