देशभर: आ गया है वो सुहाना मौसम, जब आसमान से बरसती बूंदें तपती गर्मी से राहत दिलाती हैं. चाय की चुस्कियां और पकौड़ों का दौर शुरू हो जाता है. लेकिन इस खुशी के साथ एक छोटी सी, पर बड़ी परेशान करने वाली चीज़ भी आ धमकती है – हमारे प्यारे जूतों से आने वाली वो अजीबोगरीब बदबू! हां जी, बारिश का मौसम भले ही खुशनुमा हो, लेकिन जूते-चप्पलों के लिए ये थोड़ा मुश्किल भरा होता है.
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि बारिश में एक बार जूते भीग जाएं, तो फिर उनमें से एक अजीब सी स्मेल आने लगती है? ये सिर्फ बदबू नहीं, बल्कि कभी-कभी तो शर्मिंदगी का कारण भी बन जाती है. सोचिए, किसी पार्टी में जाएं और जूते उतारने पर कमरे में सब सूंघने लगें!
असल में होता ये है कि बारिश की वजह से जूते बार-बार गीले होते हैं. पैरों का पसीना, ऊपर से हवा की कमी और अंदर जमा नमी.
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बस, समझ लीजिए ये सब मिलकर बैक्टीरिया के लिए एक बेहतरीन पार्टी का इंतजाम कर देते हैं. ये बैक्टीरिया ही हैं जो उस दुर्गंध के असली खिलाड़ी होते हैं.
कई बार तो जूते पूरे भीगते भी नहीं, बस थोड़ी सी नमी ही काफी होती है इस खेल को शुरू करने के लिए. खासकर अगर आप लंबे समय तक बंद जूते पहनते हैं, तो ये प्रॉब्लम और भी बढ़ जाती है.
सोचिए, दिनभर ऑफिस में या कॉलेज में जूते पहनकर बैठे हैं, और शाम को जब उतारते हैं, तो..
. बस पूछिए मत!
अगर समय रहते इन जूतों की देखभाल न की जाए, तो बदबू तो आती ही है, साथ ही जूते खराब भी होने लगते हैं. क्या आप चाहते हैं कि आपके पसंदीदा फुटवियर यूं ही बर्बाद हो जाएं? बिल्कुल नहीं, है ना?
तो आखिर इस बदबू और नमी से कैसे पाएं छुटकारा?
सबसे पहली और सबसे जरूरी बात. अगर आपके जूते एक बार भीग गए हैं, तो उन्हें तब तक दोबारा मत पहनिए जब तक वो पूरी तरह सूख न जाएं.
जूतों के अंदर जो नमी छुपी होती है, वो इतनी जल्दी नहीं जाती. और यही नमी बदबू और बैक्टीरिया के पनपने की सबसे बड़ी वजह है.
आप सोच रहे होंगे कि सुखाएं कैसे? एक आसान सा नुस्खा है – पुराने अखबार के टुकड़े! जी हां, अपने जूतों के अंदर पुराने अखबार को मरोड़कर भर दीजिए. अखबार नमी को जादू की तरह सोख लेता है और आपके जूतों को फटाफट सूखने में मदद करता है.
ये जूतों को अपना शेप बनाए रखने में भी मदद करता है.
एक और बात, जूतों को कभी बंद अलमारी में मत रखिए. उन्हें किसी खुली और हवादार जगह पर रखिए, ताकि उन्हें ठीक से हवा लग सके.
जितनी हवा लगेगी, उतनी जल्दी वो सूखेंगे और उतनी कम बदबू आएगी. धूप न हो तो पंखे के नीचे या किसी गरम जगह (हीटर से दूर) रखना भी एक अच्छा उपाय है.
क्या बेकिंग सोडा कर सकता है कमाल?
अब बात करते हैं एक ऐसे 'हीरो' की, जो हर किचन में मौजूद होता है और जूतों की बदबू दूर करने में भी किसी सुपरस्टार से कम नहीं – बेकिंग सोडा! ये सिर्फ केक फुलाने के काम नहीं आता, बल्कि जूतों के अंदर की नमी को सोखने और बदबू को भगाने का भी जबरदस्त काम करता है.
तरीका बड़ा सिंपल है: रात को सोने से पहले अपने जूतों के अंदर थोड़ा सा बेकिंग सोडा छिड़क दीजिए. बस इतना कि एक हल्की सी परत बन जाए.
फिर इसे पूरी रात के लिए ऐसे ही छोड़ दीजिए. बेकिंग सोडा एक नेचुरल डीऑडोराइजर है, जो गंध पैदा करने वाले एसिड्स को बेअसर कर देता है.
सुबह जब आप उठेंगे और जूते देखेंगे, तो उनमें एक फ्रेशनेस सी महसूस होगी. बदबू काफी हद तक गायब हो चुकी होगी.
यकीन न आए, तो ट्राई करके देखिए! ये इतना आसान है कि कोई भी कर सकता है.
टी बैग्स से भी हो सकता है फायदा?
अगर आपके पास बेकिंग सोडा नहीं है या आप कुछ और ट्राई करना चाहते हैं, तो एक और शानदार उपाय है – सूखे ब्लैक टी बैग्स! हैरान हुए? पर ये सच है. चाय की पत्तियां प्राकृतिक रूप से नमी को सोखने में माहिर होती हैं और जूतों को फ्रेश रखने में भी मदद करती हैं.
करना क्या है? हर जूते के अंदर एक या दो सूखे टी बैग्स रख दीजिए. फिर इन्हें भी रातभर के लिए छोड़ दीजिए.
सुबह तक ये टी बैग्स आपके जूतों की नमी और वो अनचाही दुर्गंध, दोनों को कम करने में आपकी मदद करेंगे. इनमें मौजूद टैनिन (Tannins) बैक्टीरिया को भी कंट्रोल करने में सहायक होते हैं.
ये एक तरह का नेचुरल एयर फ्रेशनर और डीह्यूमिडिफायर का काम करते हैं. तो अगली बार जब चाय पी लें, तो इस्तेमाल हुए टी बैग्स को धोकर सुखा लें और जूतों में इस्तेमाल करें.
ये तरीका भी बेहद असरदार है.
जूतों को बारिश में गीला होने से कैसे बचाएं?
बदबू तो ठीक है, लेकिन सबसे अच्छा तरीका तो यही है कि जूतों को गीला होने ही न दिया जाए, है ना? इसके लिए एक थोड़ी अनोखी, पर काम की टिप है – पेट्रोलियम जेली! जी हां, जब आप बारिश में बाहर निकलने वाले हों, तो उससे पहले अपने जूतों की बाहरी सतह पर पेट्रोलियम जेली की एक हल्की सी परत लगा सकते हैं.
ये एक तरह का सुरक्षा कवच (प्रोटेक्टिव लेयर) बना देती है, जिससे बारिश की बूंदें जूतों पर टिकने के बजाय फिसल जाती हैं. ऐसे में जूतों में नमी कम पहुंचती है और वो आसानी से गीले नहीं होते.
ये तरीका खासकर चमड़े और सिंथेटिक जूतों के लिए अच्छा काम करता है.
अब यहां एक बात ध्यान रखने वाली है: पेट्रोलियम जेली जूतों को पूरी तरह से वाटरप्रूफ नहीं बनाती. अगर आपके जूते पानी में डूब जाएं या बहुत तेज बारिश में आप लंबे समय तक रहें, तो ये शायद पूरी सुरक्षा न दे पाए.
लेकिन हल्की-फुल्की फुहार या छींटों से बचने में ये काफी मददगार साबित होती है. तो थोड़ा स्मार्ट बनिए और अपने जूतों को सुरक्षित रखिए.
तो देखा आपने, मानसून का मजा लेने के लिए अब आपको जूतों की बदबू की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. इन आसान से टिप्स को आजमाइए और अपने फुटवियर को हमेशा फ्रेश और साफ रखिए.
आखिर, जब सब कुछ परफेक्ट हो, तो जूतों की बदबू क्यों आपकी खुशियों पर पानी फेरे, है ना?



































