खेल जगत: रग्बी लीग की दुनिया में आजकल बस एक ही नाम गूंज रहा है – स्टेट ऑफ ओरिजिन गेम 3! ऑस्ट्रेलिया के इस सबसे बड़े रग्बी मुकाबले का फाइनल और निर्णायक गेम है ये। न्यू साउथ वेल्स (ब्लूज़) और क्वींसलैंड (मरून्स) के बीच होने वाली ये टक्कर आर-पार की लड़ाई है, जहां दोनों टीमें अपनी पूरी जान लगा देंगी। माहौल इतना गरम है कि कहा जा रहा है कि ब्लूज़ के लिए ये सिर्फ़ एक गेम नहीं, बल्कि इज़्ज़त और इतिहास का सवाल बन चुका है।
बता दें कि इस सीरीज का दूसरा गेम ब्लूज़ के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। पहले गेम में जीत मिलने के बाद, दूसरे गेम में क्वींसलैंड ने उन्हें ऐसी पटखनी दी कि सब हैरान रह गए।
इंटरवल तक तो ब्लूज़ 4 पॉइंट से आगे थे, लेकिन फिर मरून्स ने ऐसा पलटवार किया कि स्कोर 44-24 हो गया। इस हार ने सीरीज को बराबरी पर ला दिया और अब फैसला गेम 3 पर आ टिका है।
और तो और, ये निर्णायक मुकाबला मरून्स के घर यानी क्वींसलैंड में ही खेला जाना है, जो ब्लूज़ के लिए एक और बड़ा चैलेंज है।
ब्लूज़ के लिए क्यों इतनी मुश्किल है ये लड़ाई?
अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें इतनी बड़ी बात क्या है? दरअसल, न्यू साउथ वेल्स का रिकॉर्ड क्वींसलैंड में खेले गए निर्णायक गेमों में बहुत खराब रहा है। पिछले 10 निर्णायक स्टेट ऑफ ओरिजिन गेमों में से उन्होंने क्वींसलैंड की धरती पर सिर्फ़ 3 ही जीते हैं।
यही नहीं, मौजूदा हेड कोच लॉरी डेली के अंडर खेली गई 6 सीरीज़ में से ब्लूज़ ने 5 गंवाई हैं। और मज़े की बात ये है कि इन पांच में से तीन सीरीज़ में उन्होंने पहले गेम में लीड ली थी, लेकिन आखिर में मात खा गए।
तो ये आंकड़े ब्लूज़ के लिए टेंशन बढ़ा रहे हैं, क्योंकि ये सिर्फ़ एक हार नहीं, बल्कि इतिहास की दुहराई जा रही कहानी लगती है।
इस बड़ी जंग के लिए, ब्लूज़ के हेड कोच लॉरी डेली ने अपनी टीम में कुल 6 बड़े बदलाव किए हैं। बता दें कि ये निर्णायक मुकाबला ब्रिसबेन के लैंग पार्क में खेला जाएगा।
टीम में एक नया चेहरा देखने को मिलेगा, वो हैं जैक बॉस्टॉक, जो अपना डेब्यू करने जा रहे हैं। उनका डेब्यू इसलिए और भी खास हो जाता है क्योंकि वो 2023 और 2025 में टीम के बेस्ट प्लेयर रहे ब्रायन टूओ की जगह ले रहे हैं।
टूओ का टीम से बाहर होना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला फैसला है, लेकिन डेली शायद कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं।
इसके अलावा, कंधे की चोट से जूझ रहे स्टीफन क्रिचटन को भी वापस शुरुआती लाइनअप में जगह मिल गई है। उनकी वापसी टीम के लिए कितनी असरदार साबित होगी, ये देखने वाली बात होगी।
वहीं, मार्क नावाक्वानीतवासे, जो पहले रग्बी यूनियन खेलते थे और अब रग्बी लीग में कमाल दिखा रहे हैं, उन्होंने अपने स्टेट ऑफ ओरिजिन डेब्यू में दो ट्राई स्कोर किए थे। उम्मीद है कि रग्बी यूनियन में वापस जाने से पहले वो इस गेम में भी कुछ धमाकेदार प्रदर्शन करेंगे और अपनी टीम को जीत दिलाएंगे।
क्या मरून्स ने अपनी टीम में कोई बदलाव किया?
दूसरी तरफ, क्वींसलैंड के हेड कोच बिली स्लेटर ने अपनी टीम में ज़्यादा बदलाव नहीं किए हैं। उन्होंने टीम को काफी हद तक वही रखा है, जो पिछले गेम में शानदार प्रदर्शन कर चुकी है।
लेकिन चोट से ठीक होकर दो बड़े खिलाड़ी वापस आए हैं। जेरेमिया नानाई कंधे की चोट से उबरकर लौटे हैं, वहीं पैट कैरिगन टखने की सर्जरी के बाद टीम में वापसी कर रहे हैं।
इन दोनों की वापसी से मरून्स की टीम और मज़बूत हुई है।
पिछले गेम में जिसने ब्लूज़ की नींद उड़ा दी थी, वो थे सेलविन कोबो। उन्होंने दूसरे हाफ में अकेले ही तीन ट्राई कर हैट्रिक लगा दी थी।
वो अपनी जगह पर बरकरार हैं, जो ब्लूज़ के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन सकते हैं। इसके अलावा, कैमरून मुंस्टर और हैरी ग्रांट भी टीम में बने हुए हैं।
हैरी ग्रांट वही खिलाड़ी हैं, जिन्हें न्यू साउथ वेल्स के पूर्व कोच फिल गोल्ड ने 'चीट' तक कह डाला था। ऐसे में ग्रांट के लिए भी ये मुकाबला सिर्फ़ एक खेल नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का मौका है।
फाइनल मुकाबला, किसकी होगी जीत?
कुल मिलाकर, ये स्टेट ऑफ ओरिजिन गेम 3 सिर्फ़ रग्बी का मैच नहीं, बल्कि भावनाओं, इतिहास और खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का मैदान है। एक तरफ जहां न्यू साउथ वेल्स अपने खराब रिकॉर्ड को तोड़ना चाहेगा और कोच लॉरी डेली पर से दबाव हटाना चाहेगा, वहीं क्वींसलैंड अपने घर में अजेय रहने की परंपरा को कायम रखना चाहेगा।
दोनों ही टीमों ने अपने तरकश में हर तीर आज़मा लिए हैं, अब बस मैदान पर जंग होनी बाकी है।
ये निर्णायक मुकाबला बुधवार, 8 जुलाई को खेला जाएगा। अगर आप ऑस्ट्रेलिया में हैं, तो इसे चैनल 9 और 9नाउ पर बिलकुल फ्री देख सकते हैं।
वहीं, अगर आप अमेरिका में हैं तो फॉक्स वन पर और यूके में स्काई स्पोर्ट्स पर इस धमाकेदार मुकाबले का लुत्फ उठा सकते हैं। अब देखना ये है कि इस आर-पार की लड़ाई में कौन बाजी मारता है – क्या ब्लूज़ इतिहास को बदल पाएंगे या मरून्स अपने घर में अपनी धाक कायम रखेंगे?







































