सीतापुर: रात का दूसरा पहर था, जब दुनिया नींद के आगोश में थी, लेकिन सीतापुर के महमूदाबाद इलाके के सरैयां कस्बे में एक मामूली सी चिंगारी ने लाखों का खेल बिगाड़ दिया। शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे का वक्त रहा होगा, जब एस.ई. ऑटो सेल्स हीरो मोटरसाइकिल एजेंसी में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और एक ही रात में कई नई मोटरसाइकिलों से लेकर दुकान के फर्नीचर और बाकी सामान को जलाकर राख कर दिया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और एजेंसी मालिक को एक झटके में लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है।
ये सब शुरू हुआ सरैयां किसान इंटर कॉलेज के सामने बनी इस मोटरसाइकिल एजेंसी से। कहानी थोड़ी फिल्मी है, लेकिन पूरी तरह सच है।
रात के करीब ढाई बजे थे। एजेंसी के ठीक ऊपर, मालिक इरफान का परिवार रहता है।
रात की शांति में अचानक एक अजीब सी आवाज़ गूंजने लगी – 'ट्रिन-ट्रिन-ट्रिन..
.'।
ये आवाज़ थी एजेंसी के बाहर लगी डोर बेल की, जो लगातार बज रही थी। दरअसल, बेल के तार आपस में टकरा गए थे, जिसकी वजह से ये अपने आप बजने लगी थी।
ऊपर घर में सो रहे इरफान के पिता की नींद इस लगातार बजती घंटी से खुल गई। पहले तो उन्हें लगा कि कोई इतनी रात को क्यों आया होगा, लेकिन जब घंटी बंद ही नहीं हुई, तो उन्हें कुछ गड़बड़ लगी।
रात के सन्नाटे में बजी खतरे की घंटी
इरफान के पिता अपने बिस्तर से उठे और नीचे एजेंसी की तरफ देखने पहुंचे। जैसे ही वे नीचे आए, उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं।
एजेंसी के भीतर से काले धुएं का गुबार और आग की तेज़ लपटें बाहर निकल रही थीं। पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि जिस दुकान को दिन भर में उन्होंने अपनी मेहनत से सजाया-संवारा था, वो इस तरह आग की चपेट में है।
उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत परिवार के दूसरे सदस्यों और एजेंसी संचालक इरफान को खबर दी। घर में हड़कंप मच गया।
सब लोग जान बचाने के लिए भागे-भागे बाहर आए। ये उनकी खुशकिस्मती थी कि वक्त रहते उन्हें आग का पता चल गया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सोचिए, अगर घंटी के तार न टकराते, तो शायद सुबह तक सब कुछ राख हो चुका होता और शायद जानमाल का भी बड़ा नुकसान हो जाता।
सूचना मिलते ही इलाके में मौजूद सरैयां पुलिस चौकी के जवान और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। रात के अंधेरे में दमकल की गाड़ियों के सायरन की आवाज़ से पूरा इलाका गूंज उठा।
आसपास के लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए। आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाना आसान नहीं था।
दमकल कर्मी अपनी पूरी ताकत से आग बुझाने में लग गए। स्थानीय लोगों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया।
बाल्टियों और पानी के पाइपों से आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू हुईं। धुएं और आग की लपटों के बीच, हर कोई बस यही दुआ कर रहा था कि जल्द से जल्द आग पर काबू पा लिया जाए, ताकि और नुकसान न हो।
दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि एजेंसी के अंदर ज्वलनशील पदार्थ और नई गाड़ियां थीं, जिससे आग और भड़क रही थी।
जब आग ने सब कुछ निगलना शुरू किया
आग ने एजेंसी के भीतर रखा एक-एक सामान अपनी चपेट में ले लिया था। शोरूम में चमक रही दर्जनों नई हीरो मोटरसाइकिलें धू-धू कर जलने लगीं।
उनकी बॉडी का प्लास्टिक पिघलकर फर्श पर फैल रहा था। टायर धमाके के साथ फट रहे थे और पेट्रोल टैंक से निकलती आग की लपटें भयावह मंजर पेश कर रही थीं।
केवल मोटरसाइकिलें ही नहीं, बल्कि ग्राहक सेवा के लिए बनाया गया फर्नीचर, कंप्यूटर, बिलिंग मशीनें, पंखे, लाइटिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। धुएं और गर्मी से एजेंसी की दीवारें काली पड़ गईं और छत भी क्षतिग्रस्त होने का डर था।
जिस जगह से लोगों को अपने सपने की सवारी मिलती थी, वही जगह पल भर में जलकर खंडहर जैसी दिखने लगी। लोगों की आंखों के सामने लाखों का सामान राख हो रहा था और वे बेबस होकर बस देख ही सकते थे।
काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। जब सुबह की पहली किरण फैली, तो एजेंसी का नजारा रूह कंपा देने वाला था।
जहां कभी नई चमचमाती बाइक्स की कतारें लगी होती थीं, वहां अब सिर्फ जले हुए ढांचे, काला धुआं और राख का ढेर पड़ा था। इस मंजर को देखकर एजेंसी संचालक इरफान और उनके परिवार की आंखों में आंसू आ गए।
उन्होंने बताया कि आग से करीब 40 से 42 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इतनी बड़ी रकम का नुकसान एक झटके में झेलना किसी के लिए भी आसान नहीं होता।
यह सिर्फ एक दुकान नहीं थी, बल्कि इरफान और उनके परिवार की सालों की मेहनत और भविष्य का सपना था, जो इस आग की भेंट चढ़ गया।
पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है। महमूदाबाद थाना पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को ही आग लगने की वजह माना जा रहा है।
हालांकि, वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई और वजह तो नहीं थी। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल का दौरा कर सकती है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने एजेंसी के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की भी बात कही है, अगर आसपास कोई कैमरा लगा हो तो। फिलहाल, इरफान और उनके परिवार के सामने इस भारी नुकसान से उबरने की चुनौती है।
यह घटना हमें एक बार फिर याद दिलाती है कि बिजली के तारों और उपकरणों का रख-रखाव कितना ज़रूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का सबब बन सकती है।

