सीवान: बिहार के सीवान में गुरुवार की रात एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे सदर अस्पताल को अस्त-व्यस्त कर दिया। सांप काटने से तड़पते एक 4 साल के मासूम बच्चे की जान क्या गई, परिजनों का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ऐसा हंगामा किया कि इमरजेंसी वार्ड रणभूमि में बदल गया। तोड़फोड़, मारपीट और भगदड़ के इस माहौल में अस्पताल की इमरजेंसी सेवा करीब चार घंटे तक ठप रही। और इस चार घंटे की ठप पड़ी सेवा की कीमत एक और जिंदगी ने चुकाई – एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक इलाज के अभाव में दम तोड़ गया।
मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जियाय गांव का है, जहां गुड्डू खान के चार वर्षीय बेटे रेहान खान को सांप ने काट लिया। परिजन बिना देर किए बच्चे को सीवान सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
लेकिन यहां पहुंचने के बाद जो हुआ, उसने परिजनों के गुस्से को बेकाबू कर दिया। उनका आरोप था कि बच्चे को अस्पताल लाए जाने के बाद भी काफी देर तक उसका इलाज शुरू नहीं किया गया।
इससे भी ज्यादा गंभीर आरोप ये था कि सांप काटने का इलाज करने के बजाय, डॉक्टरों ने बच्चे का मिर्गी का इलाज करना शुरू कर दिया। इसी लापरवाही के कारण मासूम रेहान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सदर अस्पताल में मौत के बाद जमकर बवाल
जैसे ही रेहान की मौत की खबर सामने आई, परिजनों का सब्र जवाब दे गया। अस्पताल में हाहाकार मच गया और देखते ही देखते यह हाहाकार गुस्से में बदल गया।
आक्रोशित भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मुकेश रंजन, जीएनएम नेहा कुमारी और इंटर्न छात्रों पर हमला बोल दिया। इस हमले में डॉक्टर मुकेश रंजन के हाथ में चोट आई, वहीं नर्स नेहा कुमारी की चूड़ी टूटने से उनका हाथ कट गया।
इंटर्न छात्रों को भी मारपीट का शिकार होना पड़ा। जान बचाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को इमरजेंसी वार्ड से भागना पड़ा।
वार्ड में भर्ती अन्य मरीज और उनके परिजन भी इस दहशत भरे माहौल में अपने बेड के पास दुबके रहे, उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है।
हंगामा सिर्फ मारपीट तक ही सीमित नहीं रहा। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के निजी सुरक्षा गार्ड के साथ भी हाथापाई की।
इसके बाद उन्होंने लाठी-डंडों से इमरजेंसी वार्ड में रखी बीपी मशीन, थर्मामीटर, नेबुलाइजर जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों और दीवारों पर लगे पंखों को भी तोड़-फोड़ दिया। अस्पताल में जगह-जगह गुस्सा और बर्बादी के निशान दिख रहे थे।
सड़क पर उतरा गुस्सा; जाम हुआ मुख्य मार्ग
इस बीच, हंगामे की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित परिजन डॉक्टरों को उनके सामने लाने की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति बिगड़ती देख कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को सदर अस्पताल बुलाया गया। बावजूद इसके, गुस्साई भीड़ शांत होने का नाम नहीं ले रही थी।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को धक्का देते हुए बच्चे के शव को अस्पताल के मुख्य गेट पर रख दिया और सीवान-बड़हरिया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया।
सड़क जाम की खबर फैलते ही जिले के बड़े अधिकारी हरकत में आए। पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा, एसडीओ आशुतोष गुप्ता और एसडीपीओ सदर-1 अजय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घंटों तक परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिर परिजनों ने सड़क जाम खत्म किया और सड़क पर से शव हटाया गया।
इमरजेंसी सेवा ठप, एक और जिंदगी ने दम तोड़ा
एक तरफ सड़क पर हंगामा चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के भीतर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इमरजेंसी सेवा बंद कर दी थी। लगभग चार घंटे तक अस्पताल की इमरजेंसी सेवा पूरी तरह से ठप रही।
इस दौरान कई गंभीर मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। सबसे दुखद बात यह रही कि इसी ठप पड़ी सेवा के कारण एक और जिंदगी ने दम तोड़ दिया।
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक को जब इलाज नहीं मिला, तो उसने अस्पताल के भीतर ही दम तोड़ दिया। इसके अलावा, कई मरीजों को निराश होकर दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
पुलिस-प्रशासन का दखल, फिर लौटी शांति
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा स्वयं इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और अस्पताल में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कराई।
एसपी के आश्वासन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इमरजेंसी सेवा दोबारा शुरू की। डॉक्टर मुकेश रंजन ने बच्चे के अस्पताल पहुंचने के बाद की स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि स्टाफ ने अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन अफसोस कि बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
इस घटना ने एक बार फिर डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच विश्वास और संवाद की खाई को उजागर कर दिया है।

