सीतापुर: खुद को पत्रकार बताने वाले एक शख्स ने विश्वास और रिश्तेदारी का ऐसा फायदा उठाया कि एक नाबालिग की जिंदगी में अंधेरा छा गया। मामला रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जहां आरोपी ने नशीले पदार्थ का सहारा लेकर वारदात को अंजाम दिया। इस पूरी घटना की शिकायत सीतापुर पुलिस से की गई, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन चूंकि वारदात लखनऊ की थी, इसलिए अब केस की कमान लखनऊ पुलिस के हाथों में है।
पूरा मामला रंजीत सिंह राठौर नाम के एक व्यक्ति से जुड़ा है, जो खुद को पत्रकार बताता है। आरोप है कि रंजीत ने जानबूझकर एक सोची-समझी साजिश रची।
वह लखनऊ में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचा। घर के लोग उसे जानते थे, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ।
लेकिन आरोपी के इरादे कुछ और ही थे। वह अपने साथ आम का शेक लेकर आया था, जिसमें उसने पहले से ही नशीला पदार्थ मिला रखा था।
जैसे ही नाबालिग लड़की और घर में मौजूद एक अन्य महिला ने वह शेक पिया, दोनों की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गईं। जब दोनों अचेत हो गईं, तब आरोपी रंजीत सिंह राठौर ने मौके का फायदा उठाया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। जब कुछ समय बाद परिजन घर पहुंचे, तो उन्होंने दोनों महिलाओं को बेसुध हालत में पाया।
घबराए हुए परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और केस का ट्रांसफर
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत दी। तहरीर में रंजीत सिंह राठौर पर गंभीर आरोप लगाए गए।
सीतापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की। हालांकि, शुरुआती जांच और तहरीर के विश्लेषण से यह बात सामने आई कि यह पूरी वारदात लखनऊ के हसनगंज थाना क्षेत्र की सीमा में हुई है।
कानूनन मामला उस इलाके का होता है जहां अपराध हुआ हो, इसलिए सीतापुर पुलिस ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस केस को लखनऊ कमिश्नरेट के हसनगंज थाने को ट्रांसफर कर दिया है। अब लखनऊ पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच के मुख्य बिंदु और आगे की प्रक्रिया
हसनगंज पुलिस अब इस केस में कई अहम पहलुओं पर काम कर रही है ताकि आरोपी को सजा दिलाई जा सके। पुलिस की जांच प्रक्रिया में निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- पीड़ित नाबालिग और अन्य महिला की मेडिकल रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि नशीले पदार्थ की पुष्टि हो सके।
- घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य (Forensic Evidence) जुटाए जा रहे हैं।
- घर में मौजूद अन्य लोगों और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
- आरोपी रंजीत सिंह राठौर की लोकेशन और उसकी गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामला पूरी तरह से लखनऊ पुलिस के पास है और जांच जारी है।

