मुंबई: शेयर बाजार की दुनिया भी अजीब है. यहां कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता. कभी कोई खबर रॉकेट बना देती है, तो कभी वही खबर शेयरों को धड़ाम कर देती है. कुछ ऐसा ही हुआ साउथ इंडियन बैंक के शेयरों के साथ. एक दिन पहले तक जिसने निवेशकों की चांदी करा रखी थी, वो अगले ही दिन औंधे मुंह गिरा. वजह? बैंक के नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति का ऐलान! सुनने में थोड़ा अटपटा लगेगा, पर सच यही है.
बुधवार को मार्केट खुला और खबर आई कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने बैंक के अगले मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (MD & CEO) के तौर पर महेश मुरलीधर पई के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है. बस, फिर क्या था! जिस शेयर ने एक दिन पहले ही अपना 52 हफ़्ते का नया हाई बनाया था, वो अचानक 9% से ज़्यादा टूट गया.
ये पिछले तीन महीने में साउथ इंडियन बैंक के शेयरों में आई सबसे बड़ी इंट्रा-डे गिरावट थी. मार्केट खुलते ही कुछ पैसों की मामूली बढ़त के साथ शुरुआत हुई थी, लेकिन देखते ही देखते शेयर लुढ़कना शुरू हो गए और निवेशकों के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं.
आखिर ये 'धड़ाम' क्यों हुआ, क्या है इसका मतलब?
दरअसल, शेयर बाजार में कई बार ऐसा होता है कि किसी बड़ी खबर के आने से पहले ही शेयरों में तेज़ी आ जाती है. निवेशक उम्मीदों पर दांव लगाते हैं.
साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने भी पिछले 10 महीनों में जबरदस्त रिटर्न दिया था. 5 सितंबर 2025 को ये शेयर ₹28.13 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर था, लेकिन 7 जुलाई 2026 तक ये 77.39% उछलकर ₹49.90 तक पहुंच गया था, जो इसका एक साल का रिकॉर्ड हाई था.
ऐसे में जब ये खबर सामने आई, तो कई निवेशकों ने इसे प्रॉफिट बुकिंग का मौका समझा. यानी जिन्होंने निचले स्तरों पर शेयर खरीदे थे, उन्होंने मौके का फायदा उठाकर अपने शेयर बेच दिए.
इसका नतीजा ये हुआ कि शेयरों में अचानक भारी गिरावट आ गई.
आज इंट्रा-डे में साउथ इंडियन बैंक का शेयर 9.87% तक टूटकर ₹43.02 के भाव पर आ गया था. हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली, लेकिन अभी भी ये काफी कमजोर स्थिति में है.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ये शेयर फिलहाल 6.91% की गिरावट के साथ ₹44.44 पर ट्रेड कर रहा था. कुल मिलाकर, नए बॉस के आने की खबर ने शेयर बाजार में बैंक के लिए 'वेलकम पार्टी' को थोड़ा फीका कर दिया है.
कौन हैं ये महेश मुरलीधर पई, जो साउथ इंडियन बैंक की कमान संभालेंगे?
अब बात करते हैं उस शख्स की, जिनके नाम का ऐलान होते ही बैंक के शेयरों में तूफान आ गया. महेश मुरलीधर पई.
50 साल के महेश मुरलीधर पई फिलहाल केनरा बैंक में चीफ जनरल मैनेजर के पद पर हैं. यानी, इनका बैंकिंग सेक्टर में अच्छा खासा अनुभव है.
रिज़र्व बैंक ने उन्हें 1 अक्टूबर 2026 से अगले तीन साल के लिए साउथ इंडियन बैंक का एमडी और सीईओ बनाने की मंजूरी दी है.
अभी तो आरबीआई की मंजूरी मिली है. इसके बाद 16 जुलाई को बैंक के बोर्ड की एक अहम बैठक होनी है.
इस बैठक में उनके नाम पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी. फिर शेयरहोल्डर्स से भी इस पर मंजूरी लेनी होगी.
ये सब एक प्रोसेस का हिस्सा है, जिसके बाद महेश पई साउथ इंडियन बैंक की कमान संभालेंगे.
केनरा बैंक में क्या-क्या झंडे गाड़े हैं महेश पई ने?
महेश मुरलीधर पई के अनुभव की बात करें तो, उनके पास लगभग तीन दशकों का लंबा अनुभव है. बैंकिंग के हर कोने में उन्होंने काम किया है.
चाहे वो गवर्नेंस हो, बैंक की रणनीति बनाना हो, ट्रेजरी हो, फॉरेन एक्सचेंज का काम हो, या फिर रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्रेडिट जैसे सेक्टर्स हों, उन्होंने हर जगह अपनी छाप छोड़ी है.
केनरा बैंक में रहते हुए उन्होंने कई नई पहल की हैं. इनमें सबसे खास है गोल्ड लोन वर्टिकल को स्थापित करना.
गोल्ड लोन आज के समय में बैंकों के लिए एक अहम सेगमेंट बन गया है, और महेश पई ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सिर्फ देश में ही नहीं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी केनरा बैंक का प्रतिनिधित्व किया है.
वो अमेरिका के न्यूयॉर्क और तंजानिया जैसे देशों में भी केनरा बैंक का काम संभाल चुके हैं. तो एक बात तो साफ है, उनके पास अनुभव की कोई कमी नहीं है.
अब देखना होगा कि साउथ इंडियन बैंक में उनका कार्यकाल कैसा रहता है.
शेयरों का पिछले एक साल का सफर कैसा रहा?
जैसा कि हमने पहले बताया, साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को मालामाल कर दिया था. 5 सितंबर 2025 को इसका भाव सिर्फ ₹28.13 था, लेकिन 7 जुलाई 2026 तक ये बढ़कर ₹49.90 के शानदार स्तर पर पहुंच गया.
यानी 10 महीने के भीतर करीब 77.39% का उछाल. जिन्होंने उस समय पैसा लगाया था, उनका पोर्टफोलियो चमक गया था.
लेकिन आज की गिरावट ने इस शानदार रैली पर हल्का सा ब्रेक लगा दिया है. ये बाजार की अपनी चाल है.
कभी शेयर ऊपर जाता है, कभी नीचे आता है. निवेशकों के लिए हमेशा यही सलाह होती है कि वो किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अच्छी तरह रिसर्च करें और अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
क्योंकि शेयर बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है.



































