अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में बुधवार का दिन यूँ तो भारी बारिश से भरा था, लेकिन इस सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की एक बड़ी कोशिश ने मौसम की चुनौती को दरकिनार कर दिया। मौका था संचारी रोग नियंत्रण अभियान को हरी झंडी दिखाने का, जिसकी शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रमाकांत सागर की अगुवाई में हुई। सुबह करीब दस बजे सीएमओ कार्यालय में सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं हुआ, बल्कि एक जोरदार जन जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसका मकसद जुलाई 2026 तक संचारी रोगों पर लगाम कसना है। जी हाँ, ये कोई मामूली कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक बड़ा कदम था, अमरोहा के लोगों को बीमारियों से बचाने की तरफ।
आपने अक्सर सुना होगा, कि बारिश का मौसम अपने साथ ढेर सारी परेशानियाँ भी लेकर आता है। इन्हीं में से एक हैं संचारी रोग, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलते हैं।
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड, डायरिया – ये कुछ ऐसे नाम हैं, जिनसे हम सब कमोबेश परिचित हैं। इन बीमारियों का खतरा बारिश के दिनों में और बढ़ जाता है, क्योंकि जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपते हैं और साफ-सफाई की कमी से दूषित पानी और भोजन के ज़रिए बैक्टीरिया और वायरस फैलते हैं।
ऐसे में अमरोहा में शुरू हुआ यह अभियान बेहद अहम है, खासकर जब जुलाई 2026 तक की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है।
अमरोहा में संचारी रोग अभियान: क्यों है इतना ज़रूरी?
दरअसल, संचारी रोगों से लड़ना सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी ज़रूरी होती है। मच्छरजनित बीमारियाँ जैसे डेंगू और मलेरिया, अक्सर जानलेवा साबित होती हैं।
खासकर ग्रामीण और शहरी स्लम इलाकों में, जहाँ साफ-सफाई और जागरूकता की कमी होती है, वहाँ इनका प्रकोप अधिक देखने को मिलता है। यही वजह है कि सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियाँ ऐसे अभियानों को गंभीरता से लेती हैं।
अमरोहा का यह अभियान भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य है जिले के कोने-कोने तक स्वास्थ्य संदेश पहुँचाना और लोगों को इन बीमारियों से बचाव के तरीके बताना।
सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर ने इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अभियान के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि किस तरह छोटी-छोटी सावधानियाँ बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं। जैसे, अपने घरों और आस-पास पानी जमा न होने देना, कूलर और गमलों का पानी नियमित रूप से बदलना, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना।
उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके तहत घरों का सर्वे, लार्वा रोधी छिड़काव और स्वास्थ्य जाँच शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
रैली और शपथ ग्रहण: संकल्प और सक्रियता का प्रतीक
सीएमओ कार्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह अपने आप में एक मिसाल था। आसमान से झमाझम बारिश बरस रही थी, लेकिन उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद थे।
डॉ. रमाकांत सागर ने सभी कर्मियों को संचारी रोगों से बचाव और नियंत्रण की शपथ दिलाई।
इस शपथ में सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक संकल्प था – अमरोहा को बीमारियों से मुक्त बनाने का। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने इन रोगों से लड़ने और समाज को जागरूक करने का प्रण लिया।
शपथ ग्रहण के बाद, एक विशाल जन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस रैली में मुख्य रूप से नगर पालिका परिषद अमरोहा के कर्मचारी, जिला संयुक्त चिकित्सालय अमरोहा के स्टाफ सदस्य और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी शामिल थे।
भारी बारिश के बीच भी इन लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में तख्तियाँ लिए और नारे लगाते हुए वे शहर की सड़कों पर निकले, ताकि आम जनता तक यह संदेश पहुँचाया जा सके कि स्वास्थ्य सुरक्षा उनकी अपनी ज़िम्मेदारी है।
रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को मच्छरजनित रोगों और अन्य संचारी रोगों के प्रति आगाह करना था।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, जो इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहे थे। जिला मलेरिया अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मलेरिया इंस्पेक्टर और जनपदीय एपिडेमियोलॉजिस्ट जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन सभी का एक ही लक्ष्य था – यह सुनिश्चित करना कि संचारी रोगों के खिलाफ छेड़ी गई यह जंग सफल हो और अमरोहा के नागरिकों को स्वस्थ जीवन मिल सके।
ये सभी अधिकारी जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। उनका काम सिर्फ बैठकों और रैलियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उन्हें घर-घर जाकर लोगों को समझाना होता है, उनकी समस्याओं को सुनना होता है और उन्हें सही स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँचाने में मदद करनी होती है।
यह अभियान सिर्फ जुलाई 2026 के लक्ष्य तक ही नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अमरोहा को बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करेगी। उम्मीद है कि इस तरह के प्रयासों से अमरोहा में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

