गोरखपुर: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) का आज आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। सूबे में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए आज का ये इम्तिहान काफी अहमियत रखता है। गोरखपुर जिले में भी आज सुबह से ही गहमागहमी का माहौल है। परीक्षा की तीसरी पाली, जो अपने आप में अंतिम है, सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगी। लेकिन परीक्षा केंद्र में एंट्री लेने के लिए अभ्यर्थियों को सुबह सवेरे ही पहुंचना पड़ा क्योंकि प्रवेश का समय 7:15 बजे से शुरू होकर 8:45 बजे तक ही सीमित था। इस अंतिम दिन, गोरखपुर के 32 केंद्रों पर कुल 13,560 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमाने के लिए पंजीकृत हैं, और इन सबकी किस्मत का फैसला आज होने वाला है।
इन उम्मीदवारों के लिए ये महज एक परीक्षा नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षक बनने के उनके सपने की आखिरी सीढ़ी है। लिहाजा, परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
हर किसी के चेहरे पर थोड़ी घबराहट, थोड़ी उम्मीद और ढेर सारी तैयारियों का बोझ साफ दिख रहा था। पिछले तीन दिनों से चल रही इस परीक्षा का आज समापन है, और इसे पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
कड़ी सुरक्षा और चाक-चौबंद इंतजामों के बीच परीक्षा
गोरखपुर जिले में UP TET की परीक्षा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कुल 32 परीक्षा केंद्रों पर, जहां हजारों छात्र-छात्राएं अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, हर कोने पर पैनी नजर रखी जा रही है।
परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल को रोकने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इसीलिए हर केंद्र पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पिछले तीन दिनों में, जिले में कुल 72,020 अभ्यर्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करना अपने आप में एक चुनौती होती है, खासकर तब जब नकल माफिया सक्रिय हों।
इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इनका काम सिर्फ परीक्षा की निगरानी करना नहीं, बल्कि हर गतिविधि पर नजर रखना, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी संदिग्ध हरकत सामने न आए।
ये मजिस्ट्रेट लगातार केंद्र के भीतर और बाहर का जायजा लेते रहे, ताकि परीक्षा बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
अधिकारियों ने दिए खास निर्देश: पारदर्शिता सबसे ऊपर
जिला प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि परीक्षा की पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर काम करने को कहा है। एडीएम सिटी ने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर पीने का साफ पानी, बिजली की सुचारू व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।
ये बुनियादी सुविधाएं सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों को एक तनावमुक्त माहौल देने के लिए बेहद जरूरी होती हैं, ताकि वे अपना पूरा ध्यान परीक्षा पर केंद्रित कर सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सुविधाओं की कमी से अभ्यर्थियों को कोई परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
पुलिस बल की मुस्तैदी और यातायात प्रबंधन
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का मोर्चा संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि सभी 32 परीक्षा केंद्रों पर पुलिसकर्मी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
उनका मुख्य काम परीक्षा परिसर के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। उन्होंने खासकर संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील केंद्रों की सूची पहले ही तैयार कर ली गई है, और इन जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। एसपी सिटी ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति परीक्षा में बाधा डालने या अनुचित साधनों का प्रयोग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की यह मुस्तैदी अभ्यर्थियों को सुरक्षा का एहसास दिलाती है और नकल करने वालों के मन में डर पैदा करती है।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा; हर कदम पर निगरानी
परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है प्रश्नपत्रों की सुरक्षा। इन्हें लेकर कोई चूक न हो, इसके लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रश्नपत्रों को डबल लॉक व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा गया है। इसका मतलब है कि प्रश्नपत्रों को ऐसे दो तालों वाली जगह पर रखा जाता है, जिन्हें एक साथ दो अलग-अलग चाबियों से खोला जाता है, और ये चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास होती हैं।
इसके अलावा, प्रश्नपत्रों के भंडारण से लेकर उन्हें परीक्षा हॉल तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय भी सघन जांच की जा रही है। मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है और हर अभ्यर्थी की ठीक से तलाशी ली जा रही है ताकि कोई भी प्रतिबंधित वस्तु या गैजेट अंदर न ले जा सके।
प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है कि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इन सब इंतजामों का मकसद यही है कि योग्य अभ्यर्थी ही शिक्षक बन सकें और कोई भी अयोग्य व्यक्ति गलत तरीके से इस महत्वपूर्ण पद तक न पहुंचे।

