पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले का धमदाहा नगर पंचायत. यहां के ठाकुरबाड़ी टोला, वार्ड संख्या-19 में सोमवार की अंधेरी रात ने एक ऐसी कहानी लिख दी, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. 25 साल की रिंकी कुमारी का शव उसके कमरे में फंदे से झूलता मिला. ये कोई सामान्य घटना नहीं थी, क्योंकि इसके पीछे एक लंबी दास्तान थी प्रताड़ना की, मायके लौटने की और फिर एक रात अचानक हुई मौत की, जिसने अब सीधे तौर पर उसके पति को सवालों के कटघरे में ला खड़ा किया है. रिंकी की मां सुनीता देवी ने दामाद राजेश कुमार भगत पर सीधा-सीधा हत्या का आरोप जड़ दिया है और पुलिस से मांग की है कि उसकी बेटी को इंसाफ मिले.
ये मामला सिर्फ एक संदिग्ध मौत का नहीं है, बल्कि घरेलू हिंसा और रिश्तों में आए दरार की दर्दनाक सच्चाई को भी सामने लाता है. घटना के बाद से ही ठाकुरबाड़ी टोला में मातम और आक्रोश का माहौल है.
हर कोई यही जानना चाह रहा है कि आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ कि हँसती-खेलती रिंकी अपनी जान गँवा बैठी? क्या यह खुदकुशी थी, या फिर जैसा कि परिवार आरोप लगा रहा है, हत्या?
शादी और फिर तीन साल की दूरियां: एक रिश्ते की कड़वी सच्चाई
कहानी करीब पांच साल पहले शुरू हुई थी, जब रिंकी कुमारी की शादी नवगछिया निवासी राजेश कुमार भगत से हुई थी. शुरुआत में सब ठीक-ठाक रहा, लेकिन शादी के लगभग दो साल बाद ही इस रिश्ते में दरार पड़ने लगी.
रिंकी के मायके वालों का आरोप है कि राजेश और उसके ससुराल पक्ष के लोग रिंकी को दहेज या किसी और बात को लेकर लगातार प्रताड़ित करने लगे थे. यह प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि रिंकी के लिए अपने ससुराल में रहना मुश्किल हो गया.
आखिरकर, उसने अपने मायके ठाकुरबाड़ी टोला में वापस लौटने का फैसला किया. पिछले तीन सालों से रिंकी अपने माता-पिता के साथ ही रह रही थी, अपने पति और ससुराल से दूर, इस उम्मीद में कि शायद दूरियां रिश्तों की कड़वाहट कम कर देंगी या कोई समाधान निकल आएगा.
रिंकी की मां सुनीता देवी और उसके भाई ने कई बार राजेश से इस बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे थे. रिंकी ने भी शायद अपने मन में एक नए जीवन की उम्मीद पाल रखी होगी, या कम से कम शांति की तलाश में अपने मायके में पनाह ली थी.
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. वह शांति उसे हमेशा के लिए मिल गई, पर उस कीमत पर जिसका अंदाजा शायद किसी ने नहीं लगाया होगा.
रविवार की रात और विवाद की आग
वो रविवार की रात थी, जब कहानी ने एक और मोड़ लिया. रात के करीब 12 बजे राजेश कुमार भगत अपनी पत्नी रिंकी से मिलने उसके मायके ठाकुरबाड़ी टोला पहुंचा.
परिवार के सदस्यों ने बताया कि राजेश के आने पर सामान्य तरीके से खाना-पीना हुआ. लेकिन खाना खाने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई.
ये बहस धीरे-धीरे विवाद में बदल गई और फिर इसकी आंच इतनी तेज हो गई कि राजेश गुस्से में घर से बाहर निकल गया. परिवार के सदस्यों ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की होगी, लेकिन बात किस मोड़ पर बिगड़ गई, ये साफ नहीं है.
राजेश के घर से निकलने के बाद कुछ देर के लिए शायद सब शांत हो गया होगा, लेकिन ये शांति तूफान से पहले की खामोशी निकली.
राजेश के जाने के कुछ देर बाद, जब रिंकी की मां और भाई उसके कमरे में पहुंचे, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं. उनकी बेटी, उनकी बहन, छत से लटकी हुई थी.
यह मंजर इतना भयानक था कि शायद ही कोई मां-बाप उसे बर्दाश्त कर पाए. उन्होंने तुरंत रिंकी को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
रिंकी की सांसें थम चुकी थीं, और उसकी जिंदगी का सफर थम गया था. घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई.
पूरे इलाके में ये खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. हर कोई इस दर्दनाक घटना का चश्मदीद बनने को बेताब था.
आरोप और फरार पति: सवालों के घेरे में राजेश
रिंकी की मां सुनीता देवी और उसकी मौसी ने तत्काल आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है. उनका इशारा सीधे तौर पर दामाद राजेश कुमार भगत की तरफ था.
उन्होंने बताया कि राजेश घटना के तुरंत बाद अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया था, जो उनके आरोपों को और बल देता है. "हमारी बेटी को मारा गया है, ये फांसी नहीं है, हत्या है!" सुनीता देवी ने रोते हुए धमदाहा थाने में राजेश कुमार भगत के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.
इस गंभीर आरोप के बाद पुलिस भी तत्काल हरकत में आ गई.
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
घटना की सूचना मिलते ही धमदाहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी.
पुलिस टीम ने सबसे पहले रिंकी के शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस मामले में कई अहम खुलासे कर सकती है.
इसके साथ ही, पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए. इन साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेजा जा सकता है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
धमदाहा थाना प्रभारी रविशंकर कुमार ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
राजेश कुमार भगत की तलाश जारी है और पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर सकती. इस घटना ने एक बार फिर समाज में घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की भयावह तस्वीर पेश की है.
पीड़ित परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है और पूरा समाज पुलिस की जांच पर टकटकी लगाए बैठा है.

