अयोध्या: राम मंदिर को लेकर चर्चाएं तो हमेशा रहती हैं, लेकिन इस बार चर्चा आस्था की नहीं बल्कि पैसों और सोने-चांदी की है। अक्सर लोग सोचते होंगे कि जिस मंदिर में देश-दुनिया से करोड़ों लोग आते हैं, वहां चढ़ावे के नाम पर कितना पैसा जमा होता होगा? अब इसका जवाब सामने आ गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार अपनी बैलेंस शीट जारी की है, जिससे मंदिर की कुल संपत्ति का पूरा कच्चा चिट्ठा खुल गया है।
आंकड़े देखकर आप हैरान रह जाएंगे। वित्त वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट बताती है कि ट्रस्ट के पास करोड़ों की संपत्ति है।
लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब मंदिर की कमाई का मुख्य जरिया सिर्फ भक्तों का दान नहीं रहा, बल्कि वह पैसा है जो ट्रस्ट ने निवेश (Investment) किया हुआ है।
राम मंदिर ट्रस्ट के पास कितना पैसा और सोना है?
अगर हम मोटे तौर पर हिसाब लगाएं, तो ट्रस्ट के पास कुल 1,876.30 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जमा है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह पैसा रखा कहां है? तो बता दें कि इसका करीब 94 प्रतिशत हिस्सा यानी 1,771.22 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश किया गया है।
सिर्फ कैश ही नहीं, मंदिर के खजाने में कीमती धातुओं का भी बड़ा भंडार है। ट्रस्ट के खातों के मुताबिक, उनके पास 323 किलोग्राम सोना और 751.98 किलोग्राम चांदी मौजूद है।
इसके अलावा, ट्रस्ट के नाम पर 2.57 एकड़ जमीन भी है। वहीं, वित्त वर्ष के अंत तक कैश के रूप में 7.74 लाख रुपये मौजूद थे।
कमाई का सबसे बड़ा जरिया क्या है?
आमतौर पर माना जाता है कि मंदिर केवल दान से चलते हैं, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट के मामले में कहानी थोड़ी अलग है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ट्रस्ट की कुल आय 398.24 करोड़ रुपये रही।
इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा निवेश से मिलने वाले ब्याज का है।
ट्रस्ट को अपने निवेश पर 151.80 करोड़ रुपये का ब्याज मिला, जबकि श्रद्धालुओं से स्वैच्छिक दान के रूप में 149.36 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यानी अब ब्याज से होने वाली कमाई, दान से मिलने वाली रकम से भी आगे निकल गई है।
दान में अचानक बढ़ोतरी और SIT की जांच का क्या कनेक्शन है?
जहां एक तरफ संपत्ति के आंकड़े सामने आए हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदिर में मिले दान को लेकर कुछ विवाद भी चल रहे हैं। दरअसल, दान की रकम में कथित गड़बड़ी की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।
इस जांच के बाद एक अजीब बात सामने आई है।
SIT के अधिकारियों ने नोटिस किया कि जांच शुरू होने के बाद से मंदिर में हर दिन मिलने वाले दान की रकम अचानक बढ़ गई है। सूत्रों की मानें तो पहले बैंक खातों में रोजाना औसतन 16 से 18 लाख रुपये जमा होते थे, लेकिन जांच शुरू होते ही यह आंकड़ा बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
रोजाना के इस 6 से 8 लाख रुपये के अंतर ने जांच एजेंसियों की उत्सुकता बढ़ा दी है। अब SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पहले दान के रखरखाव में कोई गड़बड़ी हो रही थी या रकम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।
पैसा किन बैंकों में जमा है?
ट्रस्ट ने अपनी सुरक्षा और रिटर्न के लिए बड़ी राशि को अलग-अलग सरकारी बैंकों में बांटकर निवेश किया है। इसमें सबसे ज्यादा भरोसा पंजाब नेशनल बैंक पर दिखाया गया है, जहां 562.88 करोड़ रुपये जमा हैं।
इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा का नंबर आता है, जिसमें 327.30 करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं।




































