मुरादाबाद: शहर के गलियारों में बुधवार को एक ऐसी हलचल मची, जिसने अवैध निर्माण के सिंडिकेट में खलबली मचा दी। बात बस इतनी सी थी कि मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने अपनी 'वीसी की सख्ती' वाली पॉलिसी पर आगे बढ़ते हुए एक बड़ा एक्शन ले डाला। प्राधिकरण ने दो बड़े मैरिज हॉल और 18 अवैध दुकानों पर ताला जड़ दिया। ये वो निर्माण थे जो बिना किसी मंजूरी के, सरकारी नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए गए थे। अब सोचिए, जहां एक आम आदमी को अपने घर का नक्शा पास कराने में पसीना छूट जाता है, वहीं कुछ लोग बड़े-बड़े हॉल और दुकानें बिना किसी कागज के बना डालते हैं। इसी मनमानी पर एमडीए ने अपनी हथौड़ी चलाई है।
यह कार्रवाई एमडीए के उपाध्यक्ष (VC) की कड़े निर्देशों के बाद की गई, जहां उनका साफ संदेश था कि शहर में अवैध निर्माण को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बुधवार को जब एमडीए का सचल दल भारी-भरकम पुलिस फोर्स के साथ इन ठिकानों पर पहुंचा, तो माहौल गरमा गया।
लोग सकते में थे और अवैध निर्माण करने वालों की धड़कनें तेज हो गई थीं। एमडीए ने साफ कर दिया है कि ये सिर्फ एक शुरुआत है, और आने वाले दिनों में और भी ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
स्टार लाइट बैंक्वेट हॉल पर ताला
इस कार्रवाई की शुरुआत हुई पाकबड़ा इलाके से, जहां चर्च रोड पर चल रहा 'स्टार लाइट बैंक्वेट हॉल' सील कर दिया गया। ये बैंक्वेट हॉल रईस अहमद नाम के शख्स चला रहे थे।
प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि इस विशालकाय बैंक्वेट हॉल का निर्माण बिना मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए ही कर लिया गया था। यानी, न तो कोई नक्शा पास हुआ, न कोई अनुमति ली गई, और धड़ल्ले से एक बड़ा व्यवसायिक प्रतिष्ठान खड़ा हो गया।
प्राधिकरण ने इस मामले में कई बार नोटिस भी जारी किए थे। एक के बाद एक नोटिस भेजे गए, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
जब सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन हो गया और अवैध निर्माणकर्ता की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब या कार्रवाई नहीं हुई, तब एमडीए को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। बैंक्वेट हॉल सील होने से यहां होने वाली बुकिंग्स और आयोजनों पर भी असर पड़ेगा, जिससे जुड़े लोगों में भी चिंता का माहौल देखा जा सकता है।
ख्वाजा मैरिज हॉल भी बंद
पाकबड़ा के बाद एमडीए की टीम रतनपुर कला भूड़ चौराहा पहुंची। यहां इस्लामी मदरसे के ठीक सामने एक और बड़ा अवैध निर्माण खड़ा था – ‘ख्वाजा मैरिज हॉल’।
यह मैरिज हॉल अबरार अहमद द्वारा संचालित किया जा रहा था। स्टार लाइट बैंक्वेट हॉल की तरह ही, ख्वाजा मैरिज हॉल का निर्माण भी प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बगैर ही अवैध रूप से किया गया था।
इस हॉल के संचालक ने भी शहर के मास्टर प्लान और निर्माण नियमों को दरकिनार करते हुए अपनी मनमानी की थी। अक्सर ऐसे बड़े प्रतिष्ठानों के निर्माण में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है।
एमडीए की टीम ने यहां भी भारी सुरक्षा बल के साथ पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया और मैरिज हॉल को सील कर दिया। शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ इस तरह की लगातार कार्रवाई से एक साफ संदेश जा रहा है कि अब नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं।
18 अवैध दुकानों पर भी लगी सील
केवल बड़े मैरिज हॉल ही नहीं, बल्कि छोटे-मोटे अवैध निर्माणों पर भी एमडीए की गाज गिरी। टीम ने रतनपुर कला के डींगरपुर रोड पर भी एक बड़ी कार्रवाई की।
यहां नजाकत प्रधान नाम के व्यक्ति द्वारा लगभग 500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 18 दुकानों का अवैध निर्माण कराया जा रहा था। इन दुकानों का निर्माण भी बिना किसी वैध मानचित्र या अनुमति के शुरू कर दिया गया था।
एमडीए ने इन दुकानों के अवैध निर्माण को भी सील कर दिया। इन दुकानों के निर्माण से पहले क्षेत्र के विकास योजना पर कोई विचार नहीं किया गया, जिससे भविष्य में ट्रैफिक जाम और अन्य नागरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता था।
प्राधिकरण का मानना है कि ऐसे अवैध निर्माण न केवल शहरी सुंदरता को बिगाड़ते हैं बल्कि शहर के नियोजित विकास में भी बाधा डालते हैं। एमडीए के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो बिना अनुमति के निर्माण कार्य कर रहे हैं।
प्राधिकरण भविष्य में भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रखेगा, ताकि शहर में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिल सके।

