गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 20 साल की महिला, जो अपने 8 महीने के मासूम बेटे की मां थी और जिसका पति विदेशों में पसीना बहाकर परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर रहा था, उसी महिला की मौत एक जहरीले सांप के डसने से हो गई। सोचिए, घर की चारदीवारी में, वो भी शौचालय जैसी जगह पर, काल का ऐसा घात लगाना... ये घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि कई सवाल खड़े करती है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के सुजानपुर गांव में हुई इस दुखद घटना ने लोगों को सन्न कर दिया है।
मृतका का नाम किरण देवी था। वो गोपालपुर थाना क्षेत्र के सुजानपुर गांव की रहने वाली थी।
करीब दो साल पहले ही किरण ने बुलेट साह नाम के शख्स से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने शायद बड़े सपने देखे होंगे, एक साथ जिंदगी बिताने की कसमें खाई होंगी।
शादी के बाद उनके आंगन में खुशियां आईं – उनका 8 महीने का बेटा। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था, क्योंकि कुछ ही समय बाद उन्हें एक ऐसे इम्तिहान से गुजरना पड़ा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी, इसलिए किरण का पति बुलेट साह पिछले एक साल से विदेश में मजदूरी कर रहा था। उसकी एक ही ख्वाहिश थी – अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी देना, अपने बेटे का भविष्य संवारना।
शायद वो दूर परदेस में दिन-रात यही सोचता होगा कि कब वो अपने वतन लौटेगा, अपने बेटे और पत्नी से मिलेगा, उन्हें एक अच्छी जिंदगी दे पाएगा। उसे क्या पता था कि जिस घर के लिए वो खून-पसीना एक कर रहा है, वहीं से ऐसी मनहूस खबर आएगी जो उसकी पूरी दुनिया उजाड़ देगी।
शौचालय में मौत का खौफनाक हमला
परिवारवालों के मुताबिक, ये खौफनाक वारदात रात के अंधेरे में हुई। किरण देवी रात को करीब 10-11 बजे शौचालय गई थीं।
पति घर पर नहीं था, ऐसे में घर में बुजुर्ग सास-ससुर और बच्चा ही था। शायद वो रात की नींद से जागकर अपने रोजमर्रा के काम के लिए गई होगी, लेकिन उसे क्या पता था कि उस अंधेरे कोने में मौत उसका इंतजार कर रही है।
उस एक पल ने न सिर्फ उसकी बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।
किरण के ससुर ने टूटे मन से और लड़खड़ाती जुबान में बताया, "किरण शौचालय गई थी। तभी ऊपर छत से एक जहरीला सांप उसके हाथ पर गिरा।
सांप ने तुरंत उसके हाथ में काट लिया।" सोचिए, उस पल का खौफ, जब अचानक कहीं से एक जहरीला सांप शरीर पर गिर जाए।
उन्होंने आगे बताया, "किरण ने घबराकर जैसे ही हाथ से सांप को हटाने की कोशिश की, सांप ने फिर उसके पैर में काट लिया।" एक ही सांप, दो बार डसता है और वो भी जानलेवा तरीके से।
किरण की चीख सुनकर परिवार के लोग और आसपास के पड़ोसी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। उस ग्रामीण इलाके में रात के समय ऐसी घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी, हर कोई दहशत में था।
जीवन बचाने की जद्दोजहद और डॉक्टरों की हार
घरवाले और ग्रामीण बिना समय गंवाए किरण को लेकर भागे। उस रात के अंधेरे में, उस ग्रामीण इलाके में, हर पल कीमती था।
सबसे पहले उसे स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। ग्रामीण इलाकों में अक्सर यही पहला और सबसे करीबी सहारा होता है।
लेकिन वहां शायद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए या बेहतर इलाज की सुविधा न होने के कारण, डॉक्टरों ने उसे तुरंत सदर अस्पताल गोपालगंज रेफर कर दिया। एम्बुलेंस का इंतजार, सड़कों का हाल और मरीज की बिगड़ती हालत, हर चीज परिवार के सब्र का इम्तिहान ले रही थी।
रात का वक्त, ऊपर से सांप के जहर का तेजी से फैलना, और फिर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक की दौड़-भाग। हर पल कीमती था, हर मिनट जिंदगी और मौत के बीच का फासला तय कर रहा था।
परिवार के लोग हर मुमकिन कोशिश कर रहे थे, मन ही मन भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि उनकी बहू ठीक हो जाए, उनके मासूम पोते की मां बच जाए।
सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने किरण को बचाने की पूरी कोशिश की। उन्हें एंटी-स्नेक वेनम भी दिया गया, जो सांप के जहर के असर को खत्म करने के लिए दिया जाता है।
लेकिन तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी। सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था और उसने अपना जानलेवा असर दिखाना शुरू कर दिया था।
आखिरकार, इलाज के दौरान ही किरण देवी ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, वे उसे बचा नहीं पाए।
किरण की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल में मौजूद परिवारवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी उम्मीदें, उनकी प्रार्थनाएं सब धरी की धरी रह गईं।
अब उस घर में सिर्फ एक अंतहीन मातम और चीख-पुकार का मंजर था।
मासूम बच्चा हुआ अनाथ, विदेश में पति को वज्रपात
इस दुखद घटना ने एक 8 महीने के मासूम बच्चे के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठा दिया। जिस उम्र में बच्चे को मां की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में वो अनाथ हो गया।
परिवारवालों के सामने अब इस मासूम की देखभाल और उसके भविष्य को लेकर चिंताएं खड़ी हो गई हैं। वे समझ नहीं पा रहे कि कैसे इस बच्चे को बताएंगे कि उसकी मां अब कभी नहीं लौटेगी, कैसे उसके सवालों का जवाब देंगे।
घटना की सूचना विदेश में बैठे उसके पति बुलेट साह को भी दी गई। सोचिए, एक पति जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए हजारों मील दूर बैठा पसीना बहा रहा था, उसे अपनी पत्नी की मौत की खबर मिलती है।
उसके लिए ये किसी वज्रपात से कम नहीं होगा। उसकी सारी उम्मीदें, सारे सपने एक झटके में चकनाचूर हो गए।
घर में चीख-पुकार मच गई, पूरा परिवार सदमे में है, मानो किसी ने उनके घर की रौनक ही छीन ली हो।
पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुजानपुर गांव में मातम पसरा हुआ है, हर कोई इस दर्दनाक घटना पर हैरत और दुख जता रहा है।
ये सिर्फ एक सांप के काटने से हुई मौत नहीं है, ये एक परिवार के सपनों का टूटना है, एक बच्चे का अनाथ होना है और एक पति की जिंदगी भर का न भर पाने वाला गम है।

