प्रयागराज: शादी को अभी ठीक से एक साल भी नहीं बीता था कि एक नवविवाहिता अचानक लापता हो गई। पति ने गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन मायके वालों के दिल में पहले दिन से ही शक का कांटा चुभा हुआ था – उन्हें लग रहा था कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। और उनका शक सही साबित हुआ, जब प्रयागराज से करीब सौ किलोमीटर दूर, फतेहपुर के खागा इलाके में, उस लापता दुल्हन का शव बरामद हुआ। इस खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए पति समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है।
ये दिल दहला देने वाला मामला प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पूरा गांव का है। यहां की रहने वाली रंजना पांडेय की शादी कुछ ही समय पहले कुनाल तिवारी के साथ हुई थी।
रंजना 12 जून 2026 से अचानक गायब हो गईं, जिसके बाद उनके पति कुनाल तिवारी ने बारा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। लेकिन रंजना के माता-पिता और भाई-बहनों का मन शुरुआत से ही बेचैन था।
उन्हें डर था कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी हो गई है और उन्होंने पुलिस के सामने कई बार अपनी आशंकाएं जताईं कि ये सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि हत्या का मामला हो सकता है।
मायके वालों का ये डर उस वक्त सच्चाई में बदल गया जब गुरुवार की तड़के सुबह बारा थाना पुलिस ने उन्हें फोन पर एक भयानक खबर दी। पुलिस ने बताया कि फतेहपुर के खागा क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव मिला है, और उसकी शिनाख्त रंजना पांडेय के तौर पर की गई है।
इस खबर के बाद तो जैसे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी आंखें नम थीं, और चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था।
परिजनों ने तुरंत हत्या की पुष्टि करते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस भी अब मामले को गंभीरता से लेते हुए, शव मिलने के बाद रंजना के पति कुनाल तिवारी, उनके नाना प्रसिद्धे और नानी शीला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
ये तीनों ही इस वक्त पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे एक-एक सवाल पूछा जा रहा है ताकि इस रहस्यमय मौत की परतें खोली जा सकें।
विवाह की तारीख और गुमशुदगी की पूरी कहानी
रंजना पांडेय की शादी बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पूरा गांव निवासी कुनाल तिवारी से 20 फरवरी 2025 को हुई थी। कुनाल, सुरेंद्र तिवारी उर्फ दीक्षित के बेटे हैं।
शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, या कम से कम बाहरी तौर पर तो यही लग रहा था। लेकिन 12 जून 2026 को रंजना अचानक अपने घर से लापता हो गईं।
उनके पति कुनाल तिवारी ने ही बारा थाने में अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू की, लेकिन रंजना का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
हर गुजरते दिन के साथ, परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी और उन्हें किसी अनहोनी का डर सताने लगा था।
लापता होने के बाद से ही रंजना के मायके वाले लगातार पुलिस और ससुराल वालों से संपर्क में थे। वे हर संभव जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा था।
अब जब शव मिल गया है, तो मायके वाले अपनी आशंकाओं को और जोर से उठा रहे हैं और इस मामले में गहन जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस के लिए यह एक चुनौती भरा मामला बन गया है क्योंकि एक तरफ गुमशुदगी की रिपोर्ट है और दूसरी तरफ शव मिलने के बाद हत्या की आशंका।
पिता का आरोप: यह हत्या है, आखिरी बात 10 जून को हुई थी
मृतका रंजना के पिता शिवशंकर पांडेय, जो घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव के रहने वाले हैं, अपनी बेटी की मौत से पूरी तरह टूट गए हैं। उन्होंने खुलकर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है।
शिवशंकर पांडेय का कहना है कि 10 जून की शाम को उनकी बेटी से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। यह गुमशुदगी की तारीख 12 जून से दो दिन पहले की बात है।
उस बातचीत के बाद से रंजना से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया था। उनके कई बार फोन करने पर भी बेटी से बात नहीं हो पाई, जिससे उन्हें चिंता होने लगी थी।
पिता शिवशंकर पांडेय ने इस बात पर जोर दिया है कि उनकी बेटी की मौत प्राकृतिक नहीं हो सकती और इसके पीछे एक गहरी साजिश है। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच करें और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शें नहीं।
उनका कहना है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे। इस आरोप के बाद से मामले में एक नया मोड़ आ गया है और पुलिस पर जांच का दबाव बढ़ गया है।
उन्हें अब सिर्फ गुमशुदगी की नहीं, बल्कि हत्या के एंगल से भी जांच करनी है।
पुलिस की तेजी: पति समेत तीन हिरासत में, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
गुरुवार की सुबह जब फतेहपुर के खागा क्षेत्र में रंजना का शव मिलने की सूचना बारा थाना पुलिस को मिली, तो उन्होंने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
इस दौरान, प्रयागराज और फतेहपुर पुलिस के बीच समन्वय भी देखा गया, क्योंकि मामला दो जिलों के बीच का था। शव की शिनाख्त होते ही, पुलिस ने सबसे पहले मृतका के पति कुनाल तिवारी को हिरासत में ले लिया।
उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि 12 जून के बाद क्या हुआ और रंजना फतेहपुर कैसे पहुंचीं।
इतना ही नहीं, पुलिस ने कुनाल तिवारी के नाना प्रसिद्धे और नानी शीला को भी हिरासत में लिया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद, ससुराल पक्ष से किसी तरह का उत्पीड़न, या कोई अन्य व्यक्तिगत रंजिश शामिल हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि रंजना की मौत कैसे हुई – गला घोंटकर, चोट लगने से, या किसी अन्य कारण से।
पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और हिरासत में लिए गए लोगों से हुई पूछताछ के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इस दुखद मामले का सच सामने आ पाएगा।

