प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसी खबर आई है, जिसने सबको चौंका दिया है। एक ही परिवार के दो सगे भाई, वो भी महज़ 22 दिनों के अंदर, अलग-अलग जगहों पर फंदे से लटके मिले। परिवार सदमे में है और चीख-चीखकर इसे हत्या बता रहा है। इन मौतों के पीछे आरोप लग रहे हैं इलाके के समाजवादी पार्टी के विधायक हाकिम लाल बिंद और उनके कुछ करीबियों पर। मामला सिर्फ दो जिंदगियों का नहीं, बल्कि करोड़ों की पुश्तैनी जमीन के एक बड़े विवाद का भी है, जिसने अब एक गंभीर आपराधिक मोड़ ले लिया है। पुलिस ने विधायक हाकिम लाल बिंद सहित कई लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई है।
ये कहानी शुरू होती है हंडिया थाना क्षेत्र के बनपुरवा गांव से, जहां स्वर्गीय इंद्रजीत का परिवार रहता था। उनके तीन बेटों में सबसे छोटे संतोष कुमार (28) की धूमधाम से शादी हुई थी।
7 जून को संतोष का विवाह सरायममरेज थाना क्षेत्र के हरिपुर मारो गांव की गौरी देवी से हुआ। 8 जून को नई नवेली दुल्हन की विदाई हुई, और घर में खुशियों का माहौल था।
लेकिन ये खुशी महज़ एक दिन की मेहमान थी। विदाई के ठीक बाद संतोष अचानक लापता हो गए।
पूरा परिवार परेशान, खोजबीन शुरू हुई, लेकिन 9 जून की सुबह जो खबर आई, उसने सबकी दुनिया उजाड़ दी। संतोष का शव घर से लगभग 150 मीटर दूर एक नीम के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला।
गांव में मातम पसर गया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार का दर्द और विधायक पर आरोप
संतोष की मौत को परिवार ने आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि ये हत्या है।
लेकिन शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि ये तो बस शुरुआत थी। 22 दिन बाद, इसी परिवार के सबसे बड़े बेटे सुशील कुमार (32) का शव भी घर के पास एक टीन शेड के बांस से दुपट्टे के सहारे लटका मिला।
एक ही घर में, इतनी कम अवधि में दो जवान बेटों की इस तरह संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इस बार परिवार के सब्र का बांध टूट गया।
बीच के भाई सुनील कुमार उर्फ दारा ने सीधे-सीधे हंडिया के सपा विधायक हाकिम लाल बिंद पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंडिया थाने में एफआईआर दर्ज करा दी।
सुनील कुमार उर्फ दारा ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि विधायक हाकिम लाल बिंद के इशारे पर उनके दोनों भाइयों संतोष और सुशील को लगातार धमकाया जा रहा था। सुनील ने अपनी शिकायत में लिखा, "हमारा कहा नहीं मानते हो तो पूरे परिवार को खतम कर दिया जाएगा।
" सुनील के मुताबिक, उनके छोटे भाई संतोष को तो शादी से पहले भी धमकी दी गई थी कि अगर शादी करोगे तो मार दिए जाओगे। और जैसा धमकाया गया था, ठीक वैसे ही हुआ।
शादी के महज तीन दिन बाद संतोष की लाश फंदे से लटकी मिली। सुनील का आरोप है कि तब पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया था, जिसका नतीजा ये हुआ कि ठीक 22 दिन बाद विधायक के इशारे पर दूसरे भाई सुशील की भी हत्या कर शव लटका दिया गया।
जमीन विवाद की पूरी कहानी
इन दो मौतों के पीछे असल वजह, परिवार के मुताबिक, जमीन का एक पुराना और गहरा विवाद है। मृतक भाइयों की मां लालती देवी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी के विधायक हाकिम लाल बिंद ने उनकी चार बीघा आठ बिस्वा पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर लिया है।
ये जमीन, जो विधायक के घर झिरहिरी गांव के पास ही बताई जा रही है, उसकी मौजूदा बाजार कीमत दो करोड़ रुपये के करीब है। इस जमीन को लेकर परिवार का जिला अदालत में एक केस भी चल रहा है।
परिवार का आरोप है कि चूंकि वे अपनी जमीन का केस लड़ रहे थे और विधायक के खिलाफ पैरवी कर रहे थे, इसलिए विधायक और उनके साथी लगातार उन्हें धमकाते थे कि अगर उन्होंने जमीन का पीछा नहीं छोड़ा, तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। लालती देवी का कहना है कि उनके बेटों की हत्या कर उनके शवों को फंदे से लटकाया गया है, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
विधायक पर हत्या का मुकदमा और अन्य नामजद आरोपी
मंजले भाई सुनील कुमार उर्फ दारा की शिकायत पर पुलिस ने सपा विधायक हाकिम लाल बिंद को मुख्य आरोपी बनाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। विधायक के अलावा कई अन्य लोगों को भी इस एफआईआर में नामजद किया गया है।
इनमें सुमित्रा नंदिनी, जो कि एक गायिका हैं और सैदाबाद की रहने वाली बताई जा रही हैं, उनका नाम भी शामिल है। इसके साथ ही अमित गौतम (सुमित्रा नंदिनी का भाई), गौरी (नंदू गौतम की पुत्री, सेवना निवासी) और संजय गौतम (गौरी के जीजा) को भी आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
विधायक का पलटवार और पुलिस का बयान
वहीं, इस गंभीर आरोप के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक हाकिम लाल बिंद ने अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि ये पूरी कहानी बीजेपी नेताओं की साजिश है और उन्हीं के कहने पर उनके खिलाफ ये एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विधायक ने खुद को निर्दोष बताया है और आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
प्रयागराज के एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच करेगी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वो कोई भी हो।
मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौजूद रहे और परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और सभी को पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार है।
यह मामला अब सिर्फ दो मौतों का नहीं, बल्कि एक सियासी और जमीन के बड़े झगड़े का भी बन गया है, जिसकी परतें अभी और खुलनी बाकी हैं।

