दुबई: सोचिए आप फ्लाइट की इकॉनोमी क्लास में बैठे हैं, लेकिन आपको महसूस हो रहा है कि आप किसी प्रीमियम क्लास में सफर कर रहे हैं। सुनने में थोड़ा अजीब लगता है न? लेकिन अब एयरलाइंस इसी दिशा में काम कर रही हैं। अब मामला सिर्फ सीट मिलने का नहीं है, बल्कि इस बात का है कि उस सीट पर बैठकर आप कितने रिलैक्स महसूस करते हैं। मोटा-मोटी बात ये है कि बजट वही है, लेकिन सुविधाएं अब वैसी हो रही हैं जो पहले सिर्फ बिजनेस क्लास के अमीरों को मिलती थीं।
आजकल एयरलाइंस का पूरा सिस्टम बदल रहा है। पहले फोकस इस बात पर होता था कि पैसेंजर को क्या-क्या सामान दिया जाए, लेकिन अब फोकस 'कम्फर्ट' यानी आराम पर है।
एयरलाइंस अब फालतू की चीजों को हटाकर उन सेवाओं पर ध्यान दे रही हैं जो वाकई एक यात्री के काम आएं। यानी अब आपका सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना नहीं, बल्कि एक अच्छा एक्सपीरियंस बनना जा रहा है।
आखिर क्या बदल गया है?
सबसे बड़ा बदलाव आया है सीटों के डिजाइन में। अब इकॉनोमी क्लास की सीटें पहले जैसी सख्त और तंग नहीं रहीं।
एयरलाइंस ने अब 'एर्गोनॉमिक डिजाइन' का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इसका सीधा मतलब ये है कि सीटों की कुशनिंग बेहतर हो गई है, लेगरूम (पैर फैलाने की जगह) बढ़ा दिया गया है और सीट को पीछे झुकाने (Recline) की सुविधा को और स्मूथ बनाया गया है।
अब लंबी फ्लाइट में आपको वो कमर दर्द और थकान उतनी नहीं होगी, जितनी पहले होती थी।
कौन सी एयरलाइंस दे रही हैं खास सुविधाएं?
अगर बात करें दुनिया की टॉप एयरलाइंस की, तो कई कंपनियां अब इकॉनोमी पैसेंजर्स को खास 'सुविधा किट' दे रही हैं। ये किट लंबी दूरी की फ्लाइट्स में किसी वरदान से कम नहीं होतीं।
आइए देखते हैं कौन क्या दे रहा है:
- एमिरेट्स: लंबी दूरी की फ्लाइट्स में ये एयरलाइन आपको एक किट देती है जिसमें आई-मास्क, मोजे और दांत साफ करने का पूरा सेट होता है। लंबी जर्नी में जब नींद आती है, तो ये छोटी-छोटी चीजें बहुत बड़ा अंतर पैदा करती हैं।
- कतर एयरवेज: इनका फोकस नींद और शांति पर है। लंबी इंटरनेशनल फ्लाइट्स में ये आई-मास्क और कान बंद करने वाले ईयरप्लग्स देते हैं, ताकि आप शोर-शराबे से दूर सुकून से सो सकें।
- एतिहाद एयरवेज: अबू धाबी से चलने वाली इस एयरलाइन का अनुभव काफी प्रीमियम होता है। ये भी लंबी जर्नी में मोजे, आई-मास्क और डेंटल किट जैसी जरूरी चीजें मुहैया कराते हैं।
- क्वांटास: ऑस्ट्रेलिया की ये एयरलाइन यूरोप और अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स में लिमिटेड लेकिन जरूरी सुविधा किट देती है, ताकि पैसेंजर की थकान कम हो सके।
क्या अब सफर होगा और भी आसान?
कुल मिलाकर देखा जाए तो एयरलाइंस अब समझ गई हैं कि पैसेंजर को सिर्फ मंजिल तक नहीं पहुंचाना है, बल्कि सफर को तनावमुक्त बनाना है। अब फोकस इस बात पर है कि कम खर्च में पैसेंजर को ज्यादा से ज्यादा आराम कैसे मिले।
सीटों का बेहतर स्पेस और ये छोटी-छोटी सुविधा किट्स मिलकर इकॉनोमी क्लास के अनुभव को पूरी तरह बदल रही हैं।
बता दें कि ये सुविधाएं फिलहाल लंबी दूरी की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में ज्यादा देखने को मिलती हैं, जबकि छोटी दूरी की फ्लाइट्स में अभी भी बेसिक सिस्टम ही चल रहा है। लेकिन जिस तरह से बदलाव हो रहे हैं, उम्मीद है कि आने वाले समय में बजट ट्रेवल भी काफी लग्जरी होने वाला है।






































