आगरा: सोचिए, आप एक ऐसे शहर में हों जो अपनी ऐतिहासिक खूबसूरती और दुनिया के अजूबे 'ताजमहल' के लिए जाना जाता है. जहां हर साल लाखों सैलानी आते हैं और अपने साथ कुछ हसीन यादें लेकर जाते हैं. लेकिन अगर इसी शहर की एक ऐसी सड़क, जिस पर एक 'पर्यटन थाना' भी मौजूद हो, वो रोज़ाना जाम, गंदगी और बदइंतजामी से जूझ रही हो, तो कैसा लगेगा? कुछ ऐसा ही हाल था आगरा के बसई इलाके में पर्यटन थाना रोड का. ये कोई छोटी-मोटी दिक्कत नहीं थी, बल्कि पूरे एक किलोमीटर के दायरे में सड़क पर अवैध सब्जी मंडी सज चुकी थी. आलम ये था कि यहां से दोपहिया वाहन भी मुश्किल से निकल पाते थे, चार पहिया वाहनों की तो बात ही छोड़िए. ये सिर्फ एक सब्जी मंडी नहीं थी, ये तो सड़क के दोनों किनारों पर फैला एक ऐसा कब्जा था, जिसने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था. लेकिन मंगलवार को इस लंबे इंतज़ार का अंत हुआ, जब नगर निगम का बुलडोजर गरजा और इस अवैध मंडी को ज़मींदोज़ कर दिया गया.
पर्यटन थाना रोड पर लंबा कब्ज़ा, जनता परेशान
दरअसल, यह कहानी आज की नहीं है. आगरा के बसई इलाके में स्थित यह पर्यटन थाना रोड एक बहुत ही महत्वपूर्ण मार्ग है.
इसका नाम ही 'पर्यटन थाना रोड' है, जिससे इसकी अहमियत समझी जा सकती है. लेकिन पिछले काफी समय से इस सड़क के दोनों किनारों पर सब्जी विक्रेताओं ने डेरा डाल रखा था.
धीरे-धीरे यह अस्थायी अतिक्रमण एक स्थायी 'अवैध सब्जी मंडी' में तब्दील हो गया. लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सड़क का बड़ा हिस्सा दुकानों और ठेलों से अटा पड़ा रहता था.
कल्पना कीजिए, जिस सड़क से पर्यटकों को भी गुजरना होता होगा, वहां उन्हें घंटों जाम में फंसना पड़ता था. स्थानीय निवासियों के लिए तो ये रोज़मर्रा की चुनौती बन चुका था.
बच्चे स्कूल जाने के लिए, लोग अपने दफ्तर जाने के लिए और आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी इस जाम में फंसे रहते थे. गंदगी का आलम ये था कि मिट्टी के ढेर और कूड़ा-करकट सड़क पर जमा रहता था, जिससे न सिर्फ बदबू आती थी, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बना रहता था.
चेतावनी के बावजूद नहीं हटे अतिक्रमणकारी
नगर निगम की टीम ने ऐसा नहीं है कि पहली बार इस समस्या पर ध्यान दिया हो. कई बार सब्जी विक्रेताओं को मौखिक और लिखित चेतावनी दी जा चुकी थी.
उन्हें बताया गया था कि वे सड़क से अपना सामान हटा लें, क्योंकि इससे आवागमन बाधित हो रहा है और आम जनता को परेशानी हो रही है. अधिकारियों ने उन्हें बार-बार समझाया था कि यह सरकारी ज़मीन है और उस पर इस तरह से कब्जा करना गैरकानूनी है.
लेकिन, हर बार उनकी चेतावनी को अनसुना कर दिया गया. सब्जी विक्रेता अपनी दुकानें और ठेले यथावत लगाए रखते थे.
शायद उन्हें लगता था कि कार्रवाई नहीं होगी या फिर वे कुछ दिनों के लिए हटकर फिर वापस आ जाएंगे. इस लगातार अनदेखी ने नगर निगम को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया था.
क्योंकि शहर की एक ऐसी प्रमुख सड़क, जिसका सीधा संबंध पर्यटन से भी हो, उसका इस तरह से बदहाल रहना पूरे शहर की छवि पर सवाल उठा रहा था.
जब मंगलवार को गरजा बुलडोजर: हड़कंप और विरोध
मंगलवार का दिन था, दोपहर के करीब 12 बज रहे थे. शहर में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन पर्यटन थाना रोड पर कुछ ही देर में हड़कंप मचने वाला था.
नगर निगम की टीम बुलडोजर और ट्रकों के साथ मौके पर पहुंच गई. उनके साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद था, जिसमें थाना ताजगंज पुलिस के जवान भी शामिल थे.
जैसे ही बुलडोजर के आने की खबर फैली और लोगों ने उसे अपनी आंखों से देखा, अवैध सब्जी मंडी में मौजूद विक्रेताओं के बीच अफरा-तफरी मच गई. कुछ सब्जी विक्रेताओं ने आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि कुछ ने इकट्ठा होकर इस कार्रवाई का विरोध करने की कोशिश की.
उन्होंने अधिकारियों और पुलिस से बहस भी की, लेकिन नगर निगम की टास्क फोर्स और पुलिस पूरी तैयारी के साथ आई थी. उन्होंने किसी भी विरोध को ज्यादा देर तक टिकने नहीं दिया और बलपूर्वक उन्हें मौके से हटाना शुरू कर दिया.
सामान जब्त, सड़क साफ: पैर से हटाए गए ठेले
बुलडोजर ने अपना काम शुरू कर दिया था. एक-एक करके अतिक्रमण को हटाया जाने लगा.
जो दुकानें और ठेले सड़क के किनारे जम गए थे, उन्हें बुलडोजर की मदद से किनारे किया गया. इस दौरान बहुत से सब्जी विक्रेताओं का सामान, जो उन्होंने हड़बड़ी में नहीं समेटा था, नगर निगम की टीम ने जब्त कर लिया.
जब्त किए गए सामान को ट्रकों में लोड किया गया. अभियान के दौरान एक तस्वीर ऐसी भी सामने आई, जिसमें नगर निगम का एक कर्मचारी पैर से मारकर सब्जी विक्रेताओं के सामान को हटाता दिखा.
यह दर्शाता है कि कार्रवाई कितनी सख्ती से की जा रही थी. पूरी सड़क पर जहां कुछ देर पहले तक सब्जियों के ढेर और ठेलों का राज था, वहां अब बुलडोजर चलता दिख रहा था.
टीम ने न सिर्फ अतिक्रमण हटाया, बल्कि सड़क पर जमा मिट्टी के ढेर और गंदगी को भी साफ किया. बुलडोजर की मदद से सड़क को समतल किया गया और भविष्य में पानी की निकासी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, ताकि फिर से गंदगी न जमे.
शहर को मिली राहत, सड़क हुई अतिक्रमण मुक्त
कई घंटों तक चले इस अभियान के बाद, आखिरकार पर्यटन थाना रोड को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया. जिस एक किलोमीटर के दायरे में पैदल चलना भी मुश्किल था, वह सड़क अब पूरी तरह से साफ और खुली थी.
इस कार्रवाई से न सिर्फ स्थानीय निवासियों को आवागमन में राहत मिली, बल्कि शहर की छवि पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. अब पर्यटक भी बिना किसी परेशानी के इस मार्ग का उपयोग कर पाएंगे.
नगर निगम और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह अभियान उन सभी अतिक्रमणकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो शहर के सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा जमाकर आम जनता के लिए मुश्किलें खड़ी करते हैं.
सड़क अब पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त हो चुकी थी और उस पर आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो चुकी थी.

