गुरुदासपुर: पंजाब के बटाला में बुधवार को एक ऐसी कहानी लिखी गई, जिसे सुनकर फिल्मी पटकथा भी फीकी पड़ जाए। यहां पुलिस को चकमा देकर फरार होने की फिराक में लगे एक वांटेड बदमाश का सामना हुआ। पुलिस दल हथियार बरामद करने उसे एक सुनसान नहर किनारे लेकर गया था, लेकिन बदमाश के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उसने मौका देखते ही अपने पास छिपाकर रखी पिस्टल निकाली और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फिर क्या था, पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में इस खतरनाक अपराधी को उसके ही बनाए जाल में उलझा लिया। नतीजा? बदमाश के पैर में गोली लगी और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि फिरौती और फायरिंग के कई मामलों में वांटेड मलकीत सिंह उर्फ बिल्ला चिज्जड़ (28) था, जिसके आतंक से बटाला और आसपास के इलाके थर्राते थे।
आप सोच रहे होंगे कि ये बिल्ला चिज्जड़ आखिर कौन था और क्यों पुलिस उसे हथियार बरामद करने लेकर गई थी? तो जरा कहानी की शुरुआत से समझते हैं।
वांटेड बदमाश बिल्ला चिज्जड़: आतंक का दूसरा नाम
बटाला और उसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से एक नाम दहशत का पर्याय बन गया था—मलकीत सिंह उर्फ बिल्ला चिज्जड़। यह नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे, क्योंकि बिल्ला पर फिरौती मांगने और सरेआम फायरिंग करने के कई गंभीर आरोप थे।
उसने न सिर्फ दहशत फैलाई, बल्कि कई व्यापारियों को निशाना बनाकर अपनी खौफनाक मौजूदगी दर्ज कराई थी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि बिल्ला चिज्जड़ ने बटाला में कई जगहों पर फायरिंग कर सनसनी फैलाई थी। इनमें ‘फैशन लंदन गारमेंट्स’ नाम की दुकान, एक मशहूर कार डीलर का शोरूम और ‘राइफल रेस्टोरेंट’ जैसी जगहें शामिल थीं।
सोचिए, दिनदहाड़े ऐसी जगहों पर फायरिंग करने का मतलब क्या होता है? इसका सीधा मतलब था कि वह लोगों में अपना डर बैठाना चाहता था और फिरौती के लिए दबाव बनाना चाहता था। उसके खिलाफ पहले से ही कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें सिर्फ फायरिंग ही नहीं, बल्कि जान से मारने की धमकी और अन्य गंभीर अपराध भी शामिल थे।
पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी और उसे दबोचने के लिए जाल बिछा रही थी। आखिरकार, पुलिस ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया और यह एक बड़ी कामयाबी थी।
हथियार बरामदगी और बदमाश का चौंकाने वाला पलटवार
बिल्ला चिज्जड़ को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस के सामने एक और चुनौती थी — उसके पास से उन हथियारों को बरामद करना, जिनका इस्तेमाल उसने अपनी आपराधिक वारदातों में किया था। इसी सिलसिले में बुधवार को बटाला पुलिस टीम मलकीत सिंह को गुरदासपुर जिले के अलीवाल क्षेत्र में नहर किनारे लेकर गई।
पुलिस को उम्मीद थी कि बिल्ला चिज्जड़ उस जगह के बारे में बताएगा जहां उसने हथियार छिपा रखे हैं।
लेकिन बिल्ला चिज्जड़ की नीयत कुछ और ही थी। जैसे ही पुलिस टीम नहर के पास पहुंची, उसने एक चौंकाने वाला कदम उठाया।
अचानक, उसने मौके पर पहले से छिपाकर रखी हुई एक पिस्टल निकाली और बगैर सोचे-समझे पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। यह पल पुलिस के लिए बेहद खतरनाक था।
अपनी जान का जोखिम देखते हुए पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और बिल्ला चिज्जड़ को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन जब उसने फायरिंग जारी रखी, तो पुलिस के पास गोली चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
पुलिस की तरफ से की गई जवाबी फायरिंग में बदमाश मलकीत सिंह उर्फ बिल्ला चिज्जड़ के पैर में गोली लगी। गोली लगते ही वह वहीं गिर पड़ा और फिर उसे दबोच लिया गया।
अगर पुलिस ने तुरंत एक्शन न लिया होता, तो शायद स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। पुलिस के इस त्वरित और सटीक एक्शन ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
एनकाउंटर के बाद पुलिस का एक्शन और आगे की जांच
एनकाउंटर की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस के कई आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इनमें एसपी (पीबीआई) रमणिंदर सिंह, डीएसपी सिटी सुखइंदर सिंह, डीएसपी ललित कुमार, थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह और थाना घनिए के बांगर के एसएचओ लखबीर सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य और सबूत जुटाए।
बदमाश बिल्ला चिज्जड़ को तत्काल बटाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है।
अब पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। बिल्ला चिज्जड़ का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और उसके नेटवर्क में शामिल अन्य साथियों की भी तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि वे इस पूरे गैंग का पर्दाफाश करेंगे और जो भी इस खतरनाक अपराधी के साथ जुड़ा हुआ था, उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह एनकाउंटर एक संदेश है कि पंजाब में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़े एक्शन लेने में पीछे नहीं हटेगी।

