नई दिल्ली: फुटबॉल के मैदान से आ रही है सबसे बड़ी खबर! वो घड़ी आ गई है, जिसका दुनियाभर के करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों को बेसब्री से इंतजार था। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब कोई इफ-बट नहीं, कोई दूसरा मौका नहीं! आज रात से शुरू हो रहे हैं ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले, यानी नॉकआउट स्टेज का आगाज। यहां से हर मैच करो या मरो का होगा, जहां एक गलती आपको टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती है। जब टीमें मैदान पर उतरेंगी तो उनकी साँसें थमी होंगी, क्योंकि दांव पर सिर्फ जीत नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप का गौरव होगा।
पहले ही दिन दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे, जो रोमांच की सारी हदें पार करने वाले हैं। एक तरफ मेजबान कनाडा की टीम मोरक्को से भिड़ेगी, तो दूसरी तरफ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे चल रहे किलियन एम्बापे की अगुवाई वाली फ्रांस का मुकाबला पैराग्वे से होगा।
एम्बापे ने अभी तक छह गोल दागकर अपनी टीम के लिए कमाल किया है और उनसे एक बार फिर गोलों की बारिश की उम्मीद होगी। आइए, जानते हैं इन धमाकेदार मुकाबलों का पूरा लेखा-जोखा।
कनाडा बनाम मोरक्को: मेजबान का इम्तिहान
आज रात का पहला मुकाबला मेजबान कनाडा और मोरक्को के बीच ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मैच रात 10:30 बजे शुरू होगा।
कनाडा के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि सम्मान और इतिहास रचने का अवसर है। अभी तक के रिकॉर्ड को देखें तो मोरक्को का पलड़ा भारी रहा है।
दोनों टीमों के बीच अब तक कुल दो मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मोरक्को ने एक मैच जीता है, जबकि एक मुकाबला बराबरी पर छूटा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है और वर्ल्ड कप के मंच पर इससे बेहतर मौका क्या हो सकता है?
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में भी यह दोनों टीमों की दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था।
इस बार कनाडा अपनी पिछली हार का बदला लेना चाहेगी। राउंड ऑफ 32 में कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से मात देकर अपनी जगह पक्की की थी, जो एक करीबी और कांटे का मुकाबला रहा।
वहीं, ग्रुप स्टेज में उन्होंने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर अपनी आक्रामक शक्ति का प्रदर्शन किया था। बोस्निया के खिलाफ उनका मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा था, जबकि स्विट्जरलैंड से उन्हें 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
दूसरी ओर, मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में नीदरलैंड के खिलाफ एक बेहद रोमांचक जीत दर्ज की। फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने 3-2 से बाजी मारी और अपनी काबिलियत साबित की।
ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं, ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्होंने 1-1 से ड्रॉ खेलकर सबको चौंका दिया था।
कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से शानदार खेल की उम्मीद होगी, जो मैच का रुख पलटने का दम रखते हैं। वहीं, मोरक्को के लिए स्टार विंगर हाकिम जियेच और अनुभवी डिफेंडर अचराफ हकीमी टीम की रीढ़ हैं, जिनके अनुभव पर पूरी टीम भरोसा करेगी।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:
- कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर।
- मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल।
किलियन एम्बापे की फ्रांस के सामने पैराग्वे की चुनौती
रात के दूसरे मुकाबले में दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक फ्रांस का सामना पैराग्वे से होगा। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 2:30 बजे से शुरू होगा।
इस मैच की सबसे बड़ी बात हैं किलियन एम्बापे, जो गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। उनकी रफ्तार, ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता किसी भी विरोधी टीम के लिए सिरदर्द साबित हुई है और पैराग्वे के डिफेंडरों के लिए उन्हें रोकना एक बड़ी चुनौती होगी।
फ्रांस और पैराग्वे के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने तीन मुकाबलों में अपनी धाक जमाई है, जबकि दो मैच ड्रॉ पर छूटे हैं।
पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है, लेकिन फ्रांस जैसी टीम के सामने यह काम आसान नहीं होने वाला।
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी थी।
वहीं, 1998 वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में भी फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि फ्रांस ने हमेशा पैराग्वे पर अपना दबदबा बनाए रखा है।
फ्रांस इस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है और उसने हर मुकाबले में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया, जिसने उनकी शानदार फॉर्म का सबूत दिया।
ग्रुप स्टेज में भी टीम ने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराकर शानदार जीत हासिल की थी। फ्रांस की टीम संतुलित है और हर विभाग में मजबूत दिख रही है।
दूसरी ओर, पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में जर्मनी जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। यह जीत यह साबित करती है कि पैराग्वे को हल्के में लेना किसी भी टीम के लिए महंगा साबित हो सकता है।
उनके खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरा है और वे फ्रांस को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार होंगे। आज रात के मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पैराग्वे अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को दोहरा पाता है या फिर फ्रांस अपनी अजेय बढ़त बनाए रखती है।

