देश की आर्थिक राजधानी मुंबई: शेयर बाजार की दुनिया में आज एक तगड़ा झटका लगा है. 8 जुलाई का दिन भारतीय शेयर मार्केट के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. सुबह से ही बाजार में नेगेटिव माहौल था, और दिन खत्म होते-होते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों औंधे मुंह गिरे. निफ्टी ने तो 23,900 का अहम लेवल भी तोड़ दिया, जिससे निवेशकों की टेंशन बढ़ गई.
आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा हुआ क्या? दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मंच पर कुछ ऐसी हलचलें हुई हैं, जिनका सीधा असर हमारे घरेलू बाजार पर पड़ा है. अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है.
इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है, जो उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं.
ये पूरा मामला सिर्फ एक दिन की बात नहीं है, बल्कि ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स का सीधा खेल है, जिसने हमारे मार्केट को हिलाकर रख दिया. एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि यह अनिश्चितता का दौर है और अभी कहना मुश्किल है कि ये कब तक चलेगा और इसके क्या नतीजे सामने आएंगे.
शेयर बाजार को किसने लगाई सेंध, क्या था असली खेल?
अगर आंकड़ों की बात करें तो, कारोबार के आखिर में सेंसेक्स में 1,677.12 अंकों की भयंकर गिरावट दर्ज की गई. ये करीब 2.15 फीसदी की गिरावट थी, जिसके बाद सेंसेक्स 76,503.60 पर जाकर थमा.
वहीं, निफ्टी भी 516.65 अंक या 2.12 फीसदी गिरकर 23,882.05 के स्तर पर बंद हुआ. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट कितनी चिंताजनक हो सकती है.
आज मार्केट में कुल मिलाकर लगभग 1023 शेयरों में थोड़ी-बहुत बढ़त देखने को मिली, लेकिन भैया..
. 3070 शेयरों में गिरावट का साया मंडराया रहा.
करीब 159 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. यानी साफ है कि गिरावट का पलड़ा भारी था.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने इस स्थिति पर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि आज के सेशन में भारतीय शेयर बाजार का मूड साफ तौर पर नेगेटिव था, जिसकी वजह से हाल ही में जो बढ़त दर्ज की गई थी, वो सारी खत्म हो गई.
उनके मुताबिक, वेस्ट एशिया में बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ही इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है.
कौन से शेयर बने विलेन और कौन रहे हीरो?
मार्केट में गिरावट के इस दौर में कुछ शेयर ऐसे थे जिन्होंने निवेशकों को खून के आंसू रुलाए. निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों की लिस्ट में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और HUL जैसे बड़े नाम शामिल रहे.







































