रायबरेली: सोचिए, कोई अस्पताल। वो जगह जहाँ लोग इलाज कराने, सहारा पाने आते हैं। जहाँ हर कोई उम्मीद करता है कि उसे इंसानियत मिलेगी। लेकिन अगर उसी अस्पताल में इंसानियत तार-तार हो जाए तो? जी हाँ, उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने देखने वालों को सकते में डाल दिया है। सरकारी अस्पताल में एक मानसिक रूप से कमजोर युवक, जो ज़मीन पर बैठा था, उसे एक महिला सफाईकर्मी ने बेरहमी से लातों से पीटा। ये घटना सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाली है, और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
मामला जिला पुरुष अस्पताल का है, जहाँ सोमवार की शाम करीब साढ़े 6 बजे का वक्त था। अस्पताल परिसर में अक्सर घूमने वाला एक मानसिक रूप से बीमार युवक शांत बैठा था।
तभी वहां एक महिला सफाईकर्मी आती है, और बिना किसी उकसावे के उस असहाय युवक पर अपना गुस्सा निकालने लगती है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला उसे उठने के लिए कहती है, और जब वो नहीं उठ पाता तो एक के बाद एक लातें बरसाना शुरू कर देती है।
39 सेकंड के इस वीडियो में उसने युवक को 10 से 11 बार लातें मारीं, सिर्फ पीठ पर ही नहीं, बल्कि उसके चेहरे पर भी। ये सब कैमरे में कैद हो रहा था और हैरानी की बात ये है कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ और अन्य लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, किसी ने भी उस गरीब को बचाने की जहमत नहीं उठाई।
सरकारी अस्पताल में लातों की बौछार
ये घटना रायबरेली के जिला पुरुष अस्पताल की है, जो अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन सोमवार की शाम यहाँ जो हुआ, उसने अस्पताल की छवि पर एक गहरा दाग लगा दिया है।
एक मानसिक रूप से कमजोर युवक, जिसका नाम सामने नहीं आया है, वो अस्पताल के फर्श पर शांति से बैठा था। उसकी हालत ऐसी थी कि वो अपना बचाव भी नहीं कर सकता था।
तभी संविदा पर काम करने वाली सफाईकर्मी पिंकी वहां पहुँचती है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पिंकी पहले युवक को कुछ कहती है और जब वो उसकी बात नहीं मानता या शायद समझ नहीं पाता, तो वो उसे बेरहमी से लातों से मारना शुरू कर देती है।
वीडियो देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्योंकि महिला सफाईकर्मी युवक की पीठ पर लगातार लातें मारती है और जब वो फर्श पर गिर जाता है, तब भी नहीं रुकती, बल्कि उसके चेहरे पर भी वार करती है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी क्रूरता वाकई चौंकाने वाली है।
कौन है ये दबंग महिला कर्मचारी?
इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाली महिला सफाईकर्मी का नाम पिंकी बताया जा रहा है। पिंकी पिछले तीन साल से जिला अस्पताल में संविदा के आधार पर सफाईकर्मी के तौर पर काम कर रही है।
वो अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में ही रहती है। स्टाफ के लोगों ने बताया कि सोमवार को पिंकी की ड्यूटी सुबह की शिफ्ट में थी, लेकिन इसके बावजूद वो शाम को भी अस्पताल में मौजूद थी।
यहीं पर उसकी मुलाकात उस मानसिक रूप से कमजोर युवक से हुई, जिसके साथ उसने ये बर्बरता की।
लेकिन पिंकी की दबंगई सिर्फ मारपीट तक ही सीमित नहीं थी। अस्पताल के स्टाफ ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है।
उनके मुताबिक, पिंकी सफाईकर्मी होने के बावजूद अक्सर नर्स की ड्रेस पहनती है। उसे कई बार इस बात के लिए टोका भी गया है, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ।
ये जानना ज़रूरी है कि नर्स या एएनएम को ये सफेद पोशाक पहनने की अनुमति साढ़े तीन साल की ट्रेनिंग के बाद ही मिलती है। पिंकी का ये कृत्य और उसका 'नर्स की ड्रेस' पहनना, दोनों ही सवाल खड़े करते हैं कि आखिर अस्पताल प्रशासन ऐसी अनियमितताओं पर पहले ध्यान क्यों नहीं देता।
एक सफाईकर्मी का नर्स की पोशाक में दबंगई दिखाना और फिर एक असहाय व्यक्ति पर हमला करना, अस्पताल के भीतर के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वीडियो ने खोली पोल और हुई कार्रवाई
39 सेकंड का ये वीडियो इस पूरी घटना का सबसे बड़ा सबूत है। इस वीडियो में पिंकी की क्रूरता साफ दिख रही है।
ये वीडियो अस्पताल में मौजूद किसी शख्स ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था और अब ये तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि पिंकी कैसे बिना किसी दया के एक असहाय युवक पर लातें बरसा रही है, जबकि पास में कई लोग मौजूद हैं, लेकिन कोई भी उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
ये चुप्पी भी अपने आप में एक सवाल है कि आखिर समाज में संवेदनहीनता इतनी क्यों बढ़ गई है कि लोग एक दर्दनाक घटना को देखते भर रहते हैं, मदद के लिए आगे नहीं आते।
वीडियो वायरल होने के बाद, अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ.
पुष्पेंद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल प्रभाव से महिला संविदा कर्मी पिंकी को निलंबित कर दिया है।
सीएमएस पुष्पेंद्र सिंह ने बताया, “महिला सफाई कर्मी के गलत व्यवहार को देखते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। और मामले की जांच की जा रही है।
” उम्मीद है कि इस जांच के बाद पिंकी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई भी दोबारा किसी असहाय के साथ ऐसी दरिंदगी करने की हिम्मत न कर सके। यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता की भी एक दुखद मिसाल पेश करती है।

