अयोध्या: तड़के सुबह का वक्त था. अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर सन्नाटा चीरती हुई गाड़ियों की आवाजाही थी. तभी एकाएक एक ऐसा धमाका हुआ कि पूरा इलाका दहल गया. मुबारकगंज में राम मंदिर से कोई 35 किलोमीटर दूर, एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, सामने चल रहे ट्रक में ऐसे घुसी कि देखने वालों की रूह कांप गई. स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया था, मानो किसी ने उसे मुट्ठी में भींच दिया हो. कार के पहिए टूटकर दूर जा गिरे थे, छत गायब थी और गेट अलग होकर सड़क पर बिखरे पड़े थे. ये मंजर इतना भयानक था कि किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि इसके अंदर बैठे लोग बच पाए होंगे. इस दर्दनाक हादसे में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. ये परिवार हरिद्वार से अपने घर गोंडा लौट रहा था, खुशियों की उम्मीद में, लेकिन किस्मत ने रास्ते में ही मौत का पर्दा डाल दिया.
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे का वक्त था. अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र के मुबारकगंज में नेशनल हाईवे पर मातम पसर गया.
चश्मदीदों के मुताबिक, लखनऊ की तरफ से आ रही स्कॉर्पियो की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज़्यादा थी. ड्राइवर का गाड़ी पर से नियंत्रण छूटा और वो बेकाबू होकर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी.
टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो का आधा हिस्सा ट्रक के नीचे घुस गया. धमाके की तेज़ आवाज़ सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे.
जो देखा, उससे सभी सन्न रह गए. स्कॉर्पियो का हाल ऐसा था कि उसे देखकर पहचानना भी मुश्किल था कि ये कभी कोई गाड़ी रही होगी.
अंदर बैठे लोग चीख रहे थे, लेकिन पिचक चुकी गाड़ी में फंस गए थे.
हादसे का भयानक मंजर और पीड़ितों की पहचान
हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई. गाड़ी के शीशे टूट चुके थे और उसमें से खून रिस रहा था.
मौके पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन कोई समझ नहीं पा रहा था कि अंदर फंसे लोगों को कैसे निकाला जाए. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
पुलिस और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं. बचाव दल के लिए भी ये एक मुश्किल काम था क्योंकि गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी.
आखिरकार, स्कॉर्पियो के बचे हुए शीशे तोड़े गए और कटर की मदद से गाड़ी के पुर्जों को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया. जब लोगों को बाहर निकाला गया, तो तीन लोगों की सांसें थम चुकी थीं.
इनमें गोंडा की 34 साल की पिंकी, उनकी 14 साल की बेटी परी और सिद्धार्थनगर के 50 साल के दुर्गेश गुप्ता शामिल थे. बाकी चार लोग गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
हरिद्वार से लौट रहा था परिवार, बीच रास्ते मौत का कहर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस स्कॉर्पियो में कुल सात लोग सवार थे. ये सभी गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा गांव के राधेश्याम और सिद्धार्थनगर के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के चेतिया गांव निवासी दुर्गेश गुप्ता के परिवार से थे.
दरअसल, दोनों परिवार हरिद्वार से धार्मिक यात्रा पूरी कर अपने-अपने घर लौट रहे थे. उनकी यात्रा खुशहाल थी, लेकिन अयोध्या में आकर ये खुशियां मातम में बदल गईं.
मृतकों में जहां पिंकी (34), परी (14) और दुर्गेश गुप्ता (50) शामिल थे, वहीं गंभीर रूप से घायल होने वालों में दुर्गेश की पत्नी विजयलक्ष्मी (45), उनका बेटा अभिषेक गुप्ता, पिंकी के पति राधेश्याम (45) और उनका बेटा गोलू (12) शामिल हैं. सोचिए, एक ही पल में एक परिवार की खुशियां कैसे बिखर गईं.
जो लोग हरिद्वार से भगवान के दर्शन कर घर लौट रहे थे, उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है.
चश्मदीदों का बयान और बचाव कार्य
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कॉर्पियो इतनी तेज़ी से आ रही थी कि उसे देखकर ही अनहोनी का अंदेशा हो गया था. एक चश्मदीद ने बताया, "गाड़ी की स्पीड कम से कम 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज़्यादा रही होगी.
ड्राइवर ने शायद नियंत्रण खो दिया और वो सीधे ट्रक में जा घुसी. आवाज़ इतनी तेज़ थी कि हम दूर तक सुन पाए.
" हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस ने मोर्चा संभाला और ट्रैफिक को नियंत्रित करने की कोशिश की.
गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस की मदद से तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया. पुलिस ने बाद में क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो और ट्रक को रास्ते से हटवाया ताकि हाईवे पर आवाजाही सामान्य हो सके.
इस पूरे बचाव अभियान में काफी वक्त लगा, क्योंकि गाड़ी बुरी तरह से फंसी हुई थी.
जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
अयोध्या जिला अस्पताल के डॉक्टर पंकज कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, "सुबह करीब 10 बजे एंबुलेंस से 4 घायल लोगों को अस्पताल लाया गया था. सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.
हम उन्हें हर संभव चिकित्सा सहायता दे रहे हैं." अस्पताल में घायलों के परिजन बदहवास हालत में पहुंचे हैं.
परिवार के बचे हुए सदस्य इस उम्मीद में हैं कि उनके अपनों को जल्द से जल्द होश आ जाए और वे खतरे से बाहर निकल सकें. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.
हाईवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं, क्योंकि तेज रफ्तार के कारण ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं. इस खबर पर हमारी नजर बनी हुई है और जैसे ही कोई नया अपडेट आता है, हम आपको बताएंगे.

