गोरखपुर: पिपरा नई कॉलोनी, सहजनवा में गुरुवार की शाम को 6 साल का अंशुमान सिंह गोलगप्पे खाने घर से निकला था। किसी को क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा। शाम होते-होते उसका हंसता-खेलता घर मातम में डूब जाएगा और इसकी वजह बनेगा वही शख्स, जो उनके ही घर में किराए पर रहता था। जी हां, किराएदार कल्पेश ने पहले मासूम का अपहरण किया और फिर बड़ी बेरहमी से उसकी जान ले ली। इस वारदात ने पूरे गोरखपुर को हिलाकर रख दिया है।
मामला बड़ा ही दुखद और चौंकाने वाला है। विनय सिंह उर्फ कन्हैया का 6 साल का बेटा अंशुमान सिंह, जो यूकेजी का छात्र था, गुरुवार शाम करीब 5 बजे अपने घर से बाहर गोलगप्पे खाने गया था।
जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ी। उन्होंने आसपास, रिश्तेदारी में हर जगह उसकी तलाश की, लेकिन मासूम का कोई सुराग नहीं मिला।
रात होते-होते परिजनों ने हार मानकर सहजनवा पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए अपहरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज की और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल, किराएदार निकला हत्यारा
पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती था। मासूम की गुमशुदगी और अपहरण की आशंका ने पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया था।
रातभर पुलिस ने इलाके के चप्पे-चप्पे पर छानबीन की, खोजी कुत्तों की मदद से भी तलाश जारी रही। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी साबित हुई सीसीटीवी फुटेज।
एक मैरिज हॉल के पास लगे कैमरे में एक चौंकाने वाला दृश्य कैद हुआ था। फुटेज में दिखा कि बच्चा अपने घर में ही किराए पर रहने वाले कल्पेश के साथ जा रहा है।
जैसे ही यह फुटेज पुलिस के हाथ लगी, कहानी एक नया मोड़ ले चुकी थी।
शुक्रवार की सुबह पुलिस ने बिना देर किए आरोपी कल्पेश को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में तो वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया।
कल्पेश ने वो खौफनाक सच बताया, जिसे सुनकर पुलिस टीम भी सन्न रह गई। उसकी निशानदेही पर, दोपहर बाद करीब 3 बजे, घर से महज 200 मीटर की दूरी पर, एक खंडहरनुमा कमरे में मासूम अंशुमान का शव बरामद कर लिया गया।
शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
गोलगप्पे का लालच और फिरौती की साजिश
पुलिस की पूछताछ में आरोपी कल्पेश ने इस पूरी साजिश का खुलासा किया। उसने बताया कि करीब एक महीने पहले उसकी नौकरी छूट गई थी।
आर्थिक तंगी से वह बुरी तरह जूझ रहा था और पाई-पाई का मोहताज हो गया था। पैसे की इसी जरूरत ने उसे शैतान बना दिया।
उसने एक खौफनाक योजना बनाई— मासूम अंशुमान का अपहरण करके उसके पिता विनय सिंह से मोटी फिरौती वसूलने की।
अपनी योजना को अंजाम देने के लिए उसने गुरुवार शाम को मासूम अंशुमान को गोलगप्पे खिलाने का लालच दिया। बच्चा उसकी बातों में आ गया और उसके साथ चला गया।
कल्पेश उसे वार्ड संख्या-10 स्थित लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक बंद मकान के पीछे बने खंडहरनुमा कमरे में ले गया। वहां पहुंचकर उसने मासूम के हाथ-पैर बांधने शुरू किए, ताकि वह भाग न सके।
लेकिन इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी योजना का रुख मोड़ दिया।
सिर दीवार से टकराया और मासूम ने दम तोड़ दिया
कल्पेश ने पुलिस को बताया कि जब वह बच्चे के हाथ-पैर बांध रहा था, तभी बच्चा छटपटाया और उसका सिर अचानक दीवार से जा टकराया। सिर में गंभीर चोट लगने से मासूम अंशुमान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह हादसा था या जानबूझकर किया गया कृत्य, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा। हालांकि आरोपी ने इसे एक दुर्घटना बताया है।
बच्चे की मौत होते ही कल्पेश घबरा गया। उसकी फिरौती की सारी योजना धरी की धरी रह गई।
उसने शव को वहीं खंडहर में छोड़कर फरार होने में ही अपनी भलाई समझी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह भी साफ किया कि इस पूरी साजिश में वह अकेला था और उसकी पत्नी की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। वह खुद ही आर्थिक तंगी से परेशान था और उसी ने यह खौफनाक रास्ता चुना था।
आरोपी का बैकग्राउंड और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस जांच में कल्पेश के बारे में कुछ और जानकारी सामने आई है। वह मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा क्षेत्र का रहने वाला है।
पहले वह गीडा की एक फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन जैसा कि उसने खुद बताया, करीब एक महीने पहले उसकी वह नौकरी छूट गई थी। उसने प्रेम विवाह किया था और उसके बाद वह सहजनवा आकर रहने लगा था।
विनय सिंह के मकान में वह 26 मई 2026 से किराएदार के रूप में रह रहा था। जिस परिवार ने उसे अपने घर में पनाह दी, उसी के बच्चे की उसने जान ले ली।
घटना की जानकारी मिलते ही गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ फौरन मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं, जो जांच में मददगार साबित होंगे।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।
मासूम अंशुमान की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, घर में कोहराम मचा हुआ है। इलाके में भी लोग गुस्से और गम में डूबे हुए हैं।
बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, आरोपी कल्पेश पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

