अयोध्या: भगवान राम की नगरी अयोध्या इन दिनों सिर्फ मंदिरों और विकास के कामों को लेकर ही सुर्खियों में नहीं है, बल्कि यहां बिजली विभाग भी पूरा एक्शन में दिख रहा है। अगर आप अयोध्या में रहते हैं और आपका बिजली कनेक्शन स्वीकृत भार (लोड) से ज्यादा बिजली खींच रहा है, तो समझ लीजिए आपकी टेंशन बढ़ने वाली है। पावर कॉर्पोरेशन ने ऐसे बिजली चोरों पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर डंडा चलाना शुरू किया है जो वैध कनेक्शन तो लिए हैं, लेकिन चुपके से अपनी लिमिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग ने अब ऐसे हजारों उपभोक्ताओं को नोटिस थमाया है और कहा है, "या तो लोड बढ़ाओ, वरना कनेक्शन कटेगा।"
ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, बल्कि एक बड़ा अभियान है जो अयोध्या जिले में चला गया है। बिजली विभाग ने अब तक 20 हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर ली है, जो अपने स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपभोग कर रहे थे।
इन सभी को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर इस तय समय में उन्होंने अपने कनेक्शन का बिजली लोड नहीं बढ़वाया, तो विभाग बिना किसी हिचकिचाहट के उनके कनेक्शन काट देगा।
सीधा और स्पष्ट संदेश है: नियमों का पालन करो या परिणाम भुगतो।
विभाग के इस कदम से कई लोगों की नींद उड़ गई है, खासकर उन लोगों की जो सोचते थे कि कोई उन्हें पकड़ नहीं पाएगा। ये कार्रवाई बताती है कि विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
क्यों हो रहा है यह पूरा खेल?
आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ये सब क्यों हो रहा है? तो भैया, बात सीधी सी है। जब कोई उपभोक्ता कम लोड का कनेक्शन लेता है, लेकिन इस्तेमाल ज्यादा बिजली का करता है, तो इससे पूरी बिजली सप्लाई व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
इसे ऐसे समझिए कि एक पाइप से जितना पानी जाने की क्षमता है, अगर आप उससे कहीं ज्यादा पानी निकालने की कोशिश करेंगे, तो पाइप फट भी सकता है या सप्लाई कमजोर हो सकती है। बिजली के मामले में भी यही होता है।
ज्यादा लोड के कारण ट्रांसफार्मर और पूरी ट्रांसमिशन प्रणाली पर दबाव बढ़ता है, जिससे बार-बार फॉल्ट होते हैं, बिजली कटौती होती है और अन्य वैध उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। मुख्य अभियंता (वितरण) ने 1 जुलाई, बुधवार को बताया कि कई उपभोक्ता ऐसे मिले हैं जिन्होंने 1 से 4 किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है, जबकि उनके घर में या दुकान पर 2 से 9 किलोवाट तक बिजली का उपभोग हो रहा है।
यह सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है और इससे विभाग को भी राजस्व का नुकसान होता है।
कितने लोगों पर गिरी है गाज?
अब तक के आंकड़ों की बात करें तो विभाग ने करीब 5 हजार व्यावसायिक (कमर्शियल) उपभोक्ताओं और 15 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे हैं। यानी, दुकानदारों से लेकर घर-गृहस्थी चलाने वालों तक, सब पर विभाग की नजर है।
अधिकारियों का यह भी मानना है कि अयोध्या जिले में ऐसे उपभोक्ताओं की कुल संख्या 80 हजार से भी ज्यादा हो सकती है। इसका मतलब है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी हजारों लोगों को ऐसे नोटिस मिल सकते हैं।
विभाग ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस जारी करने और लोड जांच का अभियान लगातार चलता रहेगा, जब तक कि व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती।
नोटिस में पिछले तीन महीने के दौरान दर्ज अधिकतम विद्युत भार का भी स्पष्ट रूप से जिक्र किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को यह समझने में आसानी होगी कि वे असल में कितनी बिजली इस्तेमाल कर रहे थे और उन्हें कितना लोड बढ़वाने की जरूरत है।
यह पारदर्शिता बरतने का विभाग का एक तरीका है, ताकि कोई यह न कह सके कि उन्हें जानकारी नहीं थी।
‘बड़े’ लोग भी रडार पर
ऐसा नहीं है कि विभाग सिर्फ छोटे-मोटे कनेक्शन वालों को ही पकड़ रहा है। बड़े उपभोक्ता भी विभाग के रडार पर हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, नौ किलोवाट श्रेणी के 480 उपभोक्ता ऐसे मिले हैं, जो स्वीकृत क्षमता से छह गुना तक अधिक बिजली का उपयोग कर रहे थे। ये वो लोग हैं जो अपना कनेक्शन तो नौ किलोवाट का दिखाते हैं, लेकिन इस्तेमाल उससे कहीं ज्यादा करते हैं, जो सीधे-सीधे छह गुना तक ऊपर जा रहा था।
सोचिए, एक बड़ा घर या कोई कमर्शियल यूनिट अगर अपनी लिमिट से छह गुना ज्यादा बिजली खींच रही है, तो उससे ग्रिड पर कितना दबाव पड़ता होगा!
इन 480 बड़े उपभोक्ताओं में अयोध्या कैंट क्षेत्र के 190, अयोध्या धाम के 123, रुदौली के 60 और मिल्कीपुर जोन के 107 उपभोक्ता शामिल हैं। इन इलाकों में खास तौर पर ज्यादा सख्ती देखने को मिल रही है।
यह बताता है कि विभाग हर कोने में अपनी पैनी नजर गड़ाए हुए है।
आगे क्या होगा?
मुख्य अभियंता ने सभी विद्युत उपकेंद्रों के अवर अभियंताओं (Junior Engineers) और अधिशासी अभियंताओं (Executive Engineers) को निर्देश दिए हैं कि वे एक विशेष लोड चेकिंग अभियान चलाएं। इस अभियान के तहत घर-घर और दुकान-दुकान जाकर बिजली के लोड की जांच की जाएगी।
उपखंड अधिकारी मिल्कीपुर, अमित कुमार सिंह ने भी इस अभियान के जारी रहने की पुष्टि की है। यानी, अगर आपको नोटिस नहीं मिला है, तो भी इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आप बच जाएंगे।
विभाग की टीमें कभी भी आपके यहां दस्तक दे सकती हैं।
अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ बिजली व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव कम होगा, बल्कि विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा। साथ ही, इससे उन ईमानदार उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी जो स्वीकृत लोड पर ही बिजली इस्तेमाल करते हैं और बेवजह की बिजली कटौती या वोल्टेज की समस्या से परेशान रहते हैं।
तो भैया, अगर आप अयोध्या में रहते हैं और आपका बिजली का मीटर आपसे कुछ और कह रहा है, और आपका असली इस्तेमाल कुछ और है, तो ये 15 दिन आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। समय रहते लोड बढ़वा लीजिए, वरना दिक्कत हो सकती है!

