सूरत: गुजरात का यह चमकता शहर, जिसे डायमंड सिटी के नाम से जानते हैं, इन दिनों बारिश के पानी में चमक रहा है। लेकिन ये चमक डरावनी है। पिछले दो दिनों से दक्षिण गुजरात पर कुदरत का ऐसा कहर बरपा है कि सूरत पानी-पानी हो गया है। सड़कें नदियां बन गई हैं, घर टापू की तरह दिख रहे हैं और आम जनजीवन तो पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। ये सिर्फ पानी की बात नहीं है, इस आफत ने अब तक पांच जिंदगियां भी लील ली हैं।
मौसम विभाग बता रहा है कि इतनी भारी बारिश हुई है कि मानो आसमान फट गया हो। जगह-जगह जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं, जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात कितने गंभीर हैं।
हालात ऐसे हो गए कि प्रशासन को तुरंत एक्शन लेना पड़ा और हजारों लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाना पड़ा है।
तो आखिर हुआ क्या, कितनी बरसी आफत?
आपको बता दें कि ये सारा खेल पिछले दो दिनों का है। खासकर सूरत जिले पर तो जैसे इंद्रदेव का गुस्सा ही उतर आया।
अधिकारियों की मानें तो मंगलवार को सिर्फ 10 घंटों के भीतर कामरेज तहसील में 305 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। आप समझ रहे हैं, 305 मिलीमीटर! ये कोई हल्की-फुल्की फुहार नहीं, ये तो पानी का सैलाब है।
इस मूसलाधार बारिश का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा। नवसारी और सूरत जिलों में तो मंगलवार और बुधवार को स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई।
यानी बच्चों की पढ़ाई रुकी, ताकि उनकी जान खतरे में न पड़े।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने पूर्वानुमान में बताया था कि दक्षिण गुजरात के कई इलाके, जिनमें सूरत, वलसाड, दादरा और नगर हवेली शामिल हैं, वहां अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। और हुआ भी कुछ ऐसा ही।
तेज हवाएं चलीं, बिजली कड़की और सड़कों पर इतना पानी भर गया कि लोग अपने घरों में दुबकने पर मजबूर हो गए।
कितने लोग फंसे और कितनों को बचाया गया?
सूरत नगर निगम के कमिश्नर, एम. नागराजन ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि लगभग 2,100 लोगों को उन इलाकों से निकाला गया जहां पानी बहुत ज्यादा भर गया था और उन्हें सुरक्षित शेल्टर होम में पहुंचाया गया है।
ये अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है, जो दिखाता है कि चुनौती कितनी बड़ी थी।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल पांच मौतें हुई हैं। यह खबर सुनकर दिल दहल जाता है कि कुदरत की मार से इतने लोग अपनी जान गंवा बैठे।
जान जाने की मुख्य वजह क्या रही?
पीटीआई को एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को करंट लगने से दो लोगों की दुखद मौत हो गई। इसके अलावा, एक और व्यक्ति की जान कामरेज इलाके में चली गई।
इससे पहले, सोमवार को भी सूरत के रांदेर इलाके में करंट लगने से दो लोगों ने अपनी जिंदगी गंवा दी थी। कुल मिलाकर, बारिश के पानी में बिजली का करंट फैलना एक बड़ी वजह बनकर सामने आया है, जिसने लोगों को संभलने का मौका भी नहीं दिया।
ये घटनाएं बताती हैं कि ऐसी बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों से कितना खतरा हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को ऐसे समय में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है, खास तौर पर अगर बहुत जरूरी न हो।
किस इलाके में कितनी बारिश हुई?
सूरत की कई तहसीलों में तो दिन के दौरान 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों पर गौर करें तो, मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे के बीच, कामरेज तहसील में सबसे ज्यादा 305 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
सूरत शहर में भी 260 मिमी पानी गिरा, और पलसाना कस्बे में 205 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सिर्फ सूरत ही नहीं, पड़ोसी नवसारी जिले की भी हालत कुछ ऐसी ही थी। नवसारी तहसील में 195 मिमी और जलालपोर में 177 मिमी बारिश दर्ज की गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि पूरे दक्षिण गुजरात में स्थिति कितनी भयावह रही।
आगे क्या है मौसम का हाल, अलर्ट कैसा है?
मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए भी कोई राहत भरी खबर नहीं दी है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक दक्षिण गुजरात के सूरत, डांग, नवसारी, वलसाड, तापी और दमन, दादरा और नगर हवेली के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
इसके अलावा, सौराष्ट्र के भावनगर जिले में भी ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।
IMD ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात के बाकी हिस्सों में भी आगे बढ़ चुका है। इस 'रेड अलर्ट' को देखते हुए नवसारी जिला प्रशासन ने मंगलवार को जिले के सभी आंगनबाड़ियों, स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक संस्थानों को भी बंद रखने का आदेश दिया था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बुधवार को फोन पर बात की और भारी बारिश से पैदा हुए हालात पर चर्चा की। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार भी राज्य में बाढ़ जैसी स्थिति पर पैनी नजर रख रही है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।



































