शिमला: मॉनसून का मिजाज इस बार कुछ ऐसा रहा कि पहले तो उसने हिमाचल प्रदेश में जबरदस्त एंट्री मारी, पहाड़ों को पानी-पानी कर दिया। लगा कि अब तो राहत मिलने वाली नहीं, लेकिन फिर मौसम विभाग ने एक ऐसी खबर दी है, जिससे अगले 48 घंटों के लिए हिमाचल के लोगों को थोड़ी सांस लेने का मौका मिल सकता है। जी हां, शुरुआती कहर के बाद अब मॉनसून की रफ्तार थोड़ी धीमी होने वाली है, यानी भारी बारिश से दो दिन की राहत की उम्मीद है। हालांकि, यह शांति तूफान से पहले की है या परमानेंट, इसका जवाब भी मौसम विभाग ने दे दिया है।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि आज और कल यानी अगले 48 घंटे तक हिमाचल प्रदेश में मॉनसून थोड़ा नरमी बरतेगा। खासकर सोलन और सिरमौर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन राज्य के दूसरे हिस्सों में फिलहाल भारी बारिश से लोग बच पाएंगे।
यह उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश से परेशान थे और जिनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था।
मौसम का नया पैंतरा: 6 जुलाई से फिर बरसेगा कहर!
मगर, ये राहत बस चंद घंटों की है। हिमाचल को बारिश से पूरी तरह छुटकारा मिलने वाला नहीं है।
मौसम विभाग की मानें तो 6 जुलाई से एक बार फिर वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) जोर पकड़ेगा और प्रदेश में मॉनसून फिर से अपना रौद्र रूप दिखा सकता है। इस संभावित खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने पहले से ही चेतावनियां जारी कर दी हैं।
6 और 7 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जैसे जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जिसका मतलब है कि इन इलाकों में भी भारी बारिश की आशंका है।
इसके बाद भी राहत नहीं है। 8 और 9 जुलाई को भी हिमाचल के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
यानी, यह कहना गलत नहीं होगा कि मॉनसून ने हिमाचल में आने के बाद एक छोटा-सा ब्रेक लिया है और अब वह अपनी पूरी ताकत के साथ वापस लौटने की तैयारी में है। लोगों को इन दिनों में बहुत सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव: कब पड़ेगी राहत की सांस?
बारिश के इस खेल के बीच तापमान का मिजाज भी बदलता रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज और कल यानी शुरुआती दो दिन तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है, लेकिन जैसे ही मॉनसून फिर जोर पकड़ेगा, तापमान में गिरावट आएगी।
परसों से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है, जिससे मौसम में थोड़ी ठंडक महसूस होगी। हालांकि, यह ठंडक कितनी सुकून देने वाली होगी, यह तो आने वाली बारिश ही बताएगी।
बारिश का कहर: सड़कें ठप, बत्ती गुल और पानी की किल्लत
पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने हिमाचल प्रदेश में खूब तबाही मचाई है। पूरे प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
आंकड़ों पर गौर करें तो, बारिश के चलते 49 सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इन सड़कों पर आवाजाही रुकने से कई गांवों और कस्बों का संपर्क टूट गया है।
सिर्फ सड़कें ही नहीं, बिजली आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ा है। तीन बड़े बिजली ट्रांसफॉर्मर खराब होने से कई इलाकों में बत्ती गुल हो गई है, जिससे अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं लोग।
इसके अलावा, 23 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ गई हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग इन सभी चीजों को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटे हुए हैं, लेकिन बारिश के लगातार होने से उनके काम में भी बाधा आ रही है।
बारिश के आंकड़े: किन्नौर में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा
अगर हम 1 से 3 जुलाई के बीच हुई बारिश के आंकड़ों को देखें, तो हिमाचल प्रदेश में इस बार मॉनसून ने सामान्य से कहीं ज्यादा पानी बरसाया है। इन तीन दिनों में सामान्य तौर पर 15 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार 30.
9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 106 प्रतिशत ज्यादा है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस बार मॉनसून कितनी तेजी से आगे बढ़ा है।
कुछ जिलों में तो बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:
- किन्नौर: यहां सामान्य से 423 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, जो अपने आप में एक चौंकाने वाला आंकड़ा है। किन्नौर जैसे सूखे समझे जाने वाले इलाके में इतनी बारिश का होना हैरान करने वाला है।
- कुल्लू: पर्यटक नगरी कुल्लू में सामान्य से 195 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
- शिमला: राजधानी शिमला में भी मॉनसून ने खूब रंग दिखाया और सामान्य से 117 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई।
- सिरमौर: इस जिले में सामान्य से 143 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
- सोलन: यहां सामान्य से 140 प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा।
- ऊना: इस जिले में सामान्य से 130 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।
- कांगड़ा: यहां सामान्य से 125 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।
- चंबा: इस खूबसूरत जिले में सामान्य से 107 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।
- हमीरपुर: यहां सामान्य से 45 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई।
- बिलासपुर: इस जिले में सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
हालांकि, इस पूरी लिस्ट में एक जिला ऐसा भी है, जहां मॉनसून ने थोड़ी कंजूसी बरती। लाहौल-स्पीति ही इकलौता जिला रहा, जहां सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
यह दर्शाता है कि मॉनसून का प्रभाव हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों में कितना भिन्न रहा है। कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश अगले कुछ दिनों तक बारिश की मार झेलने वाला है, और लोगों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

