मेरठ: रात का अंधेरा घना हो रहा था, पढ़ाई का माहौल था या शायद कुछ छात्र दिनभर की थकान के बाद आराम करने की सोच रहे थे। लेकिन शुक्रवार की रात चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के महाराणा प्रताप हॉस्टल में जो हुआ, उसने छात्रों की नींद उड़ा दी। अचानक हॉस्टल के भीतर दो जहरीले मेहमानों के घुसपैठ ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया। यह कोई पहली बार नहीं था, बल्कि छात्रों के मुताबिक, ऐसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं और इसके पीछे सीधा-सीधा यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
मामला रात का है, जब हॉस्टल के छात्र अपने-अपने कमरों में थे या कॉमन एरिया में चहलकदमी कर रहे थे। तभी किसी की नज़र एक सांप पर पड़ी, फिर दूसरे पर।
एक साथ दो-दो सांपों को देखकर छात्रों के होश उड़ गए। डर और दहशत का माहौल ऐसा बना कि तुरंत हॉस्टल प्रबंधन को इसकी सूचना दी गई।
इस बीच कुछ छात्रों ने इस खौफनाक मंज़र को अपने मोबाइल में कैद भी कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हॉस्टल प्रबंधन के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक अफरातफरी मच चुकी थी। छात्रों ने देखा कि एक सांप की तो मौके पर ही मौत हो चुकी थी, लेकिन दूसरा सांप पास ही एक पाइप में घुसकर छिप गया।
अब चुनौती थी इस दूसरे सांप को बाहर निकालना। छात्रों के मुताबिक, ये खौफनाक रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चला।
वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रबंधन के कर्मचारियों की टीम ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उस दूसरे सांप को भी पकड़ लिया। इसके बाद ही छात्रों ने कुछ राहत की सांस ली।
यह घटना एक बार फिर छात्रों के मन में हॉस्टल की सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर कई सवाल छोड़ गई।
प्रबंधन की लापरवाही का आरोप
छात्रों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है जब विश्वविद्यालय परिसर या हॉस्टल में सांप निकले हों। गर्मी का मौसम शुरू होते ही ऐसे जानवरों का दिखना आम हो गया है, और इसकी मुख्य वजह परिसर में नियमित साफ-सफाई का न होना है।
छात्र नेता अक्षय बसेला ने इस मामले पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “प्रबंधन द्वारा हॉस्टल और उसके आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई नहीं की जाती, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। सैकड़ों छात्र, जो अपने घर से दूर यहां पढ़ने के लिए रह रहे हैं, उनकी जान को इस तरह की अनियमितताओं के कारण हमेशा खतरा बना रहता है।
इसके बावजूद प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।”
लाइब्रेरी जाने वाले छात्रों को खतरा
अक्षय बसेला ने बताया कि केवल हॉस्टल के कमरों या गलियारों में ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिसर के अन्य स्थानों जैसे लाइब्रेरी या कैंटीन के आसपास भी ऐसे जानवर देखे गए हैं। छात्रों को डर रहता है कि पढ़ाई करने या सामान्य गतिविधियों के लिए बाहर निकलने पर कहीं उनका सामना ऐसे किसी जहरीले जीव से न हो जाए।
यह डर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी पढ़ाई पर भी असर डालता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की सुरक्षा विश्वविद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
पहले भी कमरे के अंदर मिला था सांप
छात्रों ने यह भी बताया कि यह कोई नया ट्रेंड नहीं है। कुछ समय पहले भी हॉस्टल के एक कमरे के अंदर सांप मिला था, जिससे छात्रों में काफी दहशत फैल गई थी।
उस वक्त भी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कुछ दिनों के लिए खानापूर्ति की और आश्वासन दिए, लेकिन फिर व्यवस्थाएं जस की तस हो गईं। छात्रों का कहना है कि हर बार घटना होने पर कुछ दिनों के लिए सफाई अभियान चलता है या दिखावटी कार्रवाई की जाती है, लेकिन समस्या की जड़ पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
नतीजा यह होता है कि कुछ समय बाद फिर से वैसी ही घटना सामने आ जाती है।
छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी है। छात्र नेता विनीत चपराना ने साफ शब्दों में कहा, “यदि विश्वविद्यालय प्रबंधन जल्दी ही साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो छात्र एकजुट होकर इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
इस आंदोलन की पूर्ण रूप से जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रबंधन की होगी।” छात्रों की यह चेतावनी बताती है कि उनका धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रबंधन पर टिकी हैं कि इस चेतावनी के बाद वे क्या कदम उठाते हैं।

