प्रतापगढ़: बुधवार की सुबह, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक आम दिन की शुरुआत हुई थी, लेकिन रानीगंज थाना क्षेत्र में एक पल ऐसा आया जिसने एक हंसते-खेलते घर को मातम में बदल दिया। एक 16 साल के लड़के, अंश पटेल, ने पलक झपकते ही दम तोड़ दिया, जब एक बेकाबू ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को सामने से ऐसी टक्कर मारी कि चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे में अंश की मां और एक रिश्तेदार महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है।
ये घटना रानीगंज-देलूपुर मार्ग पर घटेगी, किसी ने सोचा भी न था। सुबह करीब 10:30 बजे का वक्त था।
अंश पटेल अपनी मां सुमन देवी और एक रिश्तेदार शांति देवी के साथ बाइक पर सवार होकर मऊआइमा थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव से बाजार की ओर निकले थे। ये एक सामान्य दिनचर्या थी, जैसे हजारों लोग रोज़ाना बाजार के लिए निकलते हैं।
लेकिन उनकी यह यात्रा उनके जीवन की आखिरी यात्रा बन जाएगी, इसका किसी को अंदाज़ा नहीं था। परिवार खुश होकर घर से निकला था, लेकिन किसे पता था कि एक तेज़ रफ्तार ट्रैक्टर उनके रास्ते में यमदूत बनकर खड़ा होगा।
एक आम सफर, एक दर्दनाक मोड़
झलिया विशंभरपुर गांव के रहने वाले अंश पटेल, महज 16 साल के थे। उनकी उम्र सपने देखने और उन्हें पूरा करने की थी।
बुधवार की सुबह जब वो अपनी मां सुमन देवी (45) और रिश्तेदार शांति देवी (46) के साथ घर से निकले थे, तो उनके मन में क्या कुछ चल रहा होगा, ये कोई नहीं जानता। वो महमदपुर गांव से बाजार जा रहे थे, शायद घर का कुछ सामान लेना था या कोई और काम।
उनकी बाइक देलूपुर-रानीगंज मार्ग पर पूरे रामसहाय गांव के सामने से गुज़र रही थी। ये रास्ता अक्सर लोगों की चहल-पहल से गुलज़ार रहता है।
सब कुछ सामान्य लग रहा था, तभी सामने से आ रहा एक ट्रैक्टर तेज़ रफ़्तार से उनकी ओर बढ़ा और पलक झपकते ही काल बन गया।
टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। ज़मीन पर गिरते ही अंश पटेल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
उसके शरीर से इतनी तेज़ी से खून बहा कि आस-पास के लोग भी सहम गए। मां सुमन देवी और रिश्तेदार शांति देवी बाइक से उछलकर दूर जा गिरीं।
उनके शरीर पर भी कई गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। सड़क पर पलभर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आस-पास के लोग दौड़े-दौड़े मौके पर पहुंचे और मदद के लिए हाथ बढ़ाए। जिसने भी अंश को देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।
यह एक ऐसा दृश्य था जिसे देखकर कलेजा मुंह को आ जाए।
हादसे के बाद का मंज़र और बचाव कार्य
स्थानीय लोगों ने बिना वक़्त गंवाए घायलों की मदद शुरू की। सुमन देवी और शांति देवी को तत्काल उठाया गया।
दोनों गंभीर रूप से घायल थीं और दर्द से कराह रही थीं। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं, अंश पटेल सड़क पर मृत पड़े थे।
उनके शरीर को देखकर स्पष्ट था कि उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
हादसे की सूचना जैसे ही रानीगंज थाना पुलिस को मिली, पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई। कुछ ही देर में पुलिस टीम दल-बल के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित किया। मृतक अंश पटेल के शव को कब्जे में लिया गया।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शव का पंचनामा भरा। यह एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें पुलिस शव की स्थिति और चोटों का रिकॉर्ड बनाती है।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई में मदद मिलेगी।
पुलिस की कार्रवाई और अधिकारी का बयान
रानीगंज थाना पुलिस ने इस दर्दनाक हादसे की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए।
दुर्घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि टक्कर कैसे हुई और किसकी गलती थी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए हैं जो जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यह जानना ज़रूरी है कि ट्रैक्टर चालक कौन था और वह इतनी तेज़ रफ़्तार में क्यों था।
इस मामले में रानीगंज के सीओ प्रशांत राज हुड्डा ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सीओ हुड्डा ने यह भी पुष्टि की कि हादसे के बाद फरार हुए ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया है और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब ड्राइवर से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिसका मतलब है कि पुलिस इस घटना के सभी पहलुओं पर गौर कर रही है और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। परिवार के लिए यह एक बहुत कठिन समय है और सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि उन्हें कब न्याय मिलेगा।

