पटना: महाराष्ट्र में शिक्षकों की भर्ती के लिए होने वाली TET परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले ने पूरे देश में खूब सुर्खियां बटोरीं, और जब महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस बिहार की STF के साथ मिलकर पटना पहुंची, तो समझिए खलबली मच गई। बीती सोमवार देर रात, पटना के अगमकुआं (गांधी नगर) इलाके में किराए के एक फ्लैट पर पुलिस ने दबिश दी और परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी किसी आम चोर-उचक्के की नहीं, बल्कि एक ऐसे बड़े खेल की पहली कड़ी थी, जिसकी जड़ें बिहार से लेकर आगरा और मुंबई तक फैली थीं।
सुमन गुप्ता को गिरफ्तार करने के बाद, ठाणे पुलिस फौरन उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर महाराष्ट्र रवाना हो गई। मंगलवार को जब सुमन को कोर्ट में पेश किया गया, तो उन्हें 6 जुलाई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
इस अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए अब तक कुल चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले, 27 जून को ठाणे के भिवंडी से पटना के राजीव शाह, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को पकड़ा गया था।
इन तीनों को भी सुमन के साथ ही 6 जुलाई तक रिमांड पर रखा गया है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।
इधर, मुंबई पुलिस की अलग-अलग टीमें भी बिहार में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पटना के अलावा, समस्तीपुर और वैशाली जिलों में भी ताबड़तोड़ रेड मारी गई है, जिसमें दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई से साफ है कि यह सिर्फ एक पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि एक बहुत बड़े और पुराने सिंडिकेट का भंडाफोड़ है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।
छह महीने की 'पेपर लीक' प्लानिंग और पटना कनेक्शन
जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो, इस पूरे पेपर लीक की साजिश कोई रातों-रात नहीं रची गई थी। बल्कि, इस खेल का मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता पिछले छह महीनों से इसकी प्लानिंग कर रहा था।
पटना का पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड, जहां आरोपी राजीव शाह का अपार्टमेंट है, वही जगह इस साजिश का अड्डा बनी। यहां पर परीक्षा माफियाओं के कई दौर की गोपनीय बैठकें हुईं, जिसमें एक-एक पहलू पर चर्चा की गई कि कैसे पेपर लीक करना है और कैसे उसे बेचना है।
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वो ये कि बिजेंद्र ने इस बार महाराष्ट्र TET का प्रश्नपत्र सीधे आगरा के एक प्रिंटिंग प्रेस से उड़वाया था। समझिए, प्रिंटिंग प्रेस के अंदर ही सेंधमारी की गई! प्रश्नपत्र के चारों सेट उसे उत्तर प्रदेश के सोनू और अनूप ने सौंपे थे।
ये दोनों उसी प्रिंटिंग प्रेस के स्टाफ बताए जाते हैं। अब पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती है बिजेंद्र गुप्ता और उसके खास सहयोगी सोनीपत के कपिल दहिया को पकड़ना, जो इस समय फरार चल रहे हैं।
पत्नी का रोल और 'काले धन' का साम्राज्य
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि बिजेंद्र के काले कारनामों की पूरी जानकारी उसकी पत्नी सुमन गुप्ता को थी। इतना ही नहीं, सुमन इस पूरे गिरोह को आर्थिक मदद भी पहुंचाती थी।
पुलिस को शक है कि बिजेंद्र ने जो करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया है, उसकी सबसे बड़ी राजदार सुमन ही है। यानी, सुमन सिर्फ नाम की पत्नी नहीं, बल्कि इस अपराध के साम्राज्य की अहम किरदार थी।
बिजेंद्र ने पेपर लीक से कमाए गए करोड़ों रुपयों से दिल्ली में एक फ्लैट और पटना में एक आलीशान मकान खरीदा है। इसके अलावा, भूतनाथ रोड में सुमन के 'वीवीआईपी ब्यूटी स्टूडियो' में भी लाखों रुपये का निवेश किया गया है।
यह सब दिखाता है कि पेपर लीक के जरिए कितनी बड़ी संपत्ति बनाई गई थी और कैसे इस काले धन को सफेद करने की कोशिश की जा रही थी।
अर्टिगा कार और बाइक का रहस्य
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से सिर्फ प्रश्नपत्र ही नहीं, बल्कि कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें 4 सेट प्रश्नपत्रों के अलावा, 25.
50 लाख रुपये के कई चेक और एक मारुति अर्टिगा कार भी शामिल है। जांच में पता चला कि आरोपी इसी अर्टिगा कार से दिल्ली से आगरा (पेपर लेने के लिए) गए थे और फिर वहीं से मुंबई पहुंचे थे।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट यहीं खत्म नहीं होता। पुलिस के कान तब खड़े हो गए, जब उन्हें पता चला कि कार पर जो नंबर प्लेट लगी थी, वह पटना की एक हंटर बाइक की है।
यानी, एक ही नंबर प्लेट को बाइक और कार दोनों पर इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि पुलिस की आंखों में धूल झोंकी जा सके। मुंबई पुलिस ने अब पटना पुलिस से इस बाइक की पूरी डिटेल मांगी है, ताकि इस रहस्य से पर्दा उठ सके।
फरार कपिल दहिया और बिजेंद्र का लंबा इतिहास
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान, जब पुलिस ने भिवंडी के एक होटल में छापा मारा, तो हरियाणा का कपिल दहिया उस वक्त होटल के बाहर था। पुलिसिया कार्रवाई की भनक लगते ही वह फौरन वहां से भाग निकला और मुंबई से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली फरार हो गया।
अब पुलिस उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी में है, ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।
मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता का इतिहास भी काफी पुराना और दागदार है। वह पिछले 25 साल से अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया के तौर पर सक्रिय है।
इस महाराष्ट्र TET पेपर को बेचने के लिए उसने डेढ़ करोड़ रुपये की डील की थी। साल 2023 के ओडिशा JEE पेपर लीक में भी बिजेंद्र मुख्य आरोपी था, और उसके साले का नाम भी इस गोरखधंधे में शामिल होने की बात सामने आई थी।
यह दिखाता है कि यह अकेला मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का हिस्सा है, जिसकी जड़ें बहुत गहरी हैं।

