मुंबई: शेयर बाजार की दुनिया भी गजब है भैया! कभी-कभी जो आंखें देखती हैं, दिमाग उसे मानने को तैयार नहीं होता. कुछ ऐसा ही इस वक्त देश के स्टील सेक्टर में हो रहा है. बुधवार को जब टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में गोता लगा रहे थे, तभी एक बड़ी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इन पर अपना दांव ठोक दिया.
आप सोच रहे होंगे, ये कैसी बात हुई? शेयर गिर रहे हैं और कोई बड़ा एनालिस्ट 'खरीदने' की सलाह दे रहा है! जी हां, नोमुरा ने स्टील सेक्टर पर अपना भरोसा दोहराते हुए 'बाय' रेटिंग जारी रखी है. उनका मानना है कि आने वाली जून तिमाही इन कंपनियों के लिए मजबूत मुनाफे वाली होने वाली है.
लेकिन ये सब हो क्यों रहा है? एक तरफ बाजार में गिरावट है, दूसरी तरफ एक्सपर्ट की 'बाय' रेटिंग. क्या बाजार और एनालिस्ट के बीच कुछ गड़बड़ है, या फिर कुछ ऐसा है जिसे हम-आप अभी ठीक से समझ नहीं पा रहे?
आखिर शेयर बाज़ार में हो क्या रहा है?
बुधवार का दिन स्टील सेक्टर के लिए थोड़ा मुश्किल भरा रहा. दोपहर करीब 2 बजकर 20 मिनट पर, टाटा स्टील का शेयर 1.31% की गिरावट के साथ 187.36 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
वहीं, जेएसडब्ल्यू स्टील भी 2.25% नीचे गिरकर 1,216.40 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था.
ये गिरावट मामूली नहीं थी, और आमतौर पर ऐसी स्थिति में निवेशक घबराने लगते हैं. लेकिन नोमुरा का नजरिया बिल्कुल अलग था.
उन्होंने शेयर की कीमतों में आई कमजोरी को नजरअंदाज करते हुए अपनी पॉजिटिव राय बरकरार रखी.
नोमुरा के हिसाब से, स्टील कंपनियों की जून तिमाही की रिपोर्ट बेहद मजबूत आने वाली है. इसका बड़ा कारण यह है कि स्टील की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई, उसने कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत को आसानी से झेल लिया.
नोमुरा को उम्मीदें क्यों हैं इतनी बड़ी?
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का अनुमान है कि भारतीय स्टील इंडस्ट्री ने जून तिमाही में बढ़िया प्रदर्शन किया है. उनके मुताबिक, इस दौरान घरेलू स्टील की मांग में साल-दर-साल (YoY) 5-6% का सुधार देखने को मिला है.
अगर बात करें अलग-अलग कंपनियों की, तो जिंदल स्टील ने इस तिमाही में जबरदस्त परफॉर्मेंस दिखाई है. नोमुरा के अनुमान के मुताबिक, जिंदल स्टील की स्टैंडअलोन वॉल्यूम ग्रोथ सालाना आधार पर 13% की सबसे मजबूत दर से बढ़ने वाली है.
इसके बाद जेएसडब्ल्यू स्टील का नंबर आता है, जिसकी वॉल्यूम ग्रोथ 6% रहने का अनुमान है.
नोमुरा ने साफ किया कि इस तिमाही में घरेलू हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) की औसत कीमतें लगभग 4,800 रुपये प्रति टन तक बढ़ गईं. इसका सीधा मतलब है कि कंपनियों को अपने प्रोडक्ट बेचकर ज्यादा पैसा मिला, जिसे 'रियलाइजेशन' कहते हैं.
ये सही है कि आयरन ओर और कोकिंग कोल जैसे कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ीं, जिससे कंपनियों पर लागत का दबाव आया. लेकिन नोमुरा को उम्मीद है कि उनकी कवरेज में आने वाली स्टील कंपनियां औसतन प्रति टन EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन) में पिछली तिमाही के मुकाबले 1,000 रुपये का सुधार देखेंगी.
यह एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है.
टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू का हाल कैसा रहेगा?
नोमुरा ने टाटा स्टील के भारतीय कारोबार को लेकर खास उम्मीदें जताई हैं. उनका अनुमान है कि भारत के बिजनेस से प्रति टन EBITDA में पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग 2,000 रुपये का सुधार आएगा.
ये दिखाता है कि भारत में टाटा स्टील का प्रदर्शन जबरदस्त रहने वाला है.
हालांकि, एक चिंता की बात है कि टाटा स्टील के यूरोपीय ऑपरेशन्स घाटे में ही रहने की संभावना है. इसी वजह से, भले ही भारतीय कारोबार में सुधार दिख रहा हो, कंपनी का कुल एकीकृत EBITDA मार्च तिमाही के 98 बिलियन रुपये के मुकाबले घटकर लगभग 90 बिलियन रुपये रहने का अनुमान है.
यह दर्शाता है कि यूरोप का बोझ अभी भी कंपनी के कुल मुनाफे पर भारी पड़ रहा है.
वहीं, जेएसडब्ल्यू स्टील के लिए भी नोमुरा का अनुमान पॉजिटिव है. उन्हें उम्मीद है कि जेएसडब्ल्यू स्टील के प्रति टन एकीकृत EBITDA में लगभग 1,200 रुपये का सुधार होगा.
यह सुधार कंपनी को मजबूत रियलाइजेशन से मिल रहा है, भले ही इनपुट लागत थोड़ी ज्यादा रही हो.
जिंदल स्टील को अपनी बढ़िया वॉल्यूम ग्रोथ का सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. जबकि लॉयड्स मेटल्स की बात करें तो, वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद उसका EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग स्थिर रह सकता है.
तो फिर खरीदने की सलाह क्यों मिल रही है?
इन्हीं सारे आंकलन और उम्मीदों को देखते हुए नोमुरा ने टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, जिंदल स्टील और लॉयड्स मेटल्स पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है.
उनकी साफ-साफ राय है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत का दबाव अपनी जगह है, लेकिन मजबूत घरेलू मांग और स्टील की कीमतों में आया सुधार इन कंपनियों की कमाई को पूरा सपोर्ट देगा. कुल मिलाकर, नोमुरा को लगता है कि स्टील सेक्टर में अभी भी दम बाकी है और इसमें निवेश का मौका है.



































